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बस पर लिखा था हरियाणा रोडवेज भिवानी, अंबाला में पकड़ी गई
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पकडी गई फर्जी बस
- फोटो : KARNAL
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भिवानी रोडवेज के नाम से फर्जी रोडवेज बस को अंबाला में पकड़ी गई। यह बस भिवानी से क्लर्क की परीक्षा देने आए उम्मीदवारों को पंचकुला लेकर आई थी। इसकी एवज में प्रत्येक उम्मीदवार से 600-600 रुपये वसूले गए थे। सवारियां बिठाने के लिए जिरकपुर में पंचकूला रोडवेज के इंस्पेक्टरों ने बस को रूकने का इशारा किया था। लेकिन चालक ने बस को नहीं रोका। इस बस में ं करीब 60 परीक्षार्थी व उनके परिजनों सवार थे। अब रोडवेज डिपो की महाप्रबंधक गौरी मिड्ढा ने एसपी अभिषेक जोरवाल को शिकायत देकर मामले में धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने का आग्रह किया है।
आरटीए कर्मचारी के भाई के नाम पर रजिस्टर्ड है बस
फर्जी बस से जुड़ा यह मामला हाईप्रोफाइल नजर आ रहा है। शुरूआती जांच में यह बात सामने आई कि बस भिवानी आरटीए में तैनात एक कर्मचारी के भाई विकास सोसाइटी के नाम से पंजीकृत है। सोसाइटी की दो अन्य बसें भी भिवानी में चल रही है। बस मालिक विकास ने हरियाणा राज्य परिवहन विभाग की किलोमीटर स्कूल के तहत बस चलाने के लिए खरीदा था लेकिन किलोमीटर स्कीम में घोटाले के चलते सरकार ने स्कीम को रद्द कर दिया। इसी के चलते बस मालिक की बस खड़ी थी। प्रदेश भर में क्लर्क की तीन दिन तक परीक्षा थी। इसीलिए आरटीए में पहुंच के चलते इस मौके को भुनाने के लिए बस को भिवानी से पंचकूला के बीच दौड़ाने की खेल रचा गया। बिना परमिट और रोडवेज के नाम से अतिरिक्त किराये पर स्पेशल दौड़ाया गया है। भिवानी से पंचकूला तक रोडवेज बस का किराया आना-जाना 400 रुपये बनता है लेकिन बस परीक्षार्थियों से करीब 600 रुपये के हिसाब से किराया वसूला गया है। इसके अलावा कोई टिकट भी नहीं दिया गया।
गांव बजीना का रहने वाला मालिक
देर शाम तक रोडवेज वर्कशॉप में रोडवेज इंस्पेक्टरों के साथ-साथ पुलिस पूछताछ में जुटी रहीं। पूछताछ में सामने आया है कि यह बस भिवानी में ब्लॉक तोशाम के गांव बजीना के रहने वाले विकास ने खरीदी थी और आरटीए की ओर से 23 जनवरी 2019 को इसकी पासिंग की है। लेकिन रोडवेज के चालक-परिचालकों ने अंबाला में ऐसी बसें सड़कों पर दौड़ती दिखी तो हाईवे पर इंस्पेक्टरों ने अपनी चौकसी बढ़ा दी थी जिसके चलते यह बस पकड़ी गई है।
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देर शाम को बस इम्पाउंड
रविवार देर शाम को पुलिस इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे और बस को इम्पाउंड किया गया है। अब देखना यह है कि बस मालिक के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज होता है या नहीं। रोडवेज की ओर से बस चालक एवं तोशाम के गांव नया गांव निवासी अजीत को पुलिस को सौंप दिया गया है। इस बस पर एक राजनैतिक पार्टी का स्टीकर भी आचार संहिता के बावजूद लगा हुआ था।
- भिवानी रोडवेज के नाम से यह बस फर्जी है। अब यह बस किलोमीटर स्कीम है या नहीं है। यह मुझे नहीं पता। इसीलिए एसपी को मामले की शिकायत देकर धोखाधड़ी का मुकदमा करने की मांग की है पुलिस पूछताछ के बाद ही हमारे पर अधिकारिक रूप से जानकारी आएगी तभी ज्यादा जानकारी दी जा सकती है।
- गौरी मिड्ढा, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो अंबाला।
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आरटीए कर्मचारी के भाई के नाम पर रजिस्टर्ड है बस
फर्जी बस से जुड़ा यह मामला हाईप्रोफाइल नजर आ रहा है। शुरूआती जांच में यह बात सामने आई कि बस भिवानी आरटीए में तैनात एक कर्मचारी के भाई विकास सोसाइटी के नाम से पंजीकृत है। सोसाइटी की दो अन्य बसें भी भिवानी में चल रही है। बस मालिक विकास ने हरियाणा राज्य परिवहन विभाग की किलोमीटर स्कूल के तहत बस चलाने के लिए खरीदा था लेकिन किलोमीटर स्कीम में घोटाले के चलते सरकार ने स्कीम को रद्द कर दिया। इसी के चलते बस मालिक की बस खड़ी थी। प्रदेश भर में क्लर्क की तीन दिन तक परीक्षा थी। इसीलिए आरटीए में पहुंच के चलते इस मौके को भुनाने के लिए बस को भिवानी से पंचकूला के बीच दौड़ाने की खेल रचा गया। बिना परमिट और रोडवेज के नाम से अतिरिक्त किराये पर स्पेशल दौड़ाया गया है। भिवानी से पंचकूला तक रोडवेज बस का किराया आना-जाना 400 रुपये बनता है लेकिन बस परीक्षार्थियों से करीब 600 रुपये के हिसाब से किराया वसूला गया है। इसके अलावा कोई टिकट भी नहीं दिया गया।
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गांव बजीना का रहने वाला मालिक
देर शाम तक रोडवेज वर्कशॉप में रोडवेज इंस्पेक्टरों के साथ-साथ पुलिस पूछताछ में जुटी रहीं। पूछताछ में सामने आया है कि यह बस भिवानी में ब्लॉक तोशाम के गांव बजीना के रहने वाले विकास ने खरीदी थी और आरटीए की ओर से 23 जनवरी 2019 को इसकी पासिंग की है। लेकिन रोडवेज के चालक-परिचालकों ने अंबाला में ऐसी बसें सड़कों पर दौड़ती दिखी तो हाईवे पर इंस्पेक्टरों ने अपनी चौकसी बढ़ा दी थी जिसके चलते यह बस पकड़ी गई है।
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देर शाम को बस इम्पाउंड
रविवार देर शाम को पुलिस इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे और बस को इम्पाउंड किया गया है। अब देखना यह है कि बस मालिक के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज होता है या नहीं। रोडवेज की ओर से बस चालक एवं तोशाम के गांव नया गांव निवासी अजीत को पुलिस को सौंप दिया गया है। इस बस पर एक राजनैतिक पार्टी का स्टीकर भी आचार संहिता के बावजूद लगा हुआ था।
- भिवानी रोडवेज के नाम से यह बस फर्जी है। अब यह बस किलोमीटर स्कीम है या नहीं है। यह मुझे नहीं पता। इसीलिए एसपी को मामले की शिकायत देकर धोखाधड़ी का मुकदमा करने की मांग की है पुलिस पूछताछ के बाद ही हमारे पर अधिकारिक रूप से जानकारी आएगी तभी ज्यादा जानकारी दी जा सकती है।
- गौरी मिड्ढा, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो अंबाला।