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Karnal News: ट्रैक्टर मार्च निकालने की तैयारियों में जुटे किसान
Sat, 25 Jan 2025 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 25 Jan 2025 02:05 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। किसान संगठनों ने गणतंत्र दिवस के दिन 26 जनवरी को करनाल शहर में ट्रैक्टर मार्च निकालने की तैयारी तेज कर दी है। स्थानीय किसान भवन में विभिन्न किसान संगठनों की संयुक्त बैठक करके इसकी रणनीति तैयार की।
बैठक भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम के प्रवक्ता बहादुर मेहला बलड़ी व भारतीय किसान यूनियन टिकैत ग्रुप के सुरेंद्र सांगवान की अध्यक्षता में हुई। बहादुर मेहला ने कहा कि सरकार एमएसपी गारंटी कानून लागू करने के मामले में झूठ बोल रही है। किसानों की काफी वर्षों से यही मांग प्रमुख रही है कि एमएसपी गारंटी कानून लागू किया जाए।
किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिलना चाहिए। जब किसान अपनी फसलों को बेचने के लिए मंडी में लेकर पहुंच जाता है तो कई बहाने बनाकर आढ़ती और व्यापारी उसकी फसल लागत मूल्य से भी कम दाम में खरीदते हैं। इससे किसानों को हर वर्ष बड़ा नुकसान हो रहा है। सरकार का किसानों की आय दोगुणी करने का दावा खोखला साबित हुआ है।
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सुरेंद्र सांगवान ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकारों के माध्यम से नई कृषि ड्रॉफ्ट पॉलिसी लेकर आ रही है। मंडियों का निजीकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। तीन कृषि कानून जो किसानों के दबाव में सरकार ने वापस ले लिए थे, उन्हें अब राज्य सरकारों के माध्यम से लागू करने की साजिश रची जा रही है। किसानों का कर्जा पूर्ण रूप से माफ किया जाए। इस मौके पर जिला प्रधान सुरेंद्र घुम्मन, राजबीर विशेष आदि मौजूद रहे।
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घरौंडा। किसान संगठनों ने गणतंत्र दिवस के दिन 26 जनवरी को करनाल शहर में ट्रैक्टर मार्च निकालने की तैयारी तेज कर दी है। स्थानीय किसान भवन में विभिन्न किसान संगठनों की संयुक्त बैठक करके इसकी रणनीति तैयार की।
बैठक भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम के प्रवक्ता बहादुर मेहला बलड़ी व भारतीय किसान यूनियन टिकैत ग्रुप के सुरेंद्र सांगवान की अध्यक्षता में हुई। बहादुर मेहला ने कहा कि सरकार एमएसपी गारंटी कानून लागू करने के मामले में झूठ बोल रही है। किसानों की काफी वर्षों से यही मांग प्रमुख रही है कि एमएसपी गारंटी कानून लागू किया जाए।
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किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिलना चाहिए। जब किसान अपनी फसलों को बेचने के लिए मंडी में लेकर पहुंच जाता है तो कई बहाने बनाकर आढ़ती और व्यापारी उसकी फसल लागत मूल्य से भी कम दाम में खरीदते हैं। इससे किसानों को हर वर्ष बड़ा नुकसान हो रहा है। सरकार का किसानों की आय दोगुणी करने का दावा खोखला साबित हुआ है।
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सुरेंद्र सांगवान ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकारों के माध्यम से नई कृषि ड्रॉफ्ट पॉलिसी लेकर आ रही है। मंडियों का निजीकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। तीन कृषि कानून जो किसानों के दबाव में सरकार ने वापस ले लिए थे, उन्हें अब राज्य सरकारों के माध्यम से लागू करने की साजिश रची जा रही है। किसानों का कर्जा पूर्ण रूप से माफ किया जाए। इस मौके पर जिला प्रधान सुरेंद्र घुम्मन, राजबीर विशेष आदि मौजूद रहे।