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ग्राम पंचायतों से नहीं लिया जाएगा अग्निशमन शुल्क

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jun 2022 02:15 AM IST
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Fire fighting fee will not be charged from Gram Panchayats
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। हरियाणा सरकार ने नई अग्निशमन नीति में गांवों में लगी आग बुझाने के लिए वसूला जाने वाला शुल्क खत्म कर दिया है। अब अग्निशमन विभाग ग्राम पंचायतों से शुल्क नहीं वसूलेगा। अभी तक ग्रामीण क्षेत्र में घर या किसी के खेत में यदि दमकल आग बुझाने पहुंचती थी तो संबंधित ग्राम पंचायत से 400 रुपये प्रति घंटे की दर से शुल्क वसूल किया जाता था।
खासकर गर्मियां शुरू होते ही अग्नि दुर्घटनाएं भी शुरू हो जाती हैं। शॉर्ट सर्किट आदि से होने वाली अग्नि दुर्घटनाएं तो किसी भी मौसम में होती हैं, लेकिन खेत खलिहानों में अग्नि दुर्घटनाएं फसलों के समय अधिक होती है, जब फसलें पककर तैयार होती हैं। पराली जलाने या ट्रांसफार्मर से चिंगारियां निकलने या तेज हवाओं से तारों में शॉर्ट सर्किट होने से बड़ी संख्या में दुर्घटनाएं होती हैं।
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भले ही सरकार ने पराली जलाने पर प्रतिबंध लगा रखा है, इसकी निगरानी भी की जाती है, लेकिन इसके बावजूद आग से भारी नुकसान होता है। ऐसे में तत्काल अग्निशमन विभाग के ट्रोल फ्री नंबर पर सूचना मिलती है तो विभागीय अधिकारियों द्वारा बिना देर किए दमकल को बताई गई लोकेशन पर रवाना किया जाता है।
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अदायगी में जताते हैं असमर्थता
उप अग्निशमन अधिकारी रणदीप सिंह ने बताया कि यदि किसी गांव घर या खेत में आग लगती है तो गाड़ी रवाना होने के समय से आग पर काबू पाकर वापसी तक के समय को 400 रुपये प्रति घंटे की दर से विभाजित करके शुल्क लिए जाने का प्राविधान था। ये शुल्क संबंधित ग्राम पंचायत से लिया जाता था, क्योंकि संबंधित व्यक्ति तो स्वयं ही आग के नुकसान से परेशान होता है, वह शुल्क की अदायगी करने में असमर्थता जाहिर करता है।
ग्राम पंचायतों पर बकाया 25 लाख का शुल्क
उप अग्निशमन अधिकारी रणदीप सिंह ने बताया कि अग्निशमन विभाग ग्राम पंचायतें को शुल्क का बिल बनाकर भेजता है, लेकिन ग्राम पंचायतें इसका भुगतान करने में आनाकानी करती है। अब विभिन्न ग्राम पंचायतों पर करीब 25 लाख रुपये से अधिक का शुल्क बकाया है, लेकिन ग्राम पंचायतें भुगतान नहीं कर रही हैं।
जिले में हैं 18 फायर ट्रेडर
जिले में निगदू में एक, इंद्री में दो, घरौंडा में दो, तरावड़ी में तीन, नीलोखेड़ी में तीन, असंध में दो और करनाल अग्निशमन केंद्र पर पांच दमकल हैं। विभाग के पास कुल 18 फायर ट्रेडर्स हैं। सात बाइक हैं, एक रेस्क्यू ट्रेडर भी है।

अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में घर या खेत में आग लगने पर संबंधित ग्राम पंचायत से 400 रुपये प्रति घंटे की दर से अग्निशमन विभाग शुल्क वसूलता था, लेकिन हरियाणा सरकार ने नए एक्ट के तहत इस शुल्क को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। अब ग्रामीण क्षेत्र में आग लगने पर कोई शुल्क नहीं वसूला जाएगा।
-राजीव भारद्वाज, जिला अग्निशमन अधिकारी करनाल।
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