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Karnal News: पोर्टल पर गलत जानकारी देकर किसान ने लिया सरकारी पैसा, पटवारी निलंबित होगा
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। गांव अमूपुर में पंचायत की छह एकड़ गैर कृषि भूमि को पट्टे पर लेकर किसान ईश्वर ने ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर कृषि श्रेणी में दिखाकर आर्थिक लाभ ले लिया। करीब 3 साल पहले पंजीकरण के दौरान जांच और गिरदावरी के समय पटवारी ने भी लापरवाही बरती। जमीन को गैर कृषि श्रेणी में लॉक ही नहीं किया। पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने संबंधित पटवारी की जांच कर निलंबित करने के आदेश दिए हैं। किसान ईश्वर चंद गर्ग से पैसों की रिकवरी की जाएगी। किसान तय राशि का भुगतान नहीं करता तो उसके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज होगी।
बुधवार को पंचायत भवन में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में अक्तूबर माह से लंबित शिकायत आई। गांव सांभली के बलराज शर्मा ने बताया कि उनके गांव की सरपंच किरण पाल कौर और ग्राम सचिव पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गांव के ईश्वर चंद गर्ग और उसके परिवार ने गैर काश्त पंचायती जमीन को पट्टे पर लेकर वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में गेहूं व धान सत्र के दौरान सरकार से आर्थिक लाभ लिया है।
मामले में उप निदेशक कृषि विभाग और डीडीपीओ कार्यालय की जांच में सामने आया कि गांव सांभली में कुल 33 एकड़ छह कनाल जमीन और गांव अमुपुर में छह एकड़ जमीन का पोर्टल पर गलत तरीके से पंजीकरण हुआ है। ईश्वर सिंह ने गांव अमुपुर में ही जमीन को पट्टे पर लिया था। मामले में एक दिसंबर को डीडीपीओ की ओर से दोनों ग्राम पंचायतों को भी नोटिस जारी किया गया है।
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद मंत्री ने कहा कि गिरदावरी करने की जिम्मेदारी पटवारी की थी। जांच के समय में पटवारी को ही पोर्टल पर दर्ज करना चाहिए था कि जमीन गैर काश्त है। ऐसे में पहली लापरवाही पटवारी के स्तर पर हुई है। उन्होंने डीडीपीओ को निर्देश दिए कि उस समय किस पटवारी की ड्यूटी थी उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए उसे निलंबित किया जाए। साथ ही किसान से भी रिकवरी करें। यह भी जांच की जाए कि उस समय पंजीकरण के दौरान कौन-कौन संलिप्त था। ब्यूरो
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करनाल। गांव अमूपुर में पंचायत की छह एकड़ गैर कृषि भूमि को पट्टे पर लेकर किसान ईश्वर ने ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर कृषि श्रेणी में दिखाकर आर्थिक लाभ ले लिया। करीब 3 साल पहले पंजीकरण के दौरान जांच और गिरदावरी के समय पटवारी ने भी लापरवाही बरती। जमीन को गैर कृषि श्रेणी में लॉक ही नहीं किया। पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने संबंधित पटवारी की जांच कर निलंबित करने के आदेश दिए हैं। किसान ईश्वर चंद गर्ग से पैसों की रिकवरी की जाएगी। किसान तय राशि का भुगतान नहीं करता तो उसके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज होगी।
बुधवार को पंचायत भवन में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में अक्तूबर माह से लंबित शिकायत आई। गांव सांभली के बलराज शर्मा ने बताया कि उनके गांव की सरपंच किरण पाल कौर और ग्राम सचिव पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गांव के ईश्वर चंद गर्ग और उसके परिवार ने गैर काश्त पंचायती जमीन को पट्टे पर लेकर वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में गेहूं व धान सत्र के दौरान सरकार से आर्थिक लाभ लिया है।
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मामले में उप निदेशक कृषि विभाग और डीडीपीओ कार्यालय की जांच में सामने आया कि गांव सांभली में कुल 33 एकड़ छह कनाल जमीन और गांव अमुपुर में छह एकड़ जमीन का पोर्टल पर गलत तरीके से पंजीकरण हुआ है। ईश्वर सिंह ने गांव अमुपुर में ही जमीन को पट्टे पर लिया था। मामले में एक दिसंबर को डीडीपीओ की ओर से दोनों ग्राम पंचायतों को भी नोटिस जारी किया गया है।
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद मंत्री ने कहा कि गिरदावरी करने की जिम्मेदारी पटवारी की थी। जांच के समय में पटवारी को ही पोर्टल पर दर्ज करना चाहिए था कि जमीन गैर काश्त है। ऐसे में पहली लापरवाही पटवारी के स्तर पर हुई है। उन्होंने डीडीपीओ को निर्देश दिए कि उस समय किस पटवारी की ड्यूटी थी उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए उसे निलंबित किया जाए। साथ ही किसान से भी रिकवरी करें। यह भी जांच की जाए कि उस समय पंजीकरण के दौरान कौन-कौन संलिप्त था। ब्यूरो