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Karnal News: स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर 30 गावों में लगाईं फर्जी नंबर प्लेट
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- बीडीपीओ ने सरपंचों को प्लेट न लगाने के दिए आदेश, होगी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। स्वच्छ भारत मिशन के तहत खंड कुंजपुरा, निसिंग व घरौंडा के गांवों में घर-घर जाकर नंबर प्लेट लगाने का फर्जीवाड़ा सामने आया है। इसमें बिहार से आए दो लोग 50-50 रुपये लेकर लोगों के घरों के बाहर प्लेट लगा रहे थे। यह गिरोह कुंजपुरा खंड के 20, निसिंग के छह व घरौंडा के चार गांवों में लोगों को ठग चुके हैं। दनियालपुर गांव में इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ तो खंड कुंजपुरा की बीडीपीओ ने सरपंचों को व्हाट्सएप समूह में यह प्लेट न लगाने के आदेश दिए।
पता चला है कि बड़ागांव, चोरपुरा, नेवल, कुंजपुरा, कुंडा कलां, नगला रोड़ान, मुगल माजरा, मोदीपुर, शेरगढ़ टापु, नबीपुर, घीड़, रिंडल, जडौली, मैनमती, जयरामपुर, चांद समंद, नलवी कलां, सैयद छपरा, डबकौली कलां व निसिंग के डाचर, सांभली, ब्रास, अमुपूर, मंचूरी, बिर्चपुर, घरौंडा के स्टौंडी, रायपुर जाटान, कलरी जागीर में ये लोग ग्रामीणों को ठग चुके हैं।
बीडीपीओ ने बताया कि इस पत्र को रद्द करने के लिए उन्होंने एक पत्र और जारी किया था। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंचों व अधिकारियों की मिलीभगत से ग्रामीणों के साथ यह फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। अब मामला एडीसी के संज्ञान में आ चुका है। दनियालपुर गांव के सरपंच नरेंद्र ने बताया कि नंबर प्लेट लगाने वाले व्यक्तियों ने उसे बीडीपीओ कार्यालय का पत्र दिखाया और उन्होंने इस पत्र पर अपनी मोहर लगाकर हस्ताक्षर कर दिए। थाना सदर एसएचओ ने बताया कि इस संदर्भ में अभी मामला दर्ज नहीं हुआ है, फिलहाल जांच बीडीपीओ की ओर से की जा रही है। दनियालपुर में ग्रामीणों ने जिन दो लोगों को पकड़ा है, उन्होंने बताया कि वह कई गांव में यह नंबर प्लेट लगा चुके हैं और लोगों से 50-50 रुपये ले चुके हैं।
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नेम प्लेट लगाने आए व्यक्तियों में दीपक और राम भूषण सिंह शामिल थे। उन्होंने ग्रामीणों को एक पत्र दिखाया जो खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कुंजपुरा की ओर से जारी किया गया था। इसमें दनियालपुर के सरपंच नरेंद्र का नाम लिखा है। यह पत्र 11 अप्रैल को जारी किया गया है। पत्र में लिखा है कि जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी करनाल के कार्यालय से पत्र क्रमांक 563, 23 जनवरी के संबंध में समस्त ग्राम पंचायतों के घरों पर नेम प्लेट लगवाई जाए और घर के मालिक से 50 रुपये लिए जाएं। यह प्लेट दीपक से लगवाई जाए। दीपक वही है जिसे ग्रामीणों ने पकड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के मुखिया सरपंच को हर सर्वे व गांव में आने वाले व्यक्तियों की पूर्व सूचना होती है।
वर्जन
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी करनाल के कार्यालय की ओर से यह पत्र आया था। इस पत्र को रद्द करने का भी एक पत्र मेरी ओर से जारी किया गया था। यह व्यक्ति इस पत्र पर गांव में जाकर लोगों के घरों पर नंबर प्लेट लगा रहे हैं, यह मामला उनके संज्ञान में आया है। इसकी जांच की जाएगी। सरपंचों को यह प्लेट न लगवाने के लिए सूचित कर दिया है।
- मोनिका, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, कुंजपुरा
निर्मल भारत अभियान हो या फिर स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना कभी भी उन्हें मकानों पर नंबर प्लेट लगवाने के आदेश मुख्यालय से नहीं मिले। योजना के नाम पर गांवों में किया जा रहा फर्जीवाड़ा गलत है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि कोई स्वच्छ भारत मिशन के नाम की नंबर प्लेट लगाता है तो इसकी शिकायत जिला परिषद कार्यालय या फिर पुलिस को जरूर दें।
- राजकुमार संधू, कार्यक्रम प्रबंधक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। स्वच्छ भारत मिशन के तहत खंड कुंजपुरा, निसिंग व घरौंडा के गांवों में घर-घर जाकर नंबर प्लेट लगाने का फर्जीवाड़ा सामने आया है। इसमें बिहार से आए दो लोग 50-50 रुपये लेकर लोगों के घरों के बाहर प्लेट लगा रहे थे। यह गिरोह कुंजपुरा खंड के 20, निसिंग के छह व घरौंडा के चार गांवों में लोगों को ठग चुके हैं। दनियालपुर गांव में इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ तो खंड कुंजपुरा की बीडीपीओ ने सरपंचों को व्हाट्सएप समूह में यह प्लेट न लगाने के आदेश दिए।
पता चला है कि बड़ागांव, चोरपुरा, नेवल, कुंजपुरा, कुंडा कलां, नगला रोड़ान, मुगल माजरा, मोदीपुर, शेरगढ़ टापु, नबीपुर, घीड़, रिंडल, जडौली, मैनमती, जयरामपुर, चांद समंद, नलवी कलां, सैयद छपरा, डबकौली कलां व निसिंग के डाचर, सांभली, ब्रास, अमुपूर, मंचूरी, बिर्चपुर, घरौंडा के स्टौंडी, रायपुर जाटान, कलरी जागीर में ये लोग ग्रामीणों को ठग चुके हैं।
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बीडीपीओ ने बताया कि इस पत्र को रद्द करने के लिए उन्होंने एक पत्र और जारी किया था। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंचों व अधिकारियों की मिलीभगत से ग्रामीणों के साथ यह फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। अब मामला एडीसी के संज्ञान में आ चुका है। दनियालपुर गांव के सरपंच नरेंद्र ने बताया कि नंबर प्लेट लगाने वाले व्यक्तियों ने उसे बीडीपीओ कार्यालय का पत्र दिखाया और उन्होंने इस पत्र पर अपनी मोहर लगाकर हस्ताक्षर कर दिए। थाना सदर एसएचओ ने बताया कि इस संदर्भ में अभी मामला दर्ज नहीं हुआ है, फिलहाल जांच बीडीपीओ की ओर से की जा रही है। दनियालपुर में ग्रामीणों ने जिन दो लोगों को पकड़ा है, उन्होंने बताया कि वह कई गांव में यह नंबर प्लेट लगा चुके हैं और लोगों से 50-50 रुपये ले चुके हैं।
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नेम प्लेट लगाने आए व्यक्तियों में दीपक और राम भूषण सिंह शामिल थे। उन्होंने ग्रामीणों को एक पत्र दिखाया जो खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कुंजपुरा की ओर से जारी किया गया था। इसमें दनियालपुर के सरपंच नरेंद्र का नाम लिखा है। यह पत्र 11 अप्रैल को जारी किया गया है। पत्र में लिखा है कि जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी करनाल के कार्यालय से पत्र क्रमांक 563, 23 जनवरी के संबंध में समस्त ग्राम पंचायतों के घरों पर नेम प्लेट लगवाई जाए और घर के मालिक से 50 रुपये लिए जाएं। यह प्लेट दीपक से लगवाई जाए। दीपक वही है जिसे ग्रामीणों ने पकड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के मुखिया सरपंच को हर सर्वे व गांव में आने वाले व्यक्तियों की पूर्व सूचना होती है।
वर्जन
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी करनाल के कार्यालय की ओर से यह पत्र आया था। इस पत्र को रद्द करने का भी एक पत्र मेरी ओर से जारी किया गया था। यह व्यक्ति इस पत्र पर गांव में जाकर लोगों के घरों पर नंबर प्लेट लगा रहे हैं, यह मामला उनके संज्ञान में आया है। इसकी जांच की जाएगी। सरपंचों को यह प्लेट न लगवाने के लिए सूचित कर दिया है।
- मोनिका, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, कुंजपुरा
निर्मल भारत अभियान हो या फिर स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना कभी भी उन्हें मकानों पर नंबर प्लेट लगवाने के आदेश मुख्यालय से नहीं मिले। योजना के नाम पर गांवों में किया जा रहा फर्जीवाड़ा गलत है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि कोई स्वच्छ भारत मिशन के नाम की नंबर प्लेट लगाता है तो इसकी शिकायत जिला परिषद कार्यालय या फिर पुलिस को जरूर दें।
- राजकुमार संधू, कार्यक्रम प्रबंधक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण