फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   District officials do not listen to the declarations of CM, Karnal

जिले के अधिकारी सीएम की घोषणाओं को नहीं देते तवज्जो

Tue, 24 Jan 2017 12:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल Updated Tue, 24 Jan 2017 12:43 AM IST
विज्ञापन

मुख्यमंत्री मनोहर लाल के जिले के अधिकारी ही उनकी घोषणाओं को तवज्जो नहीं देते। नमूना देखिये सीएम ने पिछले दो साल में करनाल जिले के लिए कुल 152 घोषणाएं की हैं, लेकिन पूरी केवल 34 ही हो पाई हैं। जिला प्रशासन के आंकड़े बताते हैं कि 68 योजनाएं तो आज तक शुरू ही नहीं हो पाई हैं, जबकि 50 के प्रोसेस में होने का दावा किया जा रहा है।

विज्ञापन


जिले के अलग अलग विभागों के अधिकारियों के रवैये का अंदाजा इससे साफ है कि वे विकास परियोजनाओं को जमीन पर लाने के लिए किस प्रकार से उदासीन हैं। सीएम की दर्जनों योजनाएं तो नगर पालिकाओं द्वारा जमीन ट्रांसफर नहीं करने के कारण अटकी हुई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने जिले की सभी छह नगर पालिकाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किये हैं, साथ ही कड़ी कार्रवाई के लिए चेताया भी है। साथ ही बैठक में नहीं आने पर जिला खेल अधिकारी को भी नोटिस जारी किया है।
विज्ञापन


सीएम से जुड़ी घोषणाओं की यह सच्चाई डीसी मनदीप सिंह बराड़ द्वारा सीएम की घोषणाओं की समीक्षा को लेकर बुलाई गई अधिकारियों की बैठक में सामने आई। लघु सचिवालय में हुई बैठक में डीसी ने अलग