{"_id":"5d2b95b78ebc3e6ccd346545","slug":"dr-rajeev-murder-case-karnal-news-knl4151178","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरोपियों का सात दिन का रिमांड पूरा, कोई दूसरी वजह नहीं तलाश पाई पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरोपियों का सात दिन का रिमांड पूरा, कोई दूसरी वजह नहीं तलाश पाई पुलिस
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अमृतधारा अस्पताल के संचालक और आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डा. राजीव गुप्ता की हत्या के मामले में तमाम पहलूओं पर जांच करने के बाद भी पुलिस हत्या के पीछे कोई बड़ी वजह को नहीं उगलवा पाई है। सोमवार को तीनों आरोपियो का रिमांड पूरा रहा है, बावजूद इसके पुलिस अब भी नौकरी से हटाने और दूसरी जगह नौकरी नहीं लगने देने को ही हत्या का कारण मान रही है। सोमवार को तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा।
ऐसे में पुलिस दोबारा से अदालत से आरोपियों का रिमांड मांग सकती है। हालांकि, इससे पहले एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया एसआईटी की बैठक लेंगे और अभी तक जांच की समीक्षा करेंगे।
बता दें कि 6 जुलाई की शाम को डा. राजीव गुप्ता की सेक्टर-16 के पास गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद बाइक पर सवार तीनों बदमाश फरार हो गए थे। बाद में पुलिस ने हत्या के आरोप में अमृतधारा अस्पताल के ही पूर्व कर्मचारी पवन, शिवम व रमन को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से पुलिस ने दो रिवाल्वर भी बरामद किए थे।
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तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस ने सात दिन के रिमांड पर लिया था। इस दौरान पुलिस की अलग अलग आठ टीमों ने अलग अलग पहलूओं पर जांच की सबूत जुटाए। प्रापर्टी, अदालत में गवाही, सुपारी समेत अन्य पहलूओं पर जांच की, लेकिन सात दिनों में पुलिस आरोपियों से दूसरी कोई बड़ी वजह नहीं उगलवा पाई।
रिमांड पूरा होने के बाद भी पुलिस इसी थ्यौरी पर काम कर रही है कि हत्या की मुख्य वजह नौकरी से निकालना और दूसरी जगह नौकरी नहीं लगने देना ही है। सोमवार को तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा। ऐेसे में पुलिस दोबारा से आरोपियों का रिमांड मांग सकती है। गौरतलब है कि गिरफ्तारी के दिन भी पुलिस ने हत्या का कारण डा. गुप्ता द्वारा पवन को अमृतधारा अस्पताल से नौकरी से निकालना ही बताया गया था।
पवन को वहम था कि पुलिस उसे पकड़ नहीं सकती
बचने के लिए यूपी से खरीदा रिवाल्वर, सीसीटीवी से बचने की पूरी कोशिश
करनाल। डा. राजीव गुप्ता की गोली मारकर हत्या करने के मुख्य आरोपी पवन दहिया को इस बात का वहम हो गया था कि वारदात के बाद भी पुलिस उसको काबू नहीं कर सकती। इसके पीछे बड़ा कारण 28 मई को नए बस स्टैंड पर पुलिस कर्मचारियों के पैरों में गोलियां मारकर कुख्यात बदमाश को छुड़वा ले गए थे।
करीब डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी उन बदमाशों को पुलिस काबू नहीं कर पाई है। इसी वारदात के बाद पवन का दुस्साहस बढ़ा और उसने वारदात को अंजाम दे दिया। हालांकि, इससे पहले उसने पूरी रेकी की और बचने के लिए पूरा इंतजाम भी किया। सबसे पहले दो नए युवकों को अपने साथ मिलाया, जिनका पहले कोई क्रिमिनल रिकार्ड नहीं है। दूसरा, खुद का लाइसेंसी हथियार होते हुए थी यूपी से 50 हजार में रिवाल्वर खरीदा।
तीसरा कहीं भी सीसीटीवी कैमरे में कैद ना इसका भी पूरा ख्याल रखा। इतना ही नहीं पवन ने वारदात का स्थल भी ऐसा तय किया जहां पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है। दो दिन तक शहर के सभी सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद भी आरोपियों की कोई फोटो नहीं मिली थी। बाद में आईटीआई चौक पर जरूर तीनों बाइक पर सवार दिख रहे हैं। इससे भी बड़ी बात शाम 6.30 बजे वारदात को अंजाम देने के बावजूद पवन ने फेसबुक से डा. की हत्या की खबर को वायरल भी किया, ताकि किसी को शक न हो सके।
