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Karnal News: आठ अवैध कॉलोनियां नियमित, कई लटकीं
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर की आठ अवैध कॉलोनियों को नियमितीकरण की हरी झंडी मिल गई है। मुख्यमंत्री ने वीरवार को जिन 190 अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की घोषणा की है, उसमें नगर निगम करनाल की भी आठ अवैध कॉलोनियां शामिल है लेकिन इनके नाम नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही पता लग सकेंगे। फिलहाल, शहर की 103 कॉलोनियां नियमितीकरण की प्रतीक्षा में हैं। जिसकी चिंता अब पार्षदों को सताने लगी है, क्योंकि अब उनके कार्यकाल को भी सिर्फ दो महीने का समय ही शेष बचा है, अभी कॉलोनियों का सर्वे भी बाकी है।
पिछले दो महीनों में नगर पालिकाओं व शहरी क्षेत्र से बाहर की कुछ कॉलोनियों को नियमित किया गया लेकिन करनाल शहर की कोई भी कॉलोनी लंबे समय से नियमित नहीं हो सकी है। जबकि निर्वाचित होकर आए पार्षदों व महापौर ने भी कई अवैध कॉलोनियों के वाशिंदों को उनकी कॉलोनी को वैध कराने का आश्वासन दिया था। 28 मार्च को हुई नगरनिगम हाउस की बैठक में पार्षदों ने अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण को लेकर नाराजगी जाहिर की थी।
इसके बाद सदन में 103 कॉलोनियों के नाम रखे गए थे। तय किया गया था कि इनका सर्वे कराने के बाद नियमितीकरण के लिए सरकार को भेज दिया जाएगा। लेकिन सर्वे व अन्य व्यवस्थाएं अफसरों के हाथों में हैं, परिणाम ये है कि साढ़े छह महीने से अधिक बीत चुका है। इन कॉलोनियों का सर्वे पूरा नहीं हो सका है।
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सदन में जो अवैध कॉलोनियां नियमितीकरण के लिए रखी गई थी, पहले तो उनका सर्वे शुरू कराया गया था लेकिन बाद तय किया गया कि निगम इसके लिए कोई एजेंसी हायर करेगा। टेंडर डाला गया लेकिन बात नहीं बनी तो फिर नगर निगम ने सर्वे ऑफ इंडिया जैसी बड़ी सर्वे कंपनी से डाटा लिया, ये डाटा पूरे नगर का है। नगर निगम ने डाटा तो ले लिया लेकिन अब इस डाटा में से अवैध कॉलोनियों का चिन्हीकरण किया जाना है। जिसकी कार्य शुरू भी करा दिया गया है।
नगर निगम करनाल ने सर्वे ऑफ इंडिया से लिए गए डाटा में नौ अवैध कॉलोनियों को चिन्हित करके उनके नाम को हरियाणा सरकार को नियमितीकरण के लिए भेजा है। नगर निगम इससे पहले भी 14 कॉलोनियों के नाम सरकार को भेज चुका है। इसमें अब आठ कॉलोनियों को नियमितीकरण की सूची में शामिल किया गया है।
पार्षदों को सता रही चिंता
नगर निगम के निर्वाचित पार्षदों का कार्यकाल चार जनवरी 2024 को समाप्त हो रहा है। पार्षद चाहते हैं कि उनके क्षेत्र की अवैध कॉलोनियां शीघ्रता से नियमित हो जाएं, ताकि वहां के मतदाताओं का समर्थन उन्हें हासिल हो सके, क्योंकि अवैध होने के कारण भले ही निगम वहां बेहतर सुविधाएं नहीं दे पा रहा लेकिन वह वोट तो देते ही हैं। नगर क्षेत्र की अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण में देरी ने पार्षदों की चिंता को बढ़ा दिया है। हालांकि पार्षदों ने किसी तरह नागरिकों को सुविधाएं दिलाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी है। इन दिनों सभी अपने अपने वार्डों में विकास कार्य कराने में भी जुटे हैं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीरवार को नगर निगम करनाल की आठ कॉलोनियों को नियमित करने का एलान किया है, उनके नाम तो नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे, क्योंकि निगम ने नियमितीकरण के लिए कई कॉलोनियों के नाम सरकार को भेज रखे हैं। सर्वे ऑफ इंडिया से डो डाटा मिला है, उसका अवैध क्षेत्र चिन्हित किया जा रहा है और लगातार इन कॉलोनियों को सरकार को भेजा जा रहा है। सभी अवैध कॉलोनियों को 31 जनवरी तक चिन्हित कर सरकार को भेज दिया जाएगा। - अभिषेक मीणा, आयुक्त नगर निगम करनाल।
