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चालीस पार हुए डेंगू पॉजिटिव
ब्यूरो/अमरउजाला, करनाल
Updated Sat, 19 Sep 2015 01:14 AM IST
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नगर निगम के सेनेटरी इंस्पेक्टर को डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया है।
ऐसे में पुलिस महकमे, डाकघर के बाद अब नगर निगम कार्यालय में भी डेंगू की
दस्तक हो चुकी है। नगर निगम के पानीपत से आने वाले सेनेटरी इंस्पेक्टर
सुरेंद्र चोपड़ा को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है, हालांकि उनका इलाज भी
पानीपत में ही चल रहा है। वहीं दूसरी और डिप्टी डायरेक्टर पीके गुप्ता की
पत्नी भी डेंगू की चपेट में है और उनको नोएडा के अस्पताल में भर्ती कराया
गया है। डेंगू के डंक से निपटने के लिए अब जिले की सामाजिक संस्थाओं के
साथ-साथ नगर निगम भी आ गया है। नगर निगम ने शहरवासियों पर आए इस संकट को
टालने के लिए स्वास्थ्य विभाग को दो गाड़ियां उपलब्ध कराई हैं। साथ ही
फोगिंग के लिए नगर निगम अपने स्तर पर ही स्वास्थ्य विभाग को डीजल भी उपलब्ध
करा रहा है। अब स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ अन्य संस्थाओं व नगर निगम के
एकजुट होने से शहरवासियों को डेंगू व ऐनाफ्लिज से मुक्ति मिलने की उम्मीद
जग गई है। वहीं दूसरी ओर अभी भी जिले में डेंगू अपने पांव पसारता जा रहा
है। जिला स्टेट लैब की रिपोर्ट में अभी तक 40 डेंगू पॉजीटिव केस आ चुके
हैं। इनमें से एक सोनीपत जिले का था। हालांकि स्वास्थ्य विभाग जिले में एक
भी डेंगू पॉजिटिव मरीज की बात नहीं मान रहा है, लेकिन प्राइवेट अस्पतालों
के रिकॉर्ड की बात करें तो अभी तक कुल 8 लोगों की डेंगू जान ले चुका है।
वहीं जिला स्टेट लैब में अब डेंगू के लिए रक्त की जांच कराने वाले मरीजों
की संख्या में कुछ कमी आने से स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है।
गौरतलब है कि दो दिन पहले तक प्रतिदिन इस लैब में करीब 400 मरीज रोजाना
प्लेटलेट्स के लिए रक्त की जांच करा रहे थे।
45 हजार घरों में किया एंटी डेंगू का छिड़काव, 114 को थमाए नोटिस
स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरूक करने के व डेंगू से बचाने के लिए घर-घर जाकर एंटी डेंगू का छिड़काव करने में जुटा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की बात करें तो अभी तक स्वास्थ्य विभाग की चार टीमें 45 हजार घरों का निरीक्षण कर चुकी हैं। यहां टीमों ने न केवल एंटी डेंगू का छिड़काव किया है, बल्कि मलेरिया के लिए सैंपल लेकर स्लाइड भी तैयार की हैं। वहीं दूसरी ओर 114 घरों में टीमों ने डेंगू के लारवा को पाया। इस दौरान टीम ने इन घरों से लारवा को नष्ट करते हुए इन घरों के संचालकों को नोटिस भी थमाए हैं।
दिल्ली की तर्ज पर डेंगू के मरीजों की तय हो फीस
डेंगू पीड़ित लोगों ने दिल्ली की तर्ज पर सभी निजी अस्पतालों में डेंगू के टेस्ट व इलाज के लिए फीस निर्धारित करने की मांग की है। करनाल में इस समय हाल यह हैं कि यहां निजी डॉक्टर डेंगू से लोगों को डराकर उन्हें एडमिट करके 10 से 25 हजार तक की वसूली कर रहे हैं, जबकि डेंगू में केवल सावधानी बरतने की जरूरत है।
हमारी टीमें लगी हुई हैं। लैब में अब सैंपल की संख्या घटने लगी है। कुल 40 डेंगू पॉजिटिव केस हमारे पास अभी तक आए हैं। इनमें से एक सोनीपत का है। डेंगू से एक भी मौत जिले में नहीं हुई है। अब स्थिति नियंत्रण में है।
सरोज बाला, डिप्टी सीएमओ, करनाल।
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान भी डेंगू की चपेट में
करनाल। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान को डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया है। तीन दिनों से उनका इलाज जुंडला के राधा कृष्ण अस्पताल में चल रहा है। किसान नेता रतनमान ज्वर के चलते भारी थकान व कमजोरी महसूस कर रहे हैं। हालांकि शुक्रवार शाम को उनकी हालत में कुछ सुधार आया है। अस्पताल के डॉ. पवन ने बताया कि रतनमान का उनके अस्पताल में इलाज चल रहा है। पेपर कार्ड के जरिए डेंगू का टेस्ट किया गया गया था। टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। डॉक्टर पवन ने बताया कि टीम उनकी निगरानी में जुटी है। यदि इसी तरह उनके स्वास्थ्य में सुधार जारी रहा तो उन्हें शनिवार दोपहर तक छुट्टी दे दी जाएगी। रतनमान के प्लेटलेट्स भी चेक कराए गए हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर है। प्लेटलेट्स 1 लाख 21 हजार पाए गए हैं। ऐसे में खतरे वाली कोई बात नहीं है। उन्हें अस्पताल में इसीलिए रखा गया है ताकि प्लेटलेट्स कम न हों। वहीं अमर उजाला से बातचीत में रतनमान ने देर शाम बताया कि वह अब पहले से बेहतर महसूस कर रहे हैं।
45 हजार घरों में किया एंटी डेंगू का छिड़काव, 114 को थमाए नोटिस
स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरूक करने के व डेंगू से बचाने के लिए घर-घर जाकर एंटी डेंगू का छिड़काव करने में जुटा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की बात करें तो अभी तक स्वास्थ्य विभाग की चार टीमें 45 हजार घरों का निरीक्षण कर चुकी हैं। यहां टीमों ने न केवल एंटी डेंगू का छिड़काव किया है, बल्कि मलेरिया के लिए सैंपल लेकर स्लाइड भी तैयार की हैं। वहीं दूसरी ओर 114 घरों में टीमों ने डेंगू के लारवा को पाया। इस दौरान टीम ने इन घरों से लारवा को नष्ट करते हुए इन घरों के संचालकों को नोटिस भी थमाए हैं।
दिल्ली की तर्ज पर डेंगू के मरीजों की तय हो फीस
डेंगू पीड़ित लोगों ने दिल्ली की तर्ज पर सभी निजी अस्पतालों में डेंगू के टेस्ट व इलाज के लिए फीस निर्धारित करने की मांग की है। करनाल में इस समय हाल यह हैं कि यहां निजी डॉक्टर डेंगू से लोगों को डराकर उन्हें एडमिट करके 10 से 25 हजार तक की वसूली कर रहे हैं, जबकि डेंगू में केवल सावधानी बरतने की जरूरत है।
हमारी टीमें लगी हुई हैं। लैब में अब सैंपल की संख्या घटने लगी है। कुल 40 डेंगू पॉजिटिव केस हमारे पास अभी तक आए हैं। इनमें से एक सोनीपत का है। डेंगू से एक भी मौत जिले में नहीं हुई है। अब स्थिति नियंत्रण में है।
सरोज बाला, डिप्टी सीएमओ, करनाल।
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान भी डेंगू की चपेट में
करनाल। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान को डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया है। तीन दिनों से उनका इलाज जुंडला के राधा कृष्ण अस्पताल में चल रहा है। किसान नेता रतनमान ज्वर के चलते भारी थकान व कमजोरी महसूस कर रहे हैं। हालांकि शुक्रवार शाम को उनकी हालत में कुछ सुधार आया है। अस्पताल के डॉ. पवन ने बताया कि रतनमान का उनके अस्पताल में इलाज चल रहा है। पेपर कार्ड के जरिए डेंगू का टेस्ट किया गया गया था। टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। डॉक्टर पवन ने बताया कि टीम उनकी निगरानी में जुटी है। यदि इसी तरह उनके स्वास्थ्य में सुधार जारी रहा तो उन्हें शनिवार दोपहर तक छुट्टी दे दी जाएगी। रतनमान के प्लेटलेट्स भी चेक कराए गए हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर है। प्लेटलेट्स 1 लाख 21 हजार पाए गए हैं। ऐसे में खतरे वाली कोई बात नहीं है। उन्हें अस्पताल में इसीलिए रखा गया है ताकि प्लेटलेट्स कम न हों। वहीं अमर उजाला से बातचीत में रतनमान ने देर शाम बताया कि वह अब पहले से बेहतर महसूस कर रहे हैं।