{"_id":"630d276a1394263ba6798453","slug":"fake-website-and-company-cheated-nine-crore-rupees-karnal-news-knl119411433","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी वेबसाइट और कंपनी बना ठगे नौ करोड़ रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी वेबसाइट और कंपनी बना ठगे नौ करोड़ रुपये
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। इंटरनेट पर फर्जी वेबसाइट तैयार कर और फर्जी कंपनी बना आम लोगों से करीब नौ करोड़ रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ितों ने अलग-अलग पुलिस थानों में शिकायत दी है। सभी 15 आरोपियों में दंपति, पिता-पुत्र, रिश्तेदार और दोस्त शामिल हैं। पुलिस ने 15 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इंद्री थाना क्षेत्र के गांव खेड़ा निवासी सोनू ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह क्रेडिट कार्ड बनवाने का काम करता है। 29 जून को आरोपी पंकज गर्ग उसे इंद्रगढ़ रोड स्थित मटक माजरी में उसके ऑफिस में आकर मिला और कहा कि एक टीएफएक्स ट्रेड के नाम से कंपनी खुली है वह डिजिटल करेंसी में डील करती है। यदि उसमें पैसे लगाए तो कंपनी की तरफ से पांच प्रतिशत कमीशन हर रोज कुल निवेश पर मिलेगा। वह उनकी बातों में आ गया और उसी दिन आरोपी ने उसे बताया कि कंपनी के बिजनेस में उसके साथ वैभव भी शमिल है। रुपये आपको वैभव के खाते में डालने पड़ेंगे। जो कि कंपनी का मालिक है। उसने पंकज के कहे अनुसार एक लाख रुपये उसके खाते में डलवा दिए। इसी दौरान इंटरनेट पर फर्जी डॉलर डिजिट उसे उसके नाम से दिखा दी। इस दौरान पंकज उसके ऑफिस में आता रहा और एक-एक कर पैसे लेते रहे। इसके बाद लगभग 15 लाख रुपये आरोपी लक्ष्य सिंघल उससे नकद ले गया।
उसने पंकज को लगभग 20 लाख रुपये दिए। ये सभी रुपये उसने डिजिटल करेंसी के रूप में वापस लौटाने और कंपनी के मुनाफे में पांच प्रतिशत की हिस्सेदारी देने का वायदा कर उससे लिए। इसके बाद आरोपियों ने एक-एक कर कपिल सैनी, तुसींद्र, सीमा रानी, रामनाथ, साहिल, रणधीर, पंकज गर्ग, प्राची गर्ग, अनिल सिंघल, नीरज रानी, कशिश बुटानी, पारस व दिवांशु से मिलवाया और इन सबके माध्यम से पैसे कंपनी में लगवाने की बात कही। इसके बाद उसने सभी के अलग-अलग खातों में 42 लाख 53 हजार 940 रुपये ट्रांसफर कर दिए। ऐसे में उसने 77 लाख 53 हजार 940 रुपये की ठगी कर ली। बाद में कंपनी का पांच प्रतिशत का हिस्सेदारी के रूप में कमाई के पैसे मांगे तो टाल-मटोल करने लगे। बार-बार कहने पर उन्होंने उसे जान से मारने की धमकी देनी शुरू कर दी।
विज्ञापन
विदेश भागने की फिराक में आरोपी
पीड़ित ने बताया कि उससे ठगे रुपयों की मदद से आरोपी रामनाथ ने अपनी बहू को विदेश भेज दिया और अब अपने बेटे और स्वयं विदेश भागने की फिराक में है। जब उसने अपने पैसे मांगे तो उन्होंने उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी और कहा कि उन्होंने अपने अलग-अलग नामों से पासपोर्ट बनवाए हैं। अगर अब उनसे दोबारा पैसे मांगे तो पूरे परिवार को मार देंगे और बड़ी आसानी से विदेश चले जाएंगे।
ठगी से खड़ी की बेनामी संपत्ति
पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने उसके अलावा सैकड़ों लोगों से लगभग नौ करोड़ रुपये ठगे हैं। इस बारे में आरोपियों ने उससे एक मीटिंग के दौरान कहा था कि उनकी कंपनी में लोगों ने नौ करोड़ रुपये निवेश किए हैं। जो जल्द बढ़कर 15 करोड़ पार हो जाएंगे। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने अपने रिश्तेदारों, बच्चों, दोस्तों व अपनी पत्नियों के नाम पर बेनामी संपत्ति खड़ी की है।