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करनाल। शहर की आठ अवैध कॉलोनियों को नियमितीकरण की हरी झंडी मिल गई है। मुख्यमंत्री ने वीरवार को जिन 190 अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की घोषणा की है, उसमें नगर निगम करनाल की भी आठ अवैध कॉलोनियां शामिल है लेकिन इनके नाम नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही पता लग सकेंगे। फिलहाल, शहर की 103 कॉलोनियां नियमितीकरण की प्रतीक्षा में हैं। जिसकी चिंता अब पार्षदों को सताने लगी है, क्योंकि अब उनके कार्यकाल को भी सिर्फ दो महीने का समय ही शेष बचा है, अभी कॉलोनियों का सर्वे भी बाकी है।
पिछले दो महीनों में नगर पालिकाओं व शहरी क्षेत्र से बाहर की कुछ कॉलोनियों को नियमित किया गया लेकिन करनाल शहर की कोई भी कॉलोनी लंबे समय से नियमित नहीं हो सकी है। जबकि निर्वाचित होकर आए पार्षदों व महापौर ने भी कई अवैध कॉलोनियों के वाशिंदों को उनकी कॉलोनी को वैध कराने का आश्वासन दिया था। 28 मार्च को हुई नगरनिगम हाउस की बैठक में पार्षदों ने अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण को लेकर नाराजगी जाहिर की थी।
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इसके बाद सदन में 103 कॉलोनियों के नाम रखे गए थे। तय किया गया था कि इनका सर्वे कराने के बाद नियमितीकरण के लिए सरकार को भेज दिया जाएगा। लेकिन सर्वे व अन्य व्यवस्थाएं अफसरों के हाथों में हैं, परिणाम ये है कि साढ़े छह महीने से अधिक बीत चुका है। इन कॉलोनियों का सर्वे पूरा नहीं हो सका है।
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सदन में जो अवैध कॉलोनियां नियमितीकरण के लिए रखी गई थी, पहले तो उनका सर्वे शुरू कराया गया था लेकिन बाद तय किया गया कि निगम इसके लिए कोई एजेंसी हायर करेगा। टेंडर डाला गया लेकिन बात नहीं बनी तो फिर नगर निगम ने सर्वे ऑफ इंडिया जैसी बड़ी सर्वे कंपनी से डाटा लिया, ये डाटा पूरे नगर का है। नगर निगम ने डाटा तो ले लिया लेकिन अब इस डाटा में से अवैध कॉलोनियों का चिन्हीकरण किया जाना है। जिसकी कार्य शुरू भी करा दिया गया है।
नगर निगम करनाल ने सर्वे ऑफ इंडिया से लिए गए डाटा में नौ अवैध कॉलोनियों को चिन्हित करके उनके नाम को हरियाणा सरकार को नियमितीकरण के लिए भेजा है। नगर निगम इससे पहले भी 14 कॉलोनियों के नाम सरकार को भेज चुका है। इसमें अब आठ कॉलोनियों को नियमितीकरण की सूची में शामिल किया गया है।
पार्षदों को सता रही चिंता
नगर निगम के निर्वाचित पार्षदों का कार्यकाल चार जनवरी 2024 को समाप्त हो रहा है। पार्षद चाहते हैं कि उनके क्षेत्र की अवैध कॉलोनियां शीघ्रता से नियमित हो जाएं, ताकि वहां के मतदाताओं का समर्थन उन्हें हासिल हो सके, क्योंकि अवैध होने के कारण भले ही निगम वहां बेहतर सुविधाएं नहीं दे पा रहा लेकिन वह वोट तो देते ही हैं। नगर क्षेत्र की अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण में देरी ने पार्षदों की चिंता को बढ़ा दिया है। हालांकि पार्षदों ने किसी तरह नागरिकों को सुविधाएं दिलाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी है। इन दिनों सभी अपने अपने वार्डों में विकास कार्य कराने में भी जुटे हैं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीरवार को नगर निगम करनाल की आठ कॉलोनियों को नियमित करने का एलान किया है, उनके नाम तो नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे, क्योंकि निगम ने नियमितीकरण के लिए कई कॉलोनियों के नाम सरकार को भेज रखे हैं। सर्वे ऑफ इंडिया से डो डाटा मिला है, उसका अवैध क्षेत्र चिन्हित किया जा रहा है और लगातार इन कॉलोनियों को सरकार को भेजा जा रहा है। सभी अवैध कॉलोनियों को 31 जनवरी तक चिन्हित कर सरकार को भेज दिया जाएगा। - अभिषेक मीणा, आयुक्त नगर निगम करनाल।