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घरौंडा 65 लाख रुपये की हेराफेरी
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गांव मुनक के एचडीएफसी बैंक में 65 लाख रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है। बैंक के क्लस्टर हेड की शिकायत पर पुलिस ने शाखा मैनेजर सहित तीन अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एचडीएफसी की मुनक शाखा में 18 मार्च को ऑडिट टीम द्वारा की गई जांच के दौरान शाखा में रखी गई नकदी में गड़बड़ी मिली। वाल्ट कैश रजिस्टर के मुताबिक बैंक में उस दिन 79 लाख, 89 हजार 159 रुपये की नकदी होनी चाहिए थी, लेकिन ऑडिट टीम को बैंक में केवल 14 लाख 89 हजार 159 रुपये ही कैश मिला। ऑडिट में सामने आया कि बैंक में रखे दो हजार के 3250 नोट गायब हैं। आधिकारिक पुष्टि के अनुसार, बैंक मैनेजर सुशील मित्तल मौके पर उपस्थित थे लेकिन कुछ देर बाद वह बैंक से गायब हो गए और उनका संपर्क भी नहीं हुआ। बैंक द्वारा की गई विभागीय जांच में पाया गया कि इस हेराफेरी में मैनेजर के अलावा कैशियर सूरज व सहायक मैनेजर अर्पित अग्रवाल भी संलिप्त हैं।
ऑडिट टीम ने अपनी रिपोर्ट बैंक के उच्च अधिकारियों को सौंप दी। इसके बाद इस मामले की शिकायत पुलिस को की गई। करीब चार माह तक आर्थिक सेल ने इस मामले की जांच की और हेराफेरी के आरोप सही पाए जाने पर तीनों अधिकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है । इस प्रकरण में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस बारे में थाना प्रभारी सचिन कुमार का कहना है कि एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों के द्वारा दी गईं शिकायत पर कार्रवाई कर बैंक के मैनेजर, कैशियर व सहायक मैनेजर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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एचडीएफसी की मुनक शाखा में 18 मार्च को ऑडिट टीम द्वारा की गई जांच के दौरान शाखा में रखी गई नकदी में गड़बड़ी मिली। वाल्ट कैश रजिस्टर के मुताबिक बैंक में उस दिन 79 लाख, 89 हजार 159 रुपये की नकदी होनी चाहिए थी, लेकिन ऑडिट टीम को बैंक में केवल 14 लाख 89 हजार 159 रुपये ही कैश मिला। ऑडिट में सामने आया कि बैंक में रखे दो हजार के 3250 नोट गायब हैं। आधिकारिक पुष्टि के अनुसार, बैंक मैनेजर सुशील मित्तल मौके पर उपस्थित थे लेकिन कुछ देर बाद वह बैंक से गायब हो गए और उनका संपर्क भी नहीं हुआ। बैंक द्वारा की गई विभागीय जांच में पाया गया कि इस हेराफेरी में मैनेजर के अलावा कैशियर सूरज व सहायक मैनेजर अर्पित अग्रवाल भी संलिप्त हैं।
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ऑडिट टीम ने अपनी रिपोर्ट बैंक के उच्च अधिकारियों को सौंप दी। इसके बाद इस मामले की शिकायत पुलिस को की गई। करीब चार माह तक आर्थिक सेल ने इस मामले की जांच की और हेराफेरी के आरोप सही पाए जाने पर तीनों अधिकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है । इस प्रकरण में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस बारे में थाना प्रभारी सचिन कुमार का कहना है कि एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों के द्वारा दी गईं शिकायत पर कार्रवाई कर बैंक के मैनेजर, कैशियर व सहायक मैनेजर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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