सभी पहलुओं से जांच में पता चला है कि हत्या की मुख्य वजह अस्पताल से नौकरी से हटाना और दूसरी जगह नौकरी नहीं लगने देने के कारण पैदा हुई रंजिश है। फिर भी एसआईटी के सदस्यों के साथ बैठक की जाएगी और अब तक के मिले सबूतों को जांचा जाएगा। आरोपियों को दोबारा से रिमांड पर लेने का प्रयास किया जाएगा। -सुरेंद्र सिंह भौरिया, एसपी।
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ऐसे में पुलिस दोबारा से अदालत से आरोपियों का रिमांड मांग सकती है। हालांकि, इससे पहले एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया एसआईटी की बैठक लेंगे और अभी तक जांच की समीक्षा करेंगे।
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बता दें कि 6 जुलाई की शाम को डा. राजीव गुप्ता की सेक्टर-16 के पास गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद बाइक पर सवार तीनों बदमाश फरार हो गए थे। बाद में पुलिस ने हत्या के आरोप में अमृतधारा अस्पताल के ही पूर्व कर्मचारी पवन, शिवम व रमन को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से पुलिस ने दो रिवाल्वर भी बरामद किए थे।
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तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस ने सात दिन के रिमांड पर लिया था। इस दौरान पुलिस की अलग अलग आठ टीमों ने अलग अलग पहलूओं पर जांच की सबूत जुटाए। प्रापर्टी, अदालत में गवाही, सुपारी समेत अन्य पहलूओं पर जांच की, लेकिन सात दिनों में पुलिस आरोपियों से दूसरी कोई बड़ी वजह नहीं उगलवा पाई।
रिमांड पूरा होने के बाद भी पुलिस इसी थ्यौरी पर काम कर रही है कि हत्या की मुख्य वजह नौकरी से निकालना और दूसरी जगह नौकरी नहीं लगने देना ही है। सोमवार को तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा। ऐेसे में पुलिस दोबारा से आरोपियों का रिमांड मांग सकती है। गौरतलब है कि गिरफ्तारी के दिन भी पुलिस ने हत्या का कारण डा. गुप्ता द्वारा पवन को अमृतधारा अस्पताल से नौकरी से निकालना ही बताया गया था।
पवन को वहम था कि पुलिस उसे पकड़ नहीं सकती
बचने के लिए यूपी से खरीदा रिवाल्वर, सीसीटीवी से बचने की पूरी कोशिश
करनाल। डा. राजीव गुप्ता की गोली मारकर हत्या करने के मुख्य आरोपी पवन दहिया को इस बात का वहम हो गया था कि वारदात के बाद भी पुलिस उसको काबू नहीं कर सकती। इसके पीछे बड़ा कारण 28 मई को नए बस स्टैंड पर पुलिस कर्मचारियों के पैरों में गोलियां मारकर कुख्यात बदमाश को छुड़वा ले गए थे।
करीब डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी उन बदमाशों को पुलिस काबू नहीं कर पाई है। इसी वारदात के बाद पवन का दुस्साहस बढ़ा और उसने वारदात को अंजाम दे दिया। हालांकि, इससे पहले उसने पूरी रेकी की और बचने के लिए पूरा इंतजाम भी किया। सबसे पहले दो नए युवकों को अपने साथ मिलाया, जिनका पहले कोई क्रिमिनल रिकार्ड नहीं है। दूसरा, खुद का लाइसेंसी हथियार होते हुए थी यूपी से 50 हजार में रिवाल्वर खरीदा।
तीसरा कहीं भी सीसीटीवी कैमरे में कैद ना इसका भी पूरा ख्याल रखा। इतना ही नहीं पवन ने वारदात का स्थल भी ऐसा तय किया जहां पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है। दो दिन तक शहर के सभी सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद भी आरोपियों की कोई फोटो नहीं मिली थी। बाद में आईटीआई चौक पर जरूर तीनों बाइक पर सवार दिख रहे हैं। इससे भी बड़ी बात शाम 6.30 बजे वारदात को अंजाम देने के बावजूद पवन ने फेसबुक से डा. की हत्या की खबर को वायरल भी किया, ताकि किसी को शक न हो सके।
सभी पहलुओं से जांच में पता चला है कि हत्या की मुख्य वजह अस्पताल से नौकरी से हटाना और दूसरी जगह नौकरी नहीं लगने देने के कारण पैदा हुई रंजिश है। फिर भी एसआईटी के सदस्यों के साथ बैठक की जाएगी और अब तक के मिले सबूतों को जांचा जाएगा। आरोपियों को दोबारा से रिमांड पर लेने का प्रयास किया जाएगा। -सुरेंद्र सिंह भौरिया, एसपी।