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Karnal News: घर आकर भ्रूण जांच करने का भंडाफोड़
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आरएमपी समेत दो आराेपी गिरफ्तार, एक फरार
- कार में पोर्टेबल मशीन के जरिए की जा रही थी भ्रूण जांच
- स्वास्थ्य विभाग की टीम ने योजना बनाकर की छपामारी
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल/असंध। जभाला गांव में कार में पोर्टेबल मशीन के जरिए भ्रूण जांच करने वाले गिरोह का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक आरएमपी समेत दो आरोपियों को पकड़ लिया, लेकिन एक आरोपी भ्रूण जांच मशीन लेकर भागने के कामयाब रहा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पकड़े गए आरोपियों को पुलिस के हवाले करते हुए केस दर्ज कराया है।
डिप्टी सीएमओ डॉ. सीनू चौधरी ने बताया कि असंध में भ्रूण जांच की शिकायत मिल रही थी। जिसके आधार पर सीएमओ के आदेश पर छापामारी के लिए एक टीम तैयार की गई। टीम ने एक समाजसेवी के माध्यम से एक गर्भवती को डिकाॅय यानि फर्जी ग्राहक बनाया। जिसके बाद गर्भवती की बात आरएमपी संदीप से कराई गई। जिस पर उसने बताया कि भ्रूण जांच के लिए 20 हजार रुपये लगेंगे और एक सप्ताह बाद जांच होगी, लेकिन सोमवार की सुबह आरएमपी संदीप ने गर्भवती को कॉल किया और बताया कि सुबह 11:30 से दोपहर 1:30 बजे के बीच उसी के घर में ही जांच की जाएगी।
मामले में कार्रवाई के लिए डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शीनू चौधरी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. सूबे सिंह और पीएचसी अधिकारी डॉ. परमजीत सिंह टीम के साथ सुबह करीब साढ़े 10 बजे गांव जभाला पहुंच गए। डिकॉय ग्राहक गर्भवती के घर पर टीम ने दूर से ही नजर बनाए रखी। दोपहर करीब 1:10 बजे तीन युवक एक सफेद कार में पोर्टेबल मशीन लेकर गर्भवती महिला के घर पहुंचे। तीनों ने गर्भवती का अल्ट्रासाउंड किया और उसे जांच कर लड़की होने की जानकारी दी। जब तीनों महिला के घर से बाहर निकले तो टीम ने अल्ट्रासाउंड करने वाले दो युवकों को दबोच लिया। इनमें से एक जभाला निवासी आरएमपी संदीप और दूसरा कबूलपुर खेड़ा निवासी अशोक था। जबकि तीसरा आरोपी भ्रूण जांच की मशीन कार में रखकर भागने में कामयाब हो गया। इसके बाद टीम ने मौके पर एक मेमो तैयार किया और डिकॉय गर्भवती के बयान दर्ज किए। इसके बाद दाेनों आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया।
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अशोक पर दर्ज हैं पीएनडीटी एक्ट के चार केस
आरोपी अशोक के खिलाफ थाना असंध में पीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत 2016, 2019 और 2018 में चार केस दर्ज हैं। उसे असंध कोर्ट से सजा भी हो चुकी हैं। टीम ने पुलिस को तीसरे फरार आरोपी को खोजने और भ्रूण जांच मशीन खरीदे जाने की जगह पता लगाने और मशीन को बरामद करने का आग्रह किया है।
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- कार में पोर्टेबल मशीन के जरिए की जा रही थी भ्रूण जांच
- स्वास्थ्य विभाग की टीम ने योजना बनाकर की छपामारी
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल/असंध। जभाला गांव में कार में पोर्टेबल मशीन के जरिए भ्रूण जांच करने वाले गिरोह का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक आरएमपी समेत दो आरोपियों को पकड़ लिया, लेकिन एक आरोपी भ्रूण जांच मशीन लेकर भागने के कामयाब रहा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पकड़े गए आरोपियों को पुलिस के हवाले करते हुए केस दर्ज कराया है।
डिप्टी सीएमओ डॉ. सीनू चौधरी ने बताया कि असंध में भ्रूण जांच की शिकायत मिल रही थी। जिसके आधार पर सीएमओ के आदेश पर छापामारी के लिए एक टीम तैयार की गई। टीम ने एक समाजसेवी के माध्यम से एक गर्भवती को डिकाॅय यानि फर्जी ग्राहक बनाया। जिसके बाद गर्भवती की बात आरएमपी संदीप से कराई गई। जिस पर उसने बताया कि भ्रूण जांच के लिए 20 हजार रुपये लगेंगे और एक सप्ताह बाद जांच होगी, लेकिन सोमवार की सुबह आरएमपी संदीप ने गर्भवती को कॉल किया और बताया कि सुबह 11:30 से दोपहर 1:30 बजे के बीच उसी के घर में ही जांच की जाएगी।
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मामले में कार्रवाई के लिए डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शीनू चौधरी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. सूबे सिंह और पीएचसी अधिकारी डॉ. परमजीत सिंह टीम के साथ सुबह करीब साढ़े 10 बजे गांव जभाला पहुंच गए। डिकॉय ग्राहक गर्भवती के घर पर टीम ने दूर से ही नजर बनाए रखी। दोपहर करीब 1:10 बजे तीन युवक एक सफेद कार में पोर्टेबल मशीन लेकर गर्भवती महिला के घर पहुंचे। तीनों ने गर्भवती का अल्ट्रासाउंड किया और उसे जांच कर लड़की होने की जानकारी दी। जब तीनों महिला के घर से बाहर निकले तो टीम ने अल्ट्रासाउंड करने वाले दो युवकों को दबोच लिया। इनमें से एक जभाला निवासी आरएमपी संदीप और दूसरा कबूलपुर खेड़ा निवासी अशोक था। जबकि तीसरा आरोपी भ्रूण जांच की मशीन कार में रखकर भागने में कामयाब हो गया। इसके बाद टीम ने मौके पर एक मेमो तैयार किया और डिकॉय गर्भवती के बयान दर्ज किए। इसके बाद दाेनों आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया।
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अशोक पर दर्ज हैं पीएनडीटी एक्ट के चार केस
आरोपी अशोक के खिलाफ थाना असंध में पीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत 2016, 2019 और 2018 में चार केस दर्ज हैं। उसे असंध कोर्ट से सजा भी हो चुकी हैं। टीम ने पुलिस को तीसरे फरार आरोपी को खोजने और भ्रूण जांच मशीन खरीदे जाने की जगह पता लगाने और मशीन को बरामद करने का आग्रह किया है।