फर्जी कंपनी बनाकर और फर्जी डिजिटल करेंसी दिखाकर लोगों से करोड़ों रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर 15 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- विनोद कुमार, इंस्पेक्टर, थाना इंद्री
विज्ञापन
करनाल। इंटरनेट पर फर्जी वेबसाइट तैयार कर और फर्जी कंपनी बना आम लोगों से करीब नौ करोड़ रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ितों ने अलग-अलग पुलिस थानों में शिकायत दी है। सभी 15 आरोपियों में दंपति, पिता-पुत्र, रिश्तेदार और दोस्त शामिल हैं। पुलिस ने 15 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इंद्री थाना क्षेत्र के गांव खेड़ा निवासी सोनू ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह क्रेडिट कार्ड बनवाने का काम करता है। 29 जून को आरोपी पंकज गर्ग उसे इंद्रगढ़ रोड स्थित मटक माजरी में उसके ऑफिस में आकर मिला और कहा कि एक टीएफएक्स ट्रेड के नाम से कंपनी खुली है वह डिजिटल करेंसी में डील करती है। यदि उसमें पैसे लगाए तो कंपनी की तरफ से पांच प्रतिशत कमीशन हर रोज कुल निवेश पर मिलेगा। वह उनकी बातों में आ गया और उसी दिन आरोपी ने उसे बताया कि कंपनी के बिजनेस में उसके साथ वैभव भी शमिल है। रुपये आपको वैभव के खाते में डालने पड़ेंगे। जो कि कंपनी का मालिक है। उसने पंकज के कहे अनुसार एक लाख रुपये उसके खाते में डलवा दिए। इसी दौरान इंटरनेट पर फर्जी डॉलर डिजिट उसे उसके नाम से दिखा दी। इस दौरान पंकज उसके ऑफिस में आता रहा और एक-एक कर पैसे लेते रहे। इसके बाद लगभग 15 लाख रुपये आरोपी लक्ष्य सिंघल उससे नकद ले गया।
विज्ञापन
उसने पंकज को लगभग 20 लाख रुपये दिए। ये सभी रुपये उसने डिजिटल करेंसी के रूप में वापस लौटाने और कंपनी के मुनाफे में पांच प्रतिशत की हिस्सेदारी देने का वायदा कर उससे लिए। इसके बाद आरोपियों ने एक-एक कर कपिल सैनी, तुसींद्र, सीमा रानी, रामनाथ, साहिल, रणधीर, पंकज गर्ग, प्राची गर्ग, अनिल सिंघल, नीरज रानी, कशिश बुटानी, पारस व दिवांशु से मिलवाया और इन सबके माध्यम से पैसे कंपनी में लगवाने की बात कही। इसके बाद उसने सभी के अलग-अलग खातों में 42 लाख 53 हजार 940 रुपये ट्रांसफर कर दिए। ऐसे में उसने 77 लाख 53 हजार 940 रुपये की ठगी कर ली। बाद में कंपनी का पांच प्रतिशत का हिस्सेदारी के रूप में कमाई के पैसे मांगे तो टाल-मटोल करने लगे। बार-बार कहने पर उन्होंने उसे जान से मारने की धमकी देनी शुरू कर दी।
विज्ञापन
विदेश भागने की फिराक में आरोपी
पीड़ित ने बताया कि उससे ठगे रुपयों की मदद से आरोपी रामनाथ ने अपनी बहू को विदेश भेज दिया और अब अपने बेटे और स्वयं विदेश भागने की फिराक में है। जब उसने अपने पैसे मांगे तो उन्होंने उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी और कहा कि उन्होंने अपने अलग-अलग नामों से पासपोर्ट बनवाए हैं। अगर अब उनसे दोबारा पैसे मांगे तो पूरे परिवार को मार देंगे और बड़ी आसानी से विदेश चले जाएंगे।
ठगी से खड़ी की बेनामी संपत्ति
पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने उसके अलावा सैकड़ों लोगों से लगभग नौ करोड़ रुपये ठगे हैं। इस बारे में आरोपियों ने उससे एक मीटिंग के दौरान कहा था कि उनकी कंपनी में लोगों ने नौ करोड़ रुपये निवेश किए हैं। जो जल्द बढ़कर 15 करोड़ पार हो जाएंगे। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने अपने रिश्तेदारों, बच्चों, दोस्तों व अपनी पत्नियों के नाम पर बेनामी संपत्ति खड़ी की है।
फर्जी कंपनी बनाकर और फर्जी डिजिटल करेंसी दिखाकर लोगों से करोड़ों रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर 15 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- विनोद कुमार, इंस्पेक्टर, थाना इंद्री