{"_id":"61031a608ebc3e583d633c79","slug":"flood-in-yamuna-thousands-of-acres-of-crops-destroyed-karnal-news-knl78209721","type":"story","status":"publish","title_hn":"यमुना में उफान, हजारों एकड़ फसलें तबाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यमुना में उफान, हजारों एकड़ फसलें तबाह
विज्ञापन
करनाल। यमुना में आए उफान से जिले के इंद्री, करनाल व घरौंडा खंड से लगती यमुना नदी के अंदर हजारों एकड़ में खड़ी फसलें तबाह हो गई हैं। तेज बहाव के चलते खेतों का कटाव जारी है और जमीनें खुर्द-बुर्द हो रही हैं। नबीपुर व कुंडा कला के समीप यमुना के पानी का झुकाव सीधे हरियाणा की तरफ है। इन स्थानों पर पटरी तक पानी पहुंच चुका है। कटाव के कारण बड़े स्तर पर जमीन व फसलें पानी में समाहित होती जा रही हैं। कुंडा कला घाट पर बनी पांच ठोकरें पानी में डूब चुकी हैं। हाल में इन ठोकरों की मरम्मत करवाई गई थी। पहाड़ी क्षेत्र में हो रही तेज बारिश के चलते ही यमुना का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है।
इन इलाकों में हुआ नुकसान
यूपी के सहारनपुर जिले के गांव कुंडा, कुंडा खुर्द, बड़ी, रसालापुर, मुस्तफाबाद, उदपुर, नागल, मंगलौरा व बड़ौली, हरियाणा के करनाल जिले के ढाकवाला, नसीरपुर, जम्मूखाला, अंधेड़ा, नया कुंडा, महमदपुर, खराजपुर, नबीपुर, जड़ौली कला व खुर्द, टापू के ग्रामीणों की यमुना में गन्ना, चारा, मक्का, धान, तिलहन व सब्जी की जो फसलें उफान की चपेट में आकर नष्ट हो चुकी हैं। इसके अलावा हजारों एकड़ में जलभराव की स्थिति है। खराजपुर गांव के धन सिंह व रोहित तथा बुढाखेड़ा के गुरलाल ने बताया कि नबीपुर ठोकर के समीप उनकी जमीन का लगातार कटाव हो रहा है। कई किसानों की करीब सौ एकड़ जमीन पानी में खुर्द-बुर्द हो चुकी है।
जान बचाने को हरियाणा की तरफ दौड़े किसान
करनाल। सहारनपुर जिले के किसान इसरार सहित कई लोग यमुना में जलस्तर बढ़ने के कारण हरियाणा की तरफ फंस गए। इसरार ने बताया कि यमुना में उनकी तीन एकड़ पेठा व दो एकड़ मिर्च की फसल, उसके भाई इस्लाम की तीन एकड़, चाचा बाल्ला की चार एकड़ पेठा की फसल तबाह हो गई। ट्यूबवेल का इंजन सहित अन्य सामान डूब चुका है। वीरवार सुबह चार बजे अधिक पानी आ गया। जान बचाते हुए वे हरियाणा की तरफ पहुंच गए। अब टापू-दौलतपुर यमुना पुल से उत्तर प्रदेश जाएंगे।
विज्ञापन
उनकी दो एकड़ चारे की फसल पानी में बह गई है। यमुना में सात एकड़ और जमीन है जो खाली थी। जलस्तर इतना है कि खेतों का कुछ अता-पता नहीं चल रहा।
-काला राम, खराजपुर
खेतों में दे रहे पहरा
कुंडा कला गांव के किसान सूरजभान ने बताया कि उनके गांव के घाट पर पांच स्टड बनाए हुए हैं। इन स्टड की मरम्मत की थी। पांचों स्टड के ऊपर से पानी बह रहा है। ग्रामीण पटरी पर बैठकर खेतों को देख रहे हैं।
बुधवार को यमुना में 1.60 लाख क्यूसेक पानी आया था। हथिनीकुंड बैराज से वीरवार शाम तक पानी करीब 25 हजार क्यूसेक रह गया है। -नवतेज सिंह, कार्यकारी अभियंता, यमुना वाटर सर्विसेज इंद्री सर्कल
विज्ञापन
इन इलाकों में हुआ नुकसान
यूपी के सहारनपुर जिले के गांव कुंडा, कुंडा खुर्द, बड़ी, रसालापुर, मुस्तफाबाद, उदपुर, नागल, मंगलौरा व बड़ौली, हरियाणा के करनाल जिले के ढाकवाला, नसीरपुर, जम्मूखाला, अंधेड़ा, नया कुंडा, महमदपुर, खराजपुर, नबीपुर, जड़ौली कला व खुर्द, टापू के ग्रामीणों की यमुना में गन्ना, चारा, मक्का, धान, तिलहन व सब्जी की जो फसलें उफान की चपेट में आकर नष्ट हो चुकी हैं। इसके अलावा हजारों एकड़ में जलभराव की स्थिति है। खराजपुर गांव के धन सिंह व रोहित तथा बुढाखेड़ा के गुरलाल ने बताया कि नबीपुर ठोकर के समीप उनकी जमीन का लगातार कटाव हो रहा है। कई किसानों की करीब सौ एकड़ जमीन पानी में खुर्द-बुर्द हो चुकी है।
विज्ञापन
जान बचाने को हरियाणा की तरफ दौड़े किसान
करनाल। सहारनपुर जिले के किसान इसरार सहित कई लोग यमुना में जलस्तर बढ़ने के कारण हरियाणा की तरफ फंस गए। इसरार ने बताया कि यमुना में उनकी तीन एकड़ पेठा व दो एकड़ मिर्च की फसल, उसके भाई इस्लाम की तीन एकड़, चाचा बाल्ला की चार एकड़ पेठा की फसल तबाह हो गई। ट्यूबवेल का इंजन सहित अन्य सामान डूब चुका है। वीरवार सुबह चार बजे अधिक पानी आ गया। जान बचाते हुए वे हरियाणा की तरफ पहुंच गए। अब टापू-दौलतपुर यमुना पुल से उत्तर प्रदेश जाएंगे।
विज्ञापन
उनकी दो एकड़ चारे की फसल पानी में बह गई है। यमुना में सात एकड़ और जमीन है जो खाली थी। जलस्तर इतना है कि खेतों का कुछ अता-पता नहीं चल रहा।
-काला राम, खराजपुर
खेतों में दे रहे पहरा
कुंडा कला गांव के किसान सूरजभान ने बताया कि उनके गांव के घाट पर पांच स्टड बनाए हुए हैं। इन स्टड की मरम्मत की थी। पांचों स्टड के ऊपर से पानी बह रहा है। ग्रामीण पटरी पर बैठकर खेतों को देख रहे हैं।
बुधवार को यमुना में 1.60 लाख क्यूसेक पानी आया था। हथिनीकुंड बैराज से वीरवार शाम तक पानी करीब 25 हजार क्यूसेक रह गया है। -नवतेज सिंह, कार्यकारी अभियंता, यमुना वाटर सर्विसेज इंद्री सर्कल