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Karnal News: भावनाएं क्रियाओं को परिणामों में बदल देती है
Thu, 21 Aug 2025 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 21 Aug 2025 12:39 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। भारत विकास परिषद माधव शाखा की महिला सहभागिता एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुजाता गुप्ता की ओर से राजकीय महिला महाविद्यालय में भावनात्मक कल्याण (इमोशनल वेल बीइंग) विषय पर व्याख्यान किया गया। मुख्य वक्ता क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. शिखा त्यागी ने कहा कि भावनाएं विचारों में, विचारों को क्रियाओं में और क्रियाओं को परिणामों में बदल देती हैं। उन्होंंने कहा कि सकारात्मक विचार चमत्कार पैदा करते हैं। क्षमा करने से हमारे मस्तिष्क से आलोचनाएं मिट जाती हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता सुजाता गुप्ता ने कहा कि भावनात्मक कल्याण का अर्थ है अपनी भावनाओं को समझना, स्वीकार करना, और प्रभावी ढंग से प्रबंधित करना। यह आत्म-जागरूकता, सकारात्मक दृष्टिकोण, और दूसरों के साथ स्वस्थ संबंध बनाए रखने से जुड़ा है। इस दौरान छात्राओं और स्टाफ कर्मियों ने ध्यान का अभ्यास भी किया।
इस मौके पर सुजाता गुप्ता ने कार्यक्रम के आयोजन पर महाविद्यालय के प्रिंसिपल डाॅ. विवेक रंगा का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। महाविद्यालय की महिला प्रकोष्ठ अधिकारी डॉ़ एकता अरोड़ा, डॉ़ सुमन चौधरी, डॉ़ गुरलीन, डॉ़ निशा, डॉ़ पूजा व डॉ़ श्रुति ने विशेष रूप से अपने विचार रखे। कार्यक्रम में लगभग 100 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर डॉ़ नीतू, डॉ़ दीपक, डॉ़ रमेश और डॉ़ हंसराज, भाविप माधव शाखा से डाॅ. सुचेता गुप्ता, साधना सिंगला और शशि सिंघल मौजूद रहे।
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करनाल। भारत विकास परिषद माधव शाखा की महिला सहभागिता एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुजाता गुप्ता की ओर से राजकीय महिला महाविद्यालय में भावनात्मक कल्याण (इमोशनल वेल बीइंग) विषय पर व्याख्यान किया गया। मुख्य वक्ता क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. शिखा त्यागी ने कहा कि भावनाएं विचारों में, विचारों को क्रियाओं में और क्रियाओं को परिणामों में बदल देती हैं। उन्होंंने कहा कि सकारात्मक विचार चमत्कार पैदा करते हैं। क्षमा करने से हमारे मस्तिष्क से आलोचनाएं मिट जाती हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता सुजाता गुप्ता ने कहा कि भावनात्मक कल्याण का अर्थ है अपनी भावनाओं को समझना, स्वीकार करना, और प्रभावी ढंग से प्रबंधित करना। यह आत्म-जागरूकता, सकारात्मक दृष्टिकोण, और दूसरों के साथ स्वस्थ संबंध बनाए रखने से जुड़ा है। इस दौरान छात्राओं और स्टाफ कर्मियों ने ध्यान का अभ्यास भी किया।
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इस मौके पर सुजाता गुप्ता ने कार्यक्रम के आयोजन पर महाविद्यालय के प्रिंसिपल डाॅ. विवेक रंगा का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। महाविद्यालय की महिला प्रकोष्ठ अधिकारी डॉ़ एकता अरोड़ा, डॉ़ सुमन चौधरी, डॉ़ गुरलीन, डॉ़ निशा, डॉ़ पूजा व डॉ़ श्रुति ने विशेष रूप से अपने विचार रखे। कार्यक्रम में लगभग 100 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर डॉ़ नीतू, डॉ़ दीपक, डॉ़ रमेश और डॉ़ हंसराज, भाविप माधव शाखा से डाॅ. सुचेता गुप्ता, साधना सिंगला और शशि सिंघल मौजूद रहे।
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