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सुविधाएं आदर्श की भी पूरी नहीं, वर्ल्ड क्लास का सपना
करनाल/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jun 2015 01:07 AM IST
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लोगों की आस्था का केंद्र धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में यात्रियों की संख्या को
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देखते हुए रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनाने की बातें हो रही
हैं, लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बाद भी यहां सुविधाओं का भी टोटा है।
रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन 12 हजार के आसपास यात्री यात्रा करते हैं, जिससे करीब 3 लाख 50 हजार की रेलवे को कमाई होती है। लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं की खासी कमी है, जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में वर्ल्ड क्लास स्टेशन का सपना बेमानी सा ही दिखाई देता है।
टिकट खिड़की रहती है बंद
सेक्टर-13 की ओर वाला टिकट काउंटर को बने काफी समय हो गया, लेकिन वह उसी समय से बंद पड़ा हुआ है। यदि यह खिड़की खोल दी जाती है तो शहर का बड़ा हिस्सा सेक्टर-13 की ओर से आ सकता है। जिससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
नहीं रुकती रेलगाड़ियां
कुरुक्षेत्र जंक्शन पर 40 के करीब रेल गाड़ियां हैं, जो कुरुक्षेत्र जंक्शन पर नहीं रुकती हैं। जिस कारण यात्रियाें को अंबाला या करनाल का रुख करना पड़ता है। जिसके चलते यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सीसीटीवी कैमरे तो हैं, पर नहीं है मेटल डिटेक्टर
कुरुक्षेत्र जंक्शन पर सुरक्षा के लिए आरपीएफ द्वारा 22 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके द्वारा पूरे रेलवे स्टेशन पर निगाहें रखी जाती हैं। लेकिन जंक्शन के दोनों मुख्य द्वारों पर सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। यहां न तो मेटल डिटेक्टर हैं और न ही कोई सुरक्षा कर्मी ही तैनात रहते हैं। आसपास का खुला एरिया भी चुनौती देता रहता है।
प्रतीक्षा कक्ष में सुविधाओं का अभाव
प्रतीक्षा कक्ष में यात्रियों के लिए बैठने का उचित स्थान नहीं है। कक्ष यात्रियों के साथ-साथ कुत्तों का भी आरामगाह बना हुआ है। कक्ष में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है।
एस्केलेटर की घोषणा हुई, पर लगी आज तक नहीं
कुरुक्षेत्र जंक्शन पर एस्कलेटर लगाने के लिए बहुत समय पहले घोषणा हुई थी, लेकिन कुरुक्षेत्र जंक्शन जगह की कमी के चलते कार्य पूरा नहीं हो सका। यह सुविधा भी नहीं मिल सकी जंक्शन को।
‘सेक्टर-13 की ओर का टिकट घर बना तो दिया है, लेकिन उसे आज तक उद्घाटन का इंतजार है। ऐसे में सेक्टर-13 की ओर बसने वाले आधे शहरवासियों को टिकट लेने के लिए परेशानियां होती हैं।’
तरसेम कुमार, निवासी सेक्टर-13।
‘धर्मनगरी में जितनी संख्या में पर्यटक आते है उस अनुपात में रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था नाममात्र ही है। सेक्टर-13 की ओर तो सुरक्षा का कोई भी कोई प्रंबध नहीं किया गया। सेक्टर ही नहीं मेन गेट की ओर से भी आवाजाही बेरोकटोक होती है। ऐसे में कभी भी कोई हादसे को अंजाम दे सकता है।
तपन, लॉ छात्र, केयू।
‘रेलवे स्टेशन पर पीने के पानी की समस्या थी, लेकिन कुछ समय पहले ही इस समस्या का हल कर दिया गया है। अब यात्रियाें के लिए स्टेशन पर ठंठे पानी की सुविधा है। लेकिन प्लेटफार्म नंबर 2, 3 पर शौचालय की सुविधा नहीं है। इस प्लेटफार्म पर भी यह सुविधा होनी चाहिए।’
भारत, दैनिक रेल यात्री, निवासी पानीपत।
‘यात्रियों की सुविधा के लिए प्लेटफार्म नंबर 1 पर वाटर कूलर एक ही है। ऐसे में यात्रियों को पानी लेने के लिए दौड़ लगानी पड़ती है।’
रुपेश, निवासी मथाना।
‘कुरुक्षेत्र जंक्शन को वर्ल्ड क्लास बनाने की जानकारी अभी नहीं मिली। सेक्टर-13 का टिकट घर खोलना तो है, लेकिन फिलहाल कर्मियों की काफी कमी है। इसके अलावा स्टेशन पर सफाई व्यवस्था पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। लेकिन, सफाई के लिए यात्रियों को भी ध्यान रखना चाहिए और उन्हें भी सफाई कर्मियों का सहयोग करना चाहिए।’
मंगल दास, स्टेशन अधीक्षक, कुरुक्षेत्र
रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन 12 हजार के आसपास यात्री यात्रा करते हैं, जिससे करीब 3 लाख 50 हजार की रेलवे को कमाई होती है। लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं की खासी कमी है, जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में वर्ल्ड क्लास स्टेशन का सपना बेमानी सा ही दिखाई देता है।
टिकट खिड़की रहती है बंद
सेक्टर-13 की ओर वाला टिकट काउंटर को बने काफी समय हो गया, लेकिन वह उसी समय से बंद पड़ा हुआ है। यदि यह खिड़की खोल दी जाती है तो शहर का बड़ा हिस्सा सेक्टर-13 की ओर से आ सकता है। जिससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
नहीं रुकती रेलगाड़ियां
कुरुक्षेत्र जंक्शन पर 40 के करीब रेल गाड़ियां हैं, जो कुरुक्षेत्र जंक्शन पर नहीं रुकती हैं। जिस कारण यात्रियाें को अंबाला या करनाल का रुख करना पड़ता है। जिसके चलते यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सीसीटीवी कैमरे तो हैं, पर नहीं है मेटल डिटेक्टर
कुरुक्षेत्र जंक्शन पर सुरक्षा के लिए आरपीएफ द्वारा 22 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके द्वारा पूरे रेलवे स्टेशन पर निगाहें रखी जाती हैं। लेकिन जंक्शन के दोनों मुख्य द्वारों पर सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। यहां न तो मेटल डिटेक्टर हैं और न ही कोई सुरक्षा कर्मी ही तैनात रहते हैं। आसपास का खुला एरिया भी चुनौती देता रहता है।
प्रतीक्षा कक्ष में सुविधाओं का अभाव
प्रतीक्षा कक्ष में यात्रियों के लिए बैठने का उचित स्थान नहीं है। कक्ष यात्रियों के साथ-साथ कुत्तों का भी आरामगाह बना हुआ है। कक्ष में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है।
एस्केलेटर की घोषणा हुई, पर लगी आज तक नहीं
कुरुक्षेत्र जंक्शन पर एस्कलेटर लगाने के लिए बहुत समय पहले घोषणा हुई थी, लेकिन कुरुक्षेत्र जंक्शन जगह की कमी के चलते कार्य पूरा नहीं हो सका। यह सुविधा भी नहीं मिल सकी जंक्शन को।
‘सेक्टर-13 की ओर का टिकट घर बना तो दिया है, लेकिन उसे आज तक उद्घाटन का इंतजार है। ऐसे में सेक्टर-13 की ओर बसने वाले आधे शहरवासियों को टिकट लेने के लिए परेशानियां होती हैं।’
तरसेम कुमार, निवासी सेक्टर-13।
‘धर्मनगरी में जितनी संख्या में पर्यटक आते है उस अनुपात में रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था नाममात्र ही है। सेक्टर-13 की ओर तो सुरक्षा का कोई भी कोई प्रंबध नहीं किया गया। सेक्टर ही नहीं मेन गेट की ओर से भी आवाजाही बेरोकटोक होती है। ऐसे में कभी भी कोई हादसे को अंजाम दे सकता है।
तपन, लॉ छात्र, केयू।
‘रेलवे स्टेशन पर पीने के पानी की समस्या थी, लेकिन कुछ समय पहले ही इस समस्या का हल कर दिया गया है। अब यात्रियाें के लिए स्टेशन पर ठंठे पानी की सुविधा है। लेकिन प्लेटफार्म नंबर 2, 3 पर शौचालय की सुविधा नहीं है। इस प्लेटफार्म पर भी यह सुविधा होनी चाहिए।’
भारत, दैनिक रेल यात्री, निवासी पानीपत।
‘यात्रियों की सुविधा के लिए प्लेटफार्म नंबर 1 पर वाटर कूलर एक ही है। ऐसे में यात्रियों को पानी लेने के लिए दौड़ लगानी पड़ती है।’
रुपेश, निवासी मथाना।
‘कुरुक्षेत्र जंक्शन को वर्ल्ड क्लास बनाने की जानकारी अभी नहीं मिली। सेक्टर-13 का टिकट घर खोलना तो है, लेकिन फिलहाल कर्मियों की काफी कमी है। इसके अलावा स्टेशन पर सफाई व्यवस्था पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। लेकिन, सफाई के लिए यात्रियों को भी ध्यान रखना चाहिए और उन्हें भी सफाई कर्मियों का सहयोग करना चाहिए।’
मंगल दास, स्टेशन अधीक्षक, कुरुक्षेत्र