{"_id":"c663f598273ad3db5321f8b215de53ec","slug":"evils-were-burnt-on-dussehra-lanka","type":"story","status":"publish","title_hn":"विजयदशमी पर जलकर राख हो गई बुराइयों की ‘लंका’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विजयदशमी पर जलकर राख हो गई बुराइयों की ‘लंका’
करनाल
Updated Sun, 13 Oct 2013 09:55 PM IST
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राजा कर्ण के शहर करनाल में विजयदशमी की संध्या पर बुराई का प्रतीक रावण तेज धमाकों के साथ परिवार सहित धू-धूकर जल उठा। मुख्य अतिथि संासद डॉ. अरविंद शर्मा ने परंपरा अनुसार रविवार शाम को सूर्य अस्त होते-होते रावण के पुतले को अग्नि दी।
इस अवसर पर कुंभकरण और मेघनाद के पुतले भी जलाए गए। देखते ही देखते रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों में लगी आग की लपटें आसमान छूने लगी। रावण की गोल्डन लंका भी आग की भेंट चढ़ गई। दशहरा मैदान में मौजूद भीड़ ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जयकारे लगाए। उधर, इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. अरविंद शर्मा ने सर्वप्रथम तमाम लोगों को दशहरे की बधाई दी।
इसके साथ ही सांसद ने शहर के लोगों को अलग से दशहरा मैदान दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे इस मांग को मुख्यमंत्री के समक्ष मजबूती के साथ रखेंगे। रविवार को हिंदुओं की आस्था के पर्व दशहरा को शहर के सेक्टर 16 मैदान में मनाया गया। सांसद डॉ. शर्मा ने कहा कि श्रीराम और सीता की जीवन लीला तमाम लोगों को मालूम है।
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उनके आदर्श जीवन का अनुसरण करने के साथ सभी लोगों को अपना सामान्य जीवन सार्थक बनाना चाहिए। नैतिकता और मूल्यों आधारित जीवन जीने वाले लोगों को जीवन में परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। रावण ने अपने जीवन में तमाम बुराई के काम किए। माता सीता का अपहरण कर स्वयं अपनी मौत को बुलावा दिया।
उन्होंने इसके साथ ही अपना संबोधन शहर के लोगों के पक्ष में बदल दिया। उन्होंने कहा पिछले कई सालों से शहर के लोगों के पास अपना दशहरा मैदान नहीं है। पिछले कई दिन पहले हुई बारिश के मौसम ने श्री रामलीला सभा के पदाधिकारियों की दिक्कत बढ़ा दी थी। यह कुदरत का शुक्र रहा कि मौसम दो दिन से साफ है।
अन्यथा तो रावण जलाने के लिए अन्य कोई व्यवस्था करनी पड़ती तो तुरंत करना बेहद मुश्किल हो जाता है। रामलीला सभा के अध्यक्ष कपिल गर्ग समेत तमाम पदाधिकारियों और सदस्यों ने उनके समक्ष यह मांग रखी है। उनका पूरा प्रयास रहेगा कि वह शहर के लोगों को दशहरा मैदान मुख्यमंत्री से आग्रह कर दिलाएं।
दशहरा पर्व पर सेक्टर 16 में करनाल और निकट के गांवों में शामिल दहा, बजीदा, कंबोपुरा, ऊंचा समाना, मदनपुर, सिरसी, मधुबन, बलड़ी, बुढ़ा खेड़ा, कटा बाग, घोघडीपुर, बड़ौता, बिरचपुर, गगसीना, पिंगली, नरूखेड़ी, उचाना, झिंझाड़ी, उचानी, कैलाश व टीकरी समेत पचास गांवों के एक लाख लोगों की भीड़ दशहरा मैदान में पहुंची। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा के तमाम कडे़ इंतजाम किए गए थे। सेक्टर 16 के चारों ओर भीड़ की सुविधा के लिए बेरीकेट लगाए गए थे। वाहनों को दशहरा मैदान से करीब आधा किलोमीटर दूर ही रोक दिया गया था।
रावण की पूजा में 21 झांकियां
विजयदशमी के दिन सुबह से ही महाविद्वान रावण की पूजा करने वाले श्रद्धालुओं को तांता लगना प्रारंभ हो गया था। महिलाओं और बच्चों ने दशहरा मैदान में रावण की चरणों में बैठकर पूजा अर्चना की। रावण की अर्चना के लिए अलग से व्यवस्था मैदान में ही की गई थी। दशहरा पर्व के दिन दोपहर बाद रामलीला मैदान से शोभायात्रा ने दशहरा मैदान में पहुंचने के लिए प्रस्थान किया।
सर्वप्रथम श्री गणेश की झांकी के बाद करीब 21 झांकियां शहर के तमाम 16 बैंडों समेत कई हजार श्रद्धालु शामिल रहे। धूमधाम के साथ शोभायात्रा रेलवे रोड से भगवान वाल्मीकि चौक से होते हुए ओल्ड जीटी रोड के रास्तेकलंदरी गेट, महाराणा प्रताप चौक, मीराघाटी होते हुए सेक्टर 16 दशहरा मैदान पहुंची। 21 हजार रुपये के फल हनुमान के स्वरूप ने शोभायात्रा के दौरान शहर के लोगों को प्रसाद के तौर पर वितरित किए।
तीन हजार से अधिक पटाखे फोड़े
रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों में लगाए करीब तीन हजार से अधिक गोले एक के बाद एक कर तेज धमाकों के साथ बजे। बमों का धमाका इतना तेज था कि करीब पांच किलोमीटर की परिधि में गूंज सुनाई दी।
रावण ने मुंह से आग उगली और रावण की छाती पर दमन का चक्र चला, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण बना रहा। रावण की लंका भी बम के धमाकों के साथ धू-धूकर जली। मौके पर विधायक सुमिता सिंह, नगर निगम की मेयर रेनू बाला गुप्ता, उपायुक्त विकास यादव और एसपी शशांक आनंद ने भी लोगों को इस पर्व की बधाई दी।
नीलोखेड़ी में निकाली गई शोभायात्रा
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा बडे़ धूमधाम से मनाया गया। दशहर कमेटी ने नगर में शोभायात्रा का आयोजन किया। शोभायात्रा में मुख्य अतिथि के रूप में हजकां के वरिष्ठ नेता व बीसी सेल के अध्यक्ष तेग सिंह तखाना ने शिरकत की। तेग सिंह तखाना ने कहा कि भगवान श्रीराम ने रावण का वध करके हम सबको को संदेश दिया कि बुराई पर हमेशा अच्छाई की जीत होती है।
हमें किसी भी कीमत पर अच्छाई का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। शोभायात्रा नगर के गोल मार्केट, अस्पताल ऐरिया, रेलवे रोड, नील नगर मार्केट कारसा रोड से होते हुई गर्वनमेंट स्कूल के खेल के मैदान में पहुंची। शोभायात्रा में सनातम धर्म मंदिर पोल्ट्री ऐरिया, ब्रह्मकुमारी आश्रम, साईं पालकी मंदिर किसान बस्ती, आर्य समाज मंदिर व वाल्मीकि सभा ने अपनी-अपनी झांकी शोभायात्रा में प्रस्तुत की। इसके बाद दशहरा मैदान में रावण 45 फुट, कुंभकरण 40 फुट तथा मेघनाथ 35 फुट का पुतला जलाया गया।
रावण दहन के साथ उत्सव का समापन
तरावड़ी में रावण दहन के साथ ही दशहरा पर्व संपन्न हो गया। बुराई पर अच्छाई के इस पर्व के दौरान बच्चों को यह संदेश देने के लिए कि हमेशा सत्य और अच्छे की जीत होती है, इसके लिए सबसे पहले रावण सभी शास्त्रों को ज्ञाता था, इसलिए दिनभर रावण के पुतले की पूजा हुई और लोगों ने पूजा करते हुए बच्चों को बताया कि रावण जितना ज्ञान संसार में किसी के पास नहीं था।
इसके बाद शाम ढलते ही राम व रावण की सेनाओं की ड्रेस डालकर पूरे शहर में जुलूस निकाला। इसके आगे बज रहे बैंडबाजे के आगे युवा नाच रहे थे और अंत में दोनों सेनाएं दशहरा ग्राउंड पहुंचीं और दोनों के बीच युद्ध दिखाया गया। जिसमें रावण की हार यानी बुराई की हार हुई और राम यानी सत्य और अच्छाई की जीत हुई।
घरौंडा में भी रही उत्सव की धूम
घरौंडा में बुराई पर अच्छाई के प्रतीक विजयदशमी के पर्व को बडे़ ही हर्ष व उल्लास के साथ मनाया गया। रामलीला क्लब की ओर से शहर के मुख्य मार्गों से शोभायात्रा निकाली गई। बाद में हाईवे पर स्थित स्कूल के ग्राउंड में कांग्रेस नेता सोहनलाल गुप्ता ने रावण व मेघनाथ के पुतलों का दहन किया और कहा कि श्रीराम ने रावण का वध करके बुराई का अंत किया ओर अच्छाई पर जीत पाई है।
उन्होंने लोगों का दशहरे की बधाई भी दी। दोपहर लगभग 12 बजे रामलीला ग्राउंड से बैंडबाजों के साथ शोभायात्रा का शुभारंभ क्लब के प्रधान मनीष गुप्ता व सुरेंद्र पांचाल ने किया गया। शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, हनुमान, रावण, मेघनाथ सहित अन्य झांकियां दिखाई गई। शोभायात्रा अनाज मंडी रोड से शुरू होकर रेलवे रोड, मंडी मनी राम, मुख्य बाजार से होती हुई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में पहुंची। यहां पर रावण, मेघनाथ, कुंभकरण के पुतले बनाए हुए थे।
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इस अवसर पर कुंभकरण और मेघनाद के पुतले भी जलाए गए। देखते ही देखते रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों में लगी आग की लपटें आसमान छूने लगी। रावण की गोल्डन लंका भी आग की भेंट चढ़ गई। दशहरा मैदान में मौजूद भीड़ ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जयकारे लगाए। उधर, इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. अरविंद शर्मा ने सर्वप्रथम तमाम लोगों को दशहरे की बधाई दी।
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इसके साथ ही सांसद ने शहर के लोगों को अलग से दशहरा मैदान दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे इस मांग को मुख्यमंत्री के समक्ष मजबूती के साथ रखेंगे। रविवार को हिंदुओं की आस्था के पर्व दशहरा को शहर के सेक्टर 16 मैदान में मनाया गया। सांसद डॉ. शर्मा ने कहा कि श्रीराम और सीता की जीवन लीला तमाम लोगों को मालूम है।
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उनके आदर्श जीवन का अनुसरण करने के साथ सभी लोगों को अपना सामान्य जीवन सार्थक बनाना चाहिए। नैतिकता और मूल्यों आधारित जीवन जीने वाले लोगों को जीवन में परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। रावण ने अपने जीवन में तमाम बुराई के काम किए। माता सीता का अपहरण कर स्वयं अपनी मौत को बुलावा दिया।
उन्होंने इसके साथ ही अपना संबोधन शहर के लोगों के पक्ष में बदल दिया। उन्होंने कहा पिछले कई सालों से शहर के लोगों के पास अपना दशहरा मैदान नहीं है। पिछले कई दिन पहले हुई बारिश के मौसम ने श्री रामलीला सभा के पदाधिकारियों की दिक्कत बढ़ा दी थी। यह कुदरत का शुक्र रहा कि मौसम दो दिन से साफ है।
अन्यथा तो रावण जलाने के लिए अन्य कोई व्यवस्था करनी पड़ती तो तुरंत करना बेहद मुश्किल हो जाता है। रामलीला सभा के अध्यक्ष कपिल गर्ग समेत तमाम पदाधिकारियों और सदस्यों ने उनके समक्ष यह मांग रखी है। उनका पूरा प्रयास रहेगा कि वह शहर के लोगों को दशहरा मैदान मुख्यमंत्री से आग्रह कर दिलाएं।
दशहरा पर्व पर सेक्टर 16 में करनाल और निकट के गांवों में शामिल दहा, बजीदा, कंबोपुरा, ऊंचा समाना, मदनपुर, सिरसी, मधुबन, बलड़ी, बुढ़ा खेड़ा, कटा बाग, घोघडीपुर, बड़ौता, बिरचपुर, गगसीना, पिंगली, नरूखेड़ी, उचाना, झिंझाड़ी, उचानी, कैलाश व टीकरी समेत पचास गांवों के एक लाख लोगों की भीड़ दशहरा मैदान में पहुंची। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा के तमाम कडे़ इंतजाम किए गए थे। सेक्टर 16 के चारों ओर भीड़ की सुविधा के लिए बेरीकेट लगाए गए थे। वाहनों को दशहरा मैदान से करीब आधा किलोमीटर दूर ही रोक दिया गया था।
रावण की पूजा में 21 झांकियां
विजयदशमी के दिन सुबह से ही महाविद्वान रावण की पूजा करने वाले श्रद्धालुओं को तांता लगना प्रारंभ हो गया था। महिलाओं और बच्चों ने दशहरा मैदान में रावण की चरणों में बैठकर पूजा अर्चना की। रावण की अर्चना के लिए अलग से व्यवस्था मैदान में ही की गई थी। दशहरा पर्व के दिन दोपहर बाद रामलीला मैदान से शोभायात्रा ने दशहरा मैदान में पहुंचने के लिए प्रस्थान किया।
सर्वप्रथम श्री गणेश की झांकी के बाद करीब 21 झांकियां शहर के तमाम 16 बैंडों समेत कई हजार श्रद्धालु शामिल रहे। धूमधाम के साथ शोभायात्रा रेलवे रोड से भगवान वाल्मीकि चौक से होते हुए ओल्ड जीटी रोड के रास्तेकलंदरी गेट, महाराणा प्रताप चौक, मीराघाटी होते हुए सेक्टर 16 दशहरा मैदान पहुंची। 21 हजार रुपये के फल हनुमान के स्वरूप ने शोभायात्रा के दौरान शहर के लोगों को प्रसाद के तौर पर वितरित किए।
तीन हजार से अधिक पटाखे फोड़े
रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों में लगाए करीब तीन हजार से अधिक गोले एक के बाद एक कर तेज धमाकों के साथ बजे। बमों का धमाका इतना तेज था कि करीब पांच किलोमीटर की परिधि में गूंज सुनाई दी।
रावण ने मुंह से आग उगली और रावण की छाती पर दमन का चक्र चला, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण बना रहा। रावण की लंका भी बम के धमाकों के साथ धू-धूकर जली। मौके पर विधायक सुमिता सिंह, नगर निगम की मेयर रेनू बाला गुप्ता, उपायुक्त विकास यादव और एसपी शशांक आनंद ने भी लोगों को इस पर्व की बधाई दी।
नीलोखेड़ी में निकाली गई शोभायात्रा
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा बडे़ धूमधाम से मनाया गया। दशहर कमेटी ने नगर में शोभायात्रा का आयोजन किया। शोभायात्रा में मुख्य अतिथि के रूप में हजकां के वरिष्ठ नेता व बीसी सेल के अध्यक्ष तेग सिंह तखाना ने शिरकत की। तेग सिंह तखाना ने कहा कि भगवान श्रीराम ने रावण का वध करके हम सबको को संदेश दिया कि बुराई पर हमेशा अच्छाई की जीत होती है।
हमें किसी भी कीमत पर अच्छाई का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। शोभायात्रा नगर के गोल मार्केट, अस्पताल ऐरिया, रेलवे रोड, नील नगर मार्केट कारसा रोड से होते हुई गर्वनमेंट स्कूल के खेल के मैदान में पहुंची। शोभायात्रा में सनातम धर्म मंदिर पोल्ट्री ऐरिया, ब्रह्मकुमारी आश्रम, साईं पालकी मंदिर किसान बस्ती, आर्य समाज मंदिर व वाल्मीकि सभा ने अपनी-अपनी झांकी शोभायात्रा में प्रस्तुत की। इसके बाद दशहरा मैदान में रावण 45 फुट, कुंभकरण 40 फुट तथा मेघनाथ 35 फुट का पुतला जलाया गया।
रावण दहन के साथ उत्सव का समापन
तरावड़ी में रावण दहन के साथ ही दशहरा पर्व संपन्न हो गया। बुराई पर अच्छाई के इस पर्व के दौरान बच्चों को यह संदेश देने के लिए कि हमेशा सत्य और अच्छे की जीत होती है, इसके लिए सबसे पहले रावण सभी शास्त्रों को ज्ञाता था, इसलिए दिनभर रावण के पुतले की पूजा हुई और लोगों ने पूजा करते हुए बच्चों को बताया कि रावण जितना ज्ञान संसार में किसी के पास नहीं था।
इसके बाद शाम ढलते ही राम व रावण की सेनाओं की ड्रेस डालकर पूरे शहर में जुलूस निकाला। इसके आगे बज रहे बैंडबाजे के आगे युवा नाच रहे थे और अंत में दोनों सेनाएं दशहरा ग्राउंड पहुंचीं और दोनों के बीच युद्ध दिखाया गया। जिसमें रावण की हार यानी बुराई की हार हुई और राम यानी सत्य और अच्छाई की जीत हुई।
घरौंडा में भी रही उत्सव की धूम
घरौंडा में बुराई पर अच्छाई के प्रतीक विजयदशमी के पर्व को बडे़ ही हर्ष व उल्लास के साथ मनाया गया। रामलीला क्लब की ओर से शहर के मुख्य मार्गों से शोभायात्रा निकाली गई। बाद में हाईवे पर स्थित स्कूल के ग्राउंड में कांग्रेस नेता सोहनलाल गुप्ता ने रावण व मेघनाथ के पुतलों का दहन किया और कहा कि श्रीराम ने रावण का वध करके बुराई का अंत किया ओर अच्छाई पर जीत पाई है।
उन्होंने लोगों का दशहरे की बधाई भी दी। दोपहर लगभग 12 बजे रामलीला ग्राउंड से बैंडबाजों के साथ शोभायात्रा का शुभारंभ क्लब के प्रधान मनीष गुप्ता व सुरेंद्र पांचाल ने किया गया। शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, हनुमान, रावण, मेघनाथ सहित अन्य झांकियां दिखाई गई। शोभायात्रा अनाज मंडी रोड से शुरू होकर रेलवे रोड, मंडी मनी राम, मुख्य बाजार से होती हुई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में पहुंची। यहां पर रावण, मेघनाथ, कुंभकरण के पुतले बनाए हुए थे।