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Karnal News: हजारों संपत्तियों के दस्तावेज अधूरे, निगम में भटक रहे लोग
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सर्वेयर कंपनी की लापरवाही कहें या स्थानीय निकाय निदेशालय के सिस्टम की असफलता, पिछले दो सालों से प्रॉपर्टी आईडी को लेकर मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। अब भी 22 हजार आपत्तियों में से सिर्फ 13 हजार आपत्तियों का निराकरण हो सका है। इस कारण लोग निगम के चक्कर काटने को विवश हैं। 6700 संपत्तियां ऐसी हैं, जिनकी आईडी में दस्तावेज ही पूरे नहीं हैं। दूसरी ओर परिवार पहचान पत्र को प्रॉपर्टी आईडी से संबद्ध करने को लेकर भी लोग परेशान हैं। अब निगमायुक्त ने अभियान चलाकर एक माह के अंदर इन्हें दुरुस्त करने का निर्देश दिया है।
नगरायुक्त अभिषेक मीणा ने वीरवार को नगर निगम कार्यालय में परिवार पहचान पत्र को संपत्ति कर आईडी से संबद्ध करने के कार्य की समीक्षा की। जिसमें संबंधित शाखा के अधिकारियों व कर्मचारियों को एक माह का समय दिया गया है। नगर निगम एरिया की आईडी को निगम के क्षेत्रीय कराधान अधिकारी और पालिकाओं से संबंधित प्रॉपर्टी आईडी को रोजाना रिव्यू करने को कहा। कहा कि इस काम को करने के लिए जो भी संसाधन चाहिए, वो दिए जाएंगे। चेतावनी दी कि यदि इसमें प्रगति नहीं दिखाई दी तो उनके खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त निगमायुक्त गौरव कुमार को भी निर्देश दिए कि वे इस काम की साप्ताहिक मॉनिटरिंग करेंगे। जिन संपत्तियों का डाटा ट्रेस नहीं हो रहा, उन्हें सरकार की ओर से जारी एसओपी के तहत डील किया जाएगा। निगमायुक्त प्रॉपर्टी आईडी शाखा के अधिकारी व कर्मचारियों को निर्देश दिए कि एनडीसी पोर्टल पर जो भी आपत्तियां आएं, उनका समय रहते समाधान सुनिश्चित करें। अब तक इस पोर्टल पर दर्ज करीब 22 हजार आपत्तियों में 13 हजार का समाधान हो गया है। 6700 आपत्तियां ऐसी हैं, जिनमें दस्तावेजों की कमी पाई गई। उसे पूरा करने के लिए संबंधित संपत्तिधारकों को भेजी गई हैं। 1283 आपत्तियां दूर करने की प्रक्रिया चल रही है।
26 अवैध कॉलोनियों का सर्वे, 66 के प्रस्ताव भेजे मुख्यालय
निगमायुक्त अभिषेक मीणा ने वीरवार को अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के कार्य की भी समीक्षा की। बताया गया कि करनाल नगर निगम क्षेत्र में 41 कॉलोनियों में से 15 का सर्वे पूरा कर पहले ही मुख्यालय को भेजा जा चुका है। शेष 26 अवैध कॉलोनियों का भी सर्वे कर लिया गया है। हाउस की बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद इनकी सूची भी मुख्यालय को भेजी जाएगी। इन कॉलोनियों के अतिरिक्त 37 और कॉलोनियों की सूची भी संबंधित आरडब्ल्यूए व बिल्डर्स की ओर से नगर निगम को भेजी गई है। जिसमें इन कॉलोनियों को नियमित करने की मांग की गई है।
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इन्हें भी हाउस की बैठक में रखा जाएगा। पास होने के बाद कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाएगा। पालिका क्षेत्रों में भी कई अवैध कॉलोनियां हैं। इंद्री से नियमितीकरण के लिए किसी कॉलोनी की मांग नहीं आई है। असंध में 11, तरावड़ी में 21 और निसिंग में पांच, घरौंडा में 25 और नीलोखेड़ी में भी चार कॉलोनियां हैं। इनमें असंध, तरावड़ी, निसिंग व घरौंडा की कुल 66 कॉलोनियों के संबंधित सदन की ओर से प्रस्ताव पास हो चुके हैं, इन्हें नियमितीकरण के लिए मुख्यालय भी भेजा जा चुका है। नीलोखेड़ी की कॉलोनियों के प्रस्ताव संबंधित हाउस की बैठक में पारित होना शेष है।
