फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   eed ul juha

ईद उल जुहा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jul 2022 03:03 AM IST
विज्ञापन
eed ul juha
करनाल। ईद उल जुहा की नमाज रविवार की सुबह रिमझिम फुहारों के बीच शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में ईदगाह और अन्य मस्जिदों में पढ़ी गई। इसमें कौम और मुल्क की एकता और अखंडता के लिए दुआएं की गईं।
विज्ञापन

हजरत मौलाना तसव्वुर ने नूरानी मस्जिद रेलवे-स्टेशन मस्जिद पर ईद उल जुहा की नमाज पढ़ाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को चाहिए कि जहां भी कुर्बानी करें, वहां इस बात का ख्याल रखें कि कहीं भी कुर्बानी के बाद उसके अवशेषों को रास्ते में न फेंकें। उन्होंने कहा कि हमें अपने अंदर की बुराइयों को खत्म करने का प्रयास करना चाहिए। हम सब भारतीय हैं, हमें अपने देश की तरक्की के लिए काम करना चाहिए।
विज्ञापन

ईदगाह में ईद उल जुहा की नमाज मौलाना अहमद साहब ने पढ़ाई। बाद नमाजे ईद उल जुहा उन्होंने कौम को खिताब करते हुए कहा कि इस ईद पर कुर्बानी की जाती है। कुर्बानी करने वाले अपने रब को खुश करने के लिए कुर्बानी करते हैं। हम सब का कर्तव्य होता है कि हम सरकार के द्वारा जिस जानवरों की कुर्बानी की इजाजत दी गई है, उन्हीं जानवर की कुर्बानी करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि कुर्बानी पर्दे के पीछे होनी चाहिए। खुले में कुर्बानी नहीं करनी है। कुर्बानी के अवशेष व खून को जंगल में लेकर जाएं और वहां दबा दें। जहां कुर्बानी की जाती हैं, वहां पर जो खून पड़ा होता है, उसको पानी से साफ कर के बहा देना चाहिए। इसके बाद मौलाना अहमद साहब ने ही दुआ करवाई। दुआओं में अमनो अमन के साथ प्रदेश और देश के लिए भी एकता अखंडता की दुआ मांगी गई।

जामा मस्जिद में अल्हाज हाजी मौलाना नदीम साहब ने नमाज अदा कराई। देवी लाल चौक के निकट नगीना मस्जिद में मौलाना मुर्सलीन साहब ने नमाज पढ़ाई। कसूरी वाली मस्जिद में वकीलुर्रहमान साहब ने नमाज पढ़ाई। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रवक्ता खुर्शीद आलम ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जब से यह नारा दिया है कि हरियाणा एक हरियाणवी एक, तब से सभी धर्मों में आपसी विश्वास भाईचारे को बढ़ावा मिला है। उन्होंने मस्जिदों में जाकर कुर्बानी को पर्दे में ही करने की अपील की। बकरे के अलावा किसी भी बड़े जानवर की कुर्बानी मुस्लिमों के गांव में ही जा कर करें। शहर के साथ साथ जिलेभर के विभिन्न गांवों में ईद उल जुहा को परंपरागत तरीके से मनाया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed