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ई-रोड एप से आम हाथ में होगा सड़कों का कंट्रोल
karnal
Updated Tue, 14 Mar 2017 11:41 PM IST
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सड़कों को गड्ढों से मुक्त करने की जिम्मेदारी जल्द ही आम जनता के हाथ में होगी। इसके लिए राज्य सरकार ई-रोड एप ला रही है। जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपने आस-पास के खराब सड़कों का फोटो खींचकर संबंधित विभाग को भेज सकता है। एप के माध्यम से भेजी गई शिकायत और जानकारी सीधे अधिकारियों तक पहुंचेगी और तुरंत कार्रवाई होगी। फिलहाल यह एप हिसार में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया, जिसे अप्रैल से करनाल में भी चालू कर दिया जाएगा। इसके लिए उच्चाधिकारियों को हिसार से कोऑर्डिनेट करने की भी सलाह दी गई है। ई-रोड एप के आने के बाद लोगों को सड़क से जुड़ी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है। वह अपनी समस्या एक क्लिक में अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं। एप इंस्टाल करने के बाद सड़क के गड्ढे की फोटो खींचकर लोकेशन के साथ लोग भेजेंगे तो वह तुरंत संबंधित अधिकारी के पास पहुंच जाएगी। अधिकारी अपने एरिया की सड़क की समस्या से रूबरू होंगे तो सही भी कराएंगे। लोगों की शिकायत को लंबित नहीं किया जा सकता। प्रोजेक्ट में सड़कों का हाल पहले ही निर्माता कंपनी द्वारा सर्वे कर फीड कर दिया जाएगा। इस एप को लोगों तक पहुंचाने के लिए सरकारी सिस्टम का ही प्रयोग किया जाएगा। फिलहाल पहले इस एप को पीडब्ल्यूडी में लागू किया जाएगा। जिसके बाद हुडा, नगर निगम, मार्केट कमेटी, डीआरओ, एनआईसी आदि विभाग भी इससे जुड़ेंगे।
मेरी सड़क एप से भिन्न होगी ई-रोड
ई-रोड एप की तुलना कुछ माह पहले लॉन्च मेरी सड़क एप से की जाए तो यह एप अपने आप में ही अलग होगी। जहां एक ओर मेरी सड़क एप ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी एक विशेष प्रकार की सड़कों के संबंध में जानकारी देती है तो ई-रोड ग्रामीण के साथ-साथ शहरी सड़क की जानकारी भी देगी। ई-रोड को आम लोगों के प्रयोग करने लायक बनाने के लिए सरल फार्मेट होगा। इसे ग्रामीण भी सहजता से इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके अलावा भी ई-रोड एप मेरी सड़क एप से भिन्न कई प्रकार के फीचर्स से लैस होगी। एप के माध्यम से लोग फोटो खींचकर गड्ढे होने पर शिकायत कर सकेंगे, विभाग सड़क की अप्रूवल भी ई-रोड से ले सकेंगे, सड़कों की जानकारी, किस विभाग ने सड़क बनवाई, मेंटिनेंस का समय, एक्सपायरी की तिथि के साथ इस एप का उद्देश्य अपने रोड को जानों विषय पर आधारित होगा।
सड़कों की मरम्मत और सुधारीकरण पर खासा ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही इसमें आम लोगों की सहभागिता भी बढ़ाई जा रही है। इसलिए ही यह एप आ रहा है। अभी इस पर रिसर्च चल रहा है, उम्मीद है की अप्रैल से यह शुरू हो जाएगा।
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- योगेश मोहन मेहरा, एसई, पीडब्ल्यूडी
मेरी सड़क एप से भिन्न होगी ई-रोड
ई-रोड एप की तुलना कुछ माह पहले लॉन्च मेरी सड़क एप से की जाए तो यह एप अपने आप में ही अलग होगी। जहां एक ओर मेरी सड़क एप ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी एक विशेष प्रकार की सड़कों के संबंध में जानकारी देती है तो ई-रोड ग्रामीण के साथ-साथ शहरी सड़क की जानकारी भी देगी। ई-रोड को आम लोगों के प्रयोग करने लायक बनाने के लिए सरल फार्मेट होगा। इसे ग्रामीण भी सहजता से इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके अलावा भी ई-रोड एप मेरी सड़क एप से भिन्न कई प्रकार के फीचर्स से लैस होगी। एप के माध्यम से लोग फोटो खींचकर गड्ढे होने पर शिकायत कर सकेंगे, विभाग सड़क की अप्रूवल भी ई-रोड से ले सकेंगे, सड़कों की जानकारी, किस विभाग ने सड़क बनवाई, मेंटिनेंस का समय, एक्सपायरी की तिथि के साथ इस एप का उद्देश्य अपने रोड को जानों विषय पर आधारित होगा।
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सड़कों की मरम्मत और सुधारीकरण पर खासा ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही इसमें आम लोगों की सहभागिता भी बढ़ाई जा रही है। इसलिए ही यह एप आ रहा है। अभी इस पर रिसर्च चल रहा है, उम्मीद है की अप्रैल से यह शुरू हो जाएगा।
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- योगेश मोहन मेहरा, एसई, पीडब्ल्यूडी