पालिकाओं की 207 दुकानों पर किरायेदारों को मिलेगा स्वामित्व
हरियाणा सरकार ने निगम और पालिकाओं की दुकानों में 20 सालों से अधिक किरायेदार के रूप में कारोबार कर रहे दुकानदारों को मालिकाना हक देने की तैयारी की है। पालिकाओं की ऐसी 207 दुकानें हैं, जिनका स्वामित्व लेने के लिए पालिकाओं को आवेदन मिले हैं।
जिला नगरायुक्त अभिषेक मीणा ने सरकार की स्वामित्व स्कीम की समीक्षा के बाद बताया कि घरौंडा में ऐसी 65 दुकानों के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें 25 पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है। शेष दुकाने ऐसी हैं, जिनका निर्माण तो निकाय विभाग ने किया, लेकिन वे अन्य विभाग की जमीन में हैं। इसलिए संबंधित विभाग ही उनका मालिकाना हक देगा। नीलोखेड़ी से 44 दुकानों के आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 41 दुकानें पुनर्वास विभाग की जमीन में निर्मित हैं, शेष तीन दुकानों की संबंधित दुकानदारों द्वारा पात्रता पूरी न करने के कारण मामले रद्द कर दिए हैं। तरावड़ी में 17 दुकानों के आवेदन मिले हैं। इंद्री में मौजूद 62 दुकानो में से 38 दुकानों का स्वामित्व देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निसिंग से कोई आवेदन नहीं मिला। असंध में 19 आवेदन आए थे, इनमें से सात पर प्रक्रिया चल रही है। सभी नगर पालिका सचिवों को एक सप्ताह का समय देते निर्देश दिए गए हैं कि वह ऐसे मामलों को गंभीरता से लें और आगामी बैठक में पूरे प्रकरण लेकर आएं।
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करनाल। सर्वेयर कंपनी की लापरवाही कहें या स्थानीय निकाय निदेशालय के सिस्टम की असफलता, पिछले दो सालों से प्रॉपर्टी आईडी को लेकर मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। अब भी 22 हजार आपत्तियों में से सिर्फ 13 हजार आपत्तियों का निराकरण हो सका है। इस कारण लोग निगम के चक्कर काटने को विवश हैं। 6700 संपत्तियां ऐसी हैं, जिनकी आईडी में दस्तावेज ही पूरे नहीं हैं। दूसरी ओर परिवार पहचान पत्र को प्रॉपर्टी आईडी से संबद्ध करने को लेकर भी लोग परेशान हैं। अब निगमायुक्त ने अभियान चलाकर एक माह के अंदर इन्हें दुरुस्त करने का निर्देश दिया है।
नगरायुक्त अभिषेक मीणा ने वीरवार को नगर निगम कार्यालय में परिवार पहचान पत्र को संपत्ति कर आईडी से संबद्ध करने के कार्य की समीक्षा की। जिसमें संबंधित शाखा के अधिकारियों व कर्मचारियों को एक माह का समय दिया गया है। नगर निगम एरिया की आईडी को निगम के क्षेत्रीय कराधान अधिकारी और पालिकाओं से संबंधित प्रॉपर्टी आईडी को रोजाना रिव्यू करने को कहा। कहा कि इस काम को करने के लिए जो भी संसाधन चाहिए, वो दिए जाएंगे। चेतावनी दी कि यदि इसमें प्रगति नहीं दिखाई दी तो उनके खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त निगमायुक्त गौरव कुमार को भी निर्देश दिए कि वे इस काम की साप्ताहिक मॉनिटरिंग करेंगे। जिन संपत्तियों का डाटा ट्रेस नहीं हो रहा, उन्हें सरकार की ओर से जारी एसओपी के तहत डील किया जाएगा। निगमायुक्त प्रॉपर्टी आईडी शाखा के अधिकारी व कर्मचारियों को निर्देश दिए कि एनडीसी पोर्टल पर जो भी आपत्तियां आएं, उनका समय रहते समाधान सुनिश्चित करें। अब तक इस पोर्टल पर दर्ज करीब 22 हजार आपत्तियों में 13 हजार का समाधान हो गया है। 6700 आपत्तियां ऐसी हैं, जिनमें दस्तावेजों की कमी पाई गई। उसे पूरा करने के लिए संबंधित संपत्तिधारकों को भेजी गई हैं। 1283 आपत्तियां दूर करने की प्रक्रिया चल रही है।
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26 अवैध कॉलोनियों का सर्वे, 66 के प्रस्ताव भेजे मुख्यालय
निगमायुक्त अभिषेक मीणा ने वीरवार को अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के कार्य की भी समीक्षा की। बताया गया कि करनाल नगर निगम क्षेत्र में 41 कॉलोनियों में से 15 का सर्वे पूरा कर पहले ही मुख्यालय को भेजा जा चुका है। शेष 26 अवैध कॉलोनियों का भी सर्वे कर लिया गया है। हाउस की बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद इनकी सूची भी मुख्यालय को भेजी जाएगी। इन कॉलोनियों के अतिरिक्त 37 और कॉलोनियों की सूची भी संबंधित आरडब्ल्यूए व बिल्डर्स की ओर से नगर निगम को भेजी गई है। जिसमें इन कॉलोनियों को नियमित करने की मांग की गई है।
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इन्हें भी हाउस की बैठक में रखा जाएगा। पास होने के बाद कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाएगा। पालिका क्षेत्रों में भी कई अवैध कॉलोनियां हैं। इंद्री से नियमितीकरण के लिए किसी कॉलोनी की मांग नहीं आई है। असंध में 11, तरावड़ी में 21 और निसिंग में पांच, घरौंडा में 25 और नीलोखेड़ी में भी चार कॉलोनियां हैं। इनमें असंध, तरावड़ी, निसिंग व घरौंडा की कुल 66 कॉलोनियों के संबंधित सदन की ओर से प्रस्ताव पास हो चुके हैं, इन्हें नियमितीकरण के लिए मुख्यालय भी भेजा जा चुका है। नीलोखेड़ी की कॉलोनियों के प्रस्ताव संबंधित हाउस की बैठक में पारित होना शेष है।
पालिकाओं की 207 दुकानों पर किरायेदारों को मिलेगा स्वामित्व
हरियाणा सरकार ने निगम और पालिकाओं की दुकानों में 20 सालों से अधिक किरायेदार के रूप में कारोबार कर रहे दुकानदारों को मालिकाना हक देने की तैयारी की है। पालिकाओं की ऐसी 207 दुकानें हैं, जिनका स्वामित्व लेने के लिए पालिकाओं को आवेदन मिले हैं।
जिला नगरायुक्त अभिषेक मीणा ने सरकार की स्वामित्व स्कीम की समीक्षा के बाद बताया कि घरौंडा में ऐसी 65 दुकानों के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें 25 पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है। शेष दुकाने ऐसी हैं, जिनका निर्माण तो निकाय विभाग ने किया, लेकिन वे अन्य विभाग की जमीन में हैं। इसलिए संबंधित विभाग ही उनका मालिकाना हक देगा। नीलोखेड़ी से 44 दुकानों के आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 41 दुकानें पुनर्वास विभाग की जमीन में निर्मित हैं, शेष तीन दुकानों की संबंधित दुकानदारों द्वारा पात्रता पूरी न करने के कारण मामले रद्द कर दिए हैं। तरावड़ी में 17 दुकानों के आवेदन मिले हैं। इंद्री में मौजूद 62 दुकानो में से 38 दुकानों का स्वामित्व देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निसिंग से कोई आवेदन नहीं मिला। असंध में 19 आवेदन आए थे, इनमें से सात पर प्रक्रिया चल रही है। सभी नगर पालिका सचिवों को एक सप्ताह का समय देते निर्देश दिए गए हैं कि वह ऐसे मामलों को गंभीरता से लें और आगामी बैठक में पूरे प्रकरण लेकर आएं।