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वारदात रोकने से ज्यादा चालान काटने पर जोर

Wed, 09 Apr 2014 05:39 PM IST
अमर उजाला करनाल
अमर उजाला करनाल Updated Wed, 09 Apr 2014 05:39 PM IST
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Emphasis on preventing over-invoiced cutting incident
करनाल। जिले की फिजाओं में चोरियों की दहशत और हादसों का डर समाता जा रहा है। जिस तेजी से पिछले दो साल में चोरियों की वारदात बढ़ी है। उससे जिले के लोगों में असुरक्षा घर कर गई है। जिस गति से सड़कों पर हादसे बढ़ रहे हैं, घर से निकलते हुए लोग डरते हैं। दो साल के चोरियों, सड़क हादसों और वाहन चोरी की घटनाओं का आकलन करें तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आएंगे। आरटीआई से हासिल जानकारी में खुलासा हुआ है कि करनाल जिले में दो साल में चोरी दो हजार वारदात हो चुकी है। सड़कों पर 1084 हादसों में लोगों का खून बह चुका है, जिनमें 545 लोगों की मौत हो चुकी है। घर के बाहर और अंदर खड़े वाहन भी सुरक्षित नहीं हैं। दो साल में 1488 वाहन चोरियां हो चुकी हैं। यह सब बिगड़ती कानून व्यवस्था और लचर पुलिस सिस्टम के कारण हो रहा है। चोर एक ही रात में कई-कई प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर निकल जाते हैं और पुलिस लकीर पीटती रह जाती है। आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट राजेश शर्मा ने जिला पुलिस विभाग से दो साल में हुई चोरी, वाहन चोरी और सड़क हादसों की जानकारी मांगी थी, जिसमें यह आंकड़े मिले।
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उन्होंने कहा कि शहर में अब आम आदमी न तो घर में ही सुरक्षित है और न ही सड़क पर चलते हुए। शहर में आपराधिक गतिविधियों के चलते आमजन दहशत में है, क्योंकि वह यह सोचने पर मजबूर है कि घर से निकलते ही उसके साथ कोई आपराधिक घटना न घट जाए। विशेष तौर पर महिलाएं खौफजदा हैं। चोरियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है और हर दिन घरों में व व्यापारिक प्रतिष्ठानों में चोरी की घटनाएं सुनने को मिलती हैं। आरटीआई के द्वारा मिली जानकारी के अनुसार करनाल जिले में निमभन लिखित आपराधिक आंकड़े हैं।
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ऐसे हुई वारदात
वर्ष 2012 चोरी की 1049 घटनाएं हुई तो वर्ष 2013 में 965 घरों और प्रतिष्ठानों को चोरों ने अपना निशाना बनाया। इस वर्ष 24 जनवरी तक महज 24 दिनों 138 चोरियों को अंजाम दिया गया है, जो अब तक 200 से ऊपर हो चुकी हैं। वाहन चोरी में वर्ष 2012 में 807 वाहन चोर ले गए तो वर्ष 2013 में 681 वाहन चोरी किए गए। इस साल अब तक 100 से अधिक वाहन चोरी हो चुके हैं। सड़क हादसे वर्ष 2012 में 514 हुए तो वर्ष 2013 में इनकी संख्या बढ़कर 570 हो गई। अभी तक 100 से अधिक सड़क हादसे हो चुके हैं। इन हादसों में वर्ष 2012 में 233, वर्ष 2013 में 272 और अभी तक 2014 में 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
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वारदात पर अंकुश लगाने में पुलिस नाकाम
पुलिस ने जिले में चोरी, छीनाझपटी, वाहन चोरी जैसी वारदात पर अंकुश लगाने से ज्यादा वाहनों के चालान काटने पर जोर रखा। वर्ष 2012 में जिला पुलिस ने 59138 वाहनों के चालान किए, जिनसे 16555800 रुपये जुर्माना वसूला। वर्ष 2013 में 55456 वाहनों के चालान करके 16377500 रुपये जुर्माना वसूल किया तो इस वर्ष में अभी तक पुलिस ने 6692 कर दिए हैं, जिनसे 1704600 रुपये जुर्माना लिया।
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