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डा. राजीव हत्याकांड : पवन को नौकरी से निकालना है हत्या की मूल वजह या कुछ और...
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डा. राजीव गुप्ता हत्याकांड : पवन को नौकरी से निकालना ही है हत्या की मूल वजह या कुछ और ं
रिमांड के पांच दिन बाद भी मूल वजह की तलाश में पुलिस
सभी पहलुओं पर जांच के बावजूद पुलिस कुछ भी बताने को तैयार नहीं
15 जुलाई को रिमांड पूरा होने पर दोबारा से अदालत में पेश करेगी पुलिस
-सीएम और डीजीपी लगातार कर रहे हैं निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। अमृतधारा अस्पताल के संचालक और आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डा. राजीव गुप्ता की हत्या के मामले में पांच दिन से रिमांड के बाद भी पुलिस इस नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है कि हत्या की मूल वजह पवन को नौकरी से निकालना ही है या है कुछ और। अब तक पुलिस अधिकारी हत्या की वजह पवन को नौकरी से निकालना ही मान रहे थे। लेकिन इस मामले में आए दिन नई परते खुल रहीं हैं। जांच के दौरान एक जमीन का विवाद और दूसरा सुपारी लेकर हत्या कराने की संभावना को लेकर भी बारीकी से छानबीन कर रही है। यही कारण है कि करनाल का कोई भी पुलिस अधिकारी इस पर खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। यहां तक कि राज्य के डीजीपी मनोज यादव का कहना है कि अभी भी पुलिस किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंची है। इसीलिए इस मामले की अलग अलग एंगिलों से जांच की जा रही है। फिलहाल कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा, वहीं दूसरी ओर इस मामले को लेकर तरह तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है।
याद रहे कि छह जुलाई को शाम साढ़े छह बजे गाड़ी में सवार होकर पुराने अस्पताल से नए अस्पताल में आते समय बाइक सवार बदमाशों ने डा. गुप्ता की सेक्टर-16 मोड़ पर गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इस वारदात में उनके अस्पताल से सात माह पहले नौकरी से निकाले गए पवन दहिया, मंगलपुर निवासी शिवकुमार और रमन को गिरफ्तार कर सात दिन के रिमांड पर लिया था। अब रिमांड के पांच दिन बीत चुके हैं और पुलिस की सारी टीमें अलग-अलग पहलुओं पर पूछताछ कर चुकी हैं। पुलिस ये तो मान रही है कि हत्या की वजह केवल नौकरी से निकाले जाना नहीं हो सकता, इसके अलावा और कौन से कारण हो सकते हैं, पुलिस उन पहलूओं से सबूत जुटा रही है। पुलिस का दावा है कि सात दिन का रिमांड पूरा होने के बाद जरूर इसका खुलासा होगा। सात दिन का रिमांड पूरा होने के बाद 15 जुलाई को तीनों आरोपियों को दोबारा से अदालत में पेश किया जाएगा। इसके बाद आठ टीमों द्वारा की गई जांच को कंपाइल करके फाइनल नतीजे पर पहुंचा जा सकेगा।
बाक्स
सीएम और डीजीपी कार्यालय से हो रही निगरानी
हाईप्रोफाइल मामला होने के कारण निगरानी खुद सीएम आफिस और डीजीपी कार्यालय से हो रही है। खुद डीजीपी मनोज यादव इस मामले में प्रतिदिन अपडेट ले रहे हैं। हत्या के अगले ही दिन खुद डीजीपी ने वारदात स्थल का मुआयना किया था और मुख्यमंत्री डा. राजीव गुप्ता के घर शोक जताने पहुंचे थे।
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पेज दो की लीड
पवन के साथ फेसबुक पर हथियारों के साथ फोटो डालने वाले नपेंगे
करनाल। अमृतधारा अस्पताल के संचालक और आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डा. राजीव गुप्ता की हत्या के मामले में पुलिस अब उन लोगों को भी निशाने पर ले रही है, जिन्होंने पवन के साथ हथियारों के साथ फेसबुक पर फोटो डाले हैं। पुलिस ने ऐसे कुछ युवकों को पूछताछ के लिए राउंडअप किया है और उनके हथियारों के बारे में जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान ये पता लगाया जा रहा है कि हथियार लाइसेंसी हैं या फिर अवैध हैं। पुलिस ने इस मामले में कुछ अहम सुराग भी लगे हैं। पुलिस इस दिशा में उन हथियारों को जब्त करने और उनके लाइसेंस रद्द करने की दिशा में काम कर रही है।
बाक्स
फेसबुक पर बदमाशों का फ्रेंड है पवन
पवन दहिया की फेसबुक खंगालने पर पता चलता है कि वह फेसबुक पर कई बदमाशों का दोस्त है। इतना ही नहीं बदमाशों ने एक साथ मिलकर कई फोटो भी डाल रखे हैं। इनमें बदमाश बिल्लू मूंड समेत अन्य के नाम शामिल हैं। फेसबुक पर कई आधुनिक हथियारों के भी फोटो डाले गए हैं।
बाक्स
पर्दे के पीछे कोई और तो नहीं...
एक्सपर्ट बताते हैं कि जिस तरीके से डा. राजीव गुप्ता की हत्या की गई है, उससे ये तो साबित होता है कि इस वारदात से पहले पूरी तैयारी की गई थी। बकायदा एक - एक चीज पर बदमाश ने पहले से ही काम किया हुआ था। डा. का पीछा करने से लेकर गोली मारकर भागने तक में बदमाश कामयाब रहे थे। ऐसे में जांच का हिस्सा ये भी है कि क्या ये तीनों ही आरोपी हैं या कोई और भी इनके साथ मिला है, जिसने पीछे से उनकी मदद की हो। क्योंकि वारदात को अंजाम देने से पहले पवन ने शिव कुमार और रमन को ये कहा था कि वे मिलकर एक काम करेंगे, जिससे उनको बड़ी मोटी रकम मिलेगी और इसके बाद वे पैसे आपस में बांट लेंगे। इसलिए पुलिस पैसे को लेकर भी जांच कर रही है।
बाक्स
कैदी छुड़वाने वाले बदमाशों को नहीं पकड़ पाई पुलिस, इसलिए पवन का बढ़ा दुस्साहस
रिमांड के दौरान पूछताछ में पवन ने बताया कि उसे पूरा विश्वास था कि वारदात के बाद पुलिस उसे पकड़ नहीं पाएगी। उसे लगता था कि जब पुलिस 28 मई को नए बस स्टैंड पर पुलिस कर्मचारियों को गोली मारकर कैदी को छुड़ाने वाले आरोपियों को काबू नहीं किया जा सकता तो उसे कैसे काबू किया जा सकेगा। बचने के लिए पवन ने खुद डाक्टर की हत्या की खबर सोशल मीडिया पर वायरल की थी ।
बाक्स
मोटिव जानने को कर रहे पूछताछ : एसपी
इस बारे में एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया का कहना है कि रिमांड के दौरान बदमाशों से सबूत जुटाना और हत्या के पीछे मोटिव जानना है। सात दिन का रिमांड पूरा होने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है, फिलहाल पूछताछ चल रही है।
वर्जन
डा. राजीव गुप्ता हत्याकांड की जांच गंभीरता से चल रही है। तीनों आरोपियों को रिमांड पर लिया गया है। सभी पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है। प्राथमिक पूछताछ में बदमाशों ने नौकरी से निकालने की वजह बताई थी, प्रापर्टी समेत अन्य एंगल को लेकर भी जांच की जा रही है। -मनोज यादव, डीजीपी, हरियाणा पुलिस।
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सोम
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डा. राजीव गुप्ता हत्याकांड : पवन को नौकरी से निकालना ही है हत्या की मूल वजह या कुछ और ं
रिमांड के पांच दिन बाद भी मूल वजह की तलाश में पुलिस
सभी पहलुओं पर जांच के बावजूद पुलिस कुछ भी बताने को तैयार नहीं
15 जुलाई को रिमांड पूरा होने पर दोबारा से अदालत में पेश करेगी पुलिस
-सीएम और डीजीपी लगातार कर रहे हैं निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। अमृतधारा अस्पताल के संचालक और आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डा. राजीव गुप्ता की हत्या के मामले में पांच दिन से रिमांड के बाद भी पुलिस इस नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है कि हत्या की मूल वजह पवन को नौकरी से निकालना ही है या है कुछ और। अब तक पुलिस अधिकारी हत्या की वजह पवन को नौकरी से निकालना ही मान रहे थे। लेकिन इस मामले में आए दिन नई परते खुल रहीं हैं। जांच के दौरान एक जमीन का विवाद और दूसरा सुपारी लेकर हत्या कराने की संभावना को लेकर भी बारीकी से छानबीन कर रही है। यही कारण है कि करनाल का कोई भी पुलिस अधिकारी इस पर खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। यहां तक कि राज्य के डीजीपी मनोज यादव का कहना है कि अभी भी पुलिस किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंची है। इसीलिए इस मामले की अलग अलग एंगिलों से जांच की जा रही है। फिलहाल कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा, वहीं दूसरी ओर इस मामले को लेकर तरह तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है।
याद रहे कि छह जुलाई को शाम साढ़े छह बजे गाड़ी में सवार होकर पुराने अस्पताल से नए अस्पताल में आते समय बाइक सवार बदमाशों ने डा. गुप्ता की सेक्टर-16 मोड़ पर गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इस वारदात में उनके अस्पताल से सात माह पहले नौकरी से निकाले गए पवन दहिया, मंगलपुर निवासी शिवकुमार और रमन को गिरफ्तार कर सात दिन के रिमांड पर लिया था। अब रिमांड के पांच दिन बीत चुके हैं और पुलिस की सारी टीमें अलग-अलग पहलुओं पर पूछताछ कर चुकी हैं। पुलिस ये तो मान रही है कि हत्या की वजह केवल नौकरी से निकाले जाना नहीं हो सकता, इसके अलावा और कौन से कारण हो सकते हैं, पुलिस उन पहलूओं से सबूत जुटा रही है। पुलिस का दावा है कि सात दिन का रिमांड पूरा होने के बाद जरूर इसका खुलासा होगा। सात दिन का रिमांड पूरा होने के बाद 15 जुलाई को तीनों आरोपियों को दोबारा से अदालत में पेश किया जाएगा। इसके बाद आठ टीमों द्वारा की गई जांच को कंपाइल करके फाइनल नतीजे पर पहुंचा जा सकेगा।
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हाईप्रोफाइल मामला होने के कारण निगरानी खुद सीएम आफिस और डीजीपी कार्यालय से हो रही है। खुद डीजीपी मनोज यादव इस मामले में प्रतिदिन अपडेट ले रहे हैं। हत्या के अगले ही दिन खुद डीजीपी ने वारदात स्थल का मुआयना किया था और मुख्यमंत्री डा. राजीव गुप्ता के घर शोक जताने पहुंचे थे।
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पवन के साथ फेसबुक पर हथियारों के साथ फोटो डालने वाले नपेंगे
करनाल। अमृतधारा अस्पताल के संचालक और आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डा. राजीव गुप्ता की हत्या के मामले में पुलिस अब उन लोगों को भी निशाने पर ले रही है, जिन्होंने पवन के साथ हथियारों के साथ फेसबुक पर फोटो डाले हैं। पुलिस ने ऐसे कुछ युवकों को पूछताछ के लिए राउंडअप किया है और उनके हथियारों के बारे में जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान ये पता लगाया जा रहा है कि हथियार लाइसेंसी हैं या फिर अवैध हैं। पुलिस ने इस मामले में कुछ अहम सुराग भी लगे हैं। पुलिस इस दिशा में उन हथियारों को जब्त करने और उनके लाइसेंस रद्द करने की दिशा में काम कर रही है।
बाक्स
फेसबुक पर बदमाशों का फ्रेंड है पवन
पवन दहिया की फेसबुक खंगालने पर पता चलता है कि वह फेसबुक पर कई बदमाशों का दोस्त है। इतना ही नहीं बदमाशों ने एक साथ मिलकर कई फोटो भी डाल रखे हैं। इनमें बदमाश बिल्लू मूंड समेत अन्य के नाम शामिल हैं। फेसबुक पर कई आधुनिक हथियारों के भी फोटो डाले गए हैं।
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पर्दे के पीछे कोई और तो नहीं...
एक्सपर्ट बताते हैं कि जिस तरीके से डा. राजीव गुप्ता की हत्या की गई है, उससे ये तो साबित होता है कि इस वारदात से पहले पूरी तैयारी की गई थी। बकायदा एक - एक चीज पर बदमाश ने पहले से ही काम किया हुआ था। डा. का पीछा करने से लेकर गोली मारकर भागने तक में बदमाश कामयाब रहे थे। ऐसे में जांच का हिस्सा ये भी है कि क्या ये तीनों ही आरोपी हैं या कोई और भी इनके साथ मिला है, जिसने पीछे से उनकी मदद की हो। क्योंकि वारदात को अंजाम देने से पहले पवन ने शिव कुमार और रमन को ये कहा था कि वे मिलकर एक काम करेंगे, जिससे उनको बड़ी मोटी रकम मिलेगी और इसके बाद वे पैसे आपस में बांट लेंगे। इसलिए पुलिस पैसे को लेकर भी जांच कर रही है।
बाक्स
कैदी छुड़वाने वाले बदमाशों को नहीं पकड़ पाई पुलिस, इसलिए पवन का बढ़ा दुस्साहस
रिमांड के दौरान पूछताछ में पवन ने बताया कि उसे पूरा विश्वास था कि वारदात के बाद पुलिस उसे पकड़ नहीं पाएगी। उसे लगता था कि जब पुलिस 28 मई को नए बस स्टैंड पर पुलिस कर्मचारियों को गोली मारकर कैदी को छुड़ाने वाले आरोपियों को काबू नहीं किया जा सकता तो उसे कैसे काबू किया जा सकेगा। बचने के लिए पवन ने खुद डाक्टर की हत्या की खबर सोशल मीडिया पर वायरल की थी ।
बाक्स
मोटिव जानने को कर रहे पूछताछ : एसपी
इस बारे में एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया का कहना है कि रिमांड के दौरान बदमाशों से सबूत जुटाना और हत्या के पीछे मोटिव जानना है। सात दिन का रिमांड पूरा होने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है, फिलहाल पूछताछ चल रही है।
वर्जन
डा. राजीव गुप्ता हत्याकांड की जांच गंभीरता से चल रही है। तीनों आरोपियों को रिमांड पर लिया गया है। सभी पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है। प्राथमिक पूछताछ में बदमाशों ने नौकरी से निकालने की वजह बताई थी, प्रापर्टी समेत अन्य एंगल को लेकर भी जांच की जा रही है। -मनोज यादव, डीजीपी, हरियाणा पुलिस।
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सोम