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हरियाणा के किसानों का भविष्य बागवानी में:जेपी दलाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Dec 2022 09:00 AM IST
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Future of Haryana farmers in horticulture: JP Dalal
बागवानी विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र अंजनथली में पॉलीहाउस में आलू के बीच उत्पादन तकनीक का
हरियाणा के कृषि और किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने शुक्रवार को महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र अंजनथली में करीब 14 करोड़ 50 लाख रुपये से बनने वाले टीचिंग ब्लॉक, किसान भवन का शिलान्यास किया। इसके साथ ही इसी लागत में शामिल करीब 5.30 लाख रुपये की लागत से बने मुख्य द्वार और चहारदीवारी का लोकार्पण किया।
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इस दौरान उन्होंने कहा कि हरियाणा के किसानों का भविष्य बागवानी में है। शहद, मशरूम, टमाटर और फल-फूल पर ध्यान केंद्रित करते हुए किसानों से कहा कि वे प्राकृतिक खेती को अपनाकर सब्जियों, फलों का उत्पादन कर अधिक लाभ ले सकते हैं। किसान बगैर पेस्टीसाइड के खेती की ओर बढ़ें। समारोह में सांसद संजय भाटिया, नीलोखेड़ी के विधायक धर्मपाल गोंदर, भाजपा जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डा. आदित्य प्रताप डबास, डीएचओ मदन लाल, एमएचयू रजिस्ट्रार डा. अजय सिंह, डीआर आरके गोयल, बागवानी महाविद्यालय डीन डा. रंजना गुप्ता, ईओ सुरेश सैनी, डा. विजय अरोड़ा, एचटीआई प्रिंसिपल जोगिन्द्र सिंह, डा. विमला, डा. सतेंद्र यादव आदि ने कृषि मंत्री का स्वागत किया।
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शिलान्यास और लोकार्पण करने के बाद कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि बागवानी विश्वविद्यालय किसानों की आमदनी बढ़ाने में विशेष कार्य करेगी, जो किसानों के लिए विभिन्न पैक हाउस बनाए गए हैं, उनमें तकनीकी ज्ञान प्रदान करेगी। उन्होंने आलू उत्पादन के लिए बीज तैयार करना एवं किसानों को विभिन्न सब्जियों की पौध उपलब्ध करवाने के लिए एमएचयू की सराहना की। विश्वविद्यालय विभिन्न तकनीकों एवं बीजों को उपलब्ध करवाने में सक्षम होगी। कृषि क्षेत्र में काफी बढ़ोतरी हो रही है, हरियाणा के किसानों का अपना भविष्य बागवानी में तलाशना चाहिए। हरियाणा सरकार, गन्नौर में तीन करोड़ की लागत से एशिया की सबसे बड़ी बागवानी मंडी बना रही है। जो दो सालों में बनकर तैयार होगी। जिससे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा। किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। प्रदेश में लगातार कृषि योग्य भूमि कम होती जा रही है, इसलिए किसान मिलकर खेती करें जिससे उन्हें ज्यादा फायदा होगा।
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अगले साल बीएससी में दोगुने होंगे दाखिले
महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. समर सिंह ने बताया कि टीचिंग ब्लॉक में स्नातकोत्तर की कक्षाएं लगती थी, प्रतिवर्ष 30 छात्र बीएससी होर्टिकल्चर में दाखिला लेते हैं, जिनकी संख्या अगले वर्ष से दोगुनी यानि 60 हो जाएगी। इसके साथ एमएससी और पीएचडी के छात्र एचएयू की जगह यहीं पढ़ाई करेंगे। इसलिए व्यवस्था को बनाए रखने के लिए टीचिंग ब्लॉक के विस्तार की आवश्यकता थी। इसका निर्माण करीब 6 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। इसी प्रकार किसान भवन के निर्माण पर 2 करोड़ 87 लाख रुपये खर्च होंगे। जिसमें 60 कमरे होंगे जहां पर किसान ट्रेनिंग के दौरान ठहर सकेंगे।
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