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चुन लिया प्रधान, अब विकास के अरमान
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। साढ़े छह साल बाद जिले में शनिवार को गांवों की नई सरकार बन गई हैं। जिनकी चौधर अधिकांश नए हाथों में आ गई है। शनिवार को 395 में से 378 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद पर और 3901 में से 1925 पंच पदों पर मतदान हुआ। फतेहगढ़ में मारपीट के बाद तीन घंटे 45 मिनट और संजय नगर में विवाद के बाद 30 मिनट तक मतदान बाधित रहने सहित कुछ छुटपुट मामलों को छोड़कर अन्य सभी पंचायतों में शांतिपूर्ण 82.6 फीसदी मतदान हुआ। कुल 735388 मतदाताओं में से 607338 मतदाताओं ने मतदान किया। जो पिछले चुनाव से अधिक है। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी लाइनें देखी गई। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक मतदाताओं में मतदान के प्रति जोश देखा गया। सर्वाधिक 87.8 प्रतिशत मतदान इंद्री खंड में तो सबसे कम 77.3 प्रतिशत मतदान चिड़ाव खंड में हुआ है। मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शाम से ही सरपंच पदों के नतीजे घोषित किए जाने लगे। जिससे देर रात गांव जश्न में डूबे नजर आए। कई गांवों में समर्थक डीजे पर थिरकते नजर आए और खूब मिठाइयां बांटी गईं।
सरपंच व पंच पद के चुनाव के लिए सुबह सात बजे जब मतदान शुरू हुआ तो मतदाताओं में जोश दिखा। सबसे खास बात ये रही कि महिलाओं ने जमकर मतदान किया। कई ग्राम पंचायतों में तो कांटे की टक्कर दिखी। युवाओं से लेकर सौ साल तक के मतदाताओं ने भी मतदान किया। यूनिसपुर में 7:30 बजे तक तो मुनक सहित कई ग्राम पंचायतों में 6:30 से सात बजे तक लाइनों में मतदाताओं ने मतदान किया। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनीश यादव ने बताया कि जिलेभर में सभी जगह शांतिपूर्ण मतदान हुआ है। निर्वाचन समाप्त होने के बाद मौके पर ही मतों की गणना शुरू कर दी गई है। हाथोंहाथ परिणाम घोषित किए गए हैं।
उपायुक्त ने बताया कि पंच-सरपंच चुनावों के लिए जिले में 395 ग्राम पंचायतों में चुनाव होना था, इनमें से 12 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। 16 पंचायतों में सरपंचों को सर्व सम्मति से चुना गया। नीलोखेड़ी के गांव गोविंदगढ़ में सरपंच पद के लिए एक ही नामांकन हुआ था, जो रद्द हो गया। इस तरह से 378 सरपंच पदों के लिए 1697 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। दूसरी ओर 3901 पंचों में से 1976 पंच निर्विरोध चुने गए तथा शेष 1925 पंचों के लिए मतदान हुआ है। इनमें 72 पंच पद ऐसे थे जहां या तो नामांकन नहीं हुए या नामांकन रद्द हुए। शनिवार को 1853 पंच पदों के लिए 4169 उम्मीदवारों के लिए मतदान हुआ है। पंच पदों के परिणाम भी मौके पर ही घोषित कर दिया गया है। कुंजपुरा में री-काउंटिंग की चर्चा थी, हालांकि कुंजपुरा के निर्वाचन अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि री-काउंटिंग तो नहीं हुई लेकिन अधिक बूथ होने के कारण कुंजपुरा का परिणाम देर से घोषित किया गया। जिसमें सुमन देवी को विजयी घोषित किया गया है।
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करनाल। साढ़े छह साल बाद जिले में शनिवार को गांवों की नई सरकार बन गई हैं। जिनकी चौधर अधिकांश नए हाथों में आ गई है। शनिवार को 395 में से 378 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद पर और 3901 में से 1925 पंच पदों पर मतदान हुआ। फतेहगढ़ में मारपीट के बाद तीन घंटे 45 मिनट और संजय नगर में विवाद के बाद 30 मिनट तक मतदान बाधित रहने सहित कुछ छुटपुट मामलों को छोड़कर अन्य सभी पंचायतों में शांतिपूर्ण 82.6 फीसदी मतदान हुआ। कुल 735388 मतदाताओं में से 607338 मतदाताओं ने मतदान किया। जो पिछले चुनाव से अधिक है। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी लाइनें देखी गई। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक मतदाताओं में मतदान के प्रति जोश देखा गया। सर्वाधिक 87.8 प्रतिशत मतदान इंद्री खंड में तो सबसे कम 77.3 प्रतिशत मतदान चिड़ाव खंड में हुआ है। मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शाम से ही सरपंच पदों के नतीजे घोषित किए जाने लगे। जिससे देर रात गांव जश्न में डूबे नजर आए। कई गांवों में समर्थक डीजे पर थिरकते नजर आए और खूब मिठाइयां बांटी गईं।
सरपंच व पंच पद के चुनाव के लिए सुबह सात बजे जब मतदान शुरू हुआ तो मतदाताओं में जोश दिखा। सबसे खास बात ये रही कि महिलाओं ने जमकर मतदान किया। कई ग्राम पंचायतों में तो कांटे की टक्कर दिखी। युवाओं से लेकर सौ साल तक के मतदाताओं ने भी मतदान किया। यूनिसपुर में 7:30 बजे तक तो मुनक सहित कई ग्राम पंचायतों में 6:30 से सात बजे तक लाइनों में मतदाताओं ने मतदान किया। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनीश यादव ने बताया कि जिलेभर में सभी जगह शांतिपूर्ण मतदान हुआ है। निर्वाचन समाप्त होने के बाद मौके पर ही मतों की गणना शुरू कर दी गई है। हाथोंहाथ परिणाम घोषित किए गए हैं।
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उपायुक्त ने बताया कि पंच-सरपंच चुनावों के लिए जिले में 395 ग्राम पंचायतों में चुनाव होना था, इनमें से 12 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। 16 पंचायतों में सरपंचों को सर्व सम्मति से चुना गया। नीलोखेड़ी के गांव गोविंदगढ़ में सरपंच पद के लिए एक ही नामांकन हुआ था, जो रद्द हो गया। इस तरह से 378 सरपंच पदों के लिए 1697 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। दूसरी ओर 3901 पंचों में से 1976 पंच निर्विरोध चुने गए तथा शेष 1925 पंचों के लिए मतदान हुआ है। इनमें 72 पंच पद ऐसे थे जहां या तो नामांकन नहीं हुए या नामांकन रद्द हुए। शनिवार को 1853 पंच पदों के लिए 4169 उम्मीदवारों के लिए मतदान हुआ है। पंच पदों के परिणाम भी मौके पर ही घोषित कर दिया गया है। कुंजपुरा में री-काउंटिंग की चर्चा थी, हालांकि कुंजपुरा के निर्वाचन अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि री-काउंटिंग तो नहीं हुई लेकिन अधिक बूथ होने के कारण कुंजपुरा का परिणाम देर से घोषित किया गया। जिसमें सुमन देवी को विजयी घोषित किया गया है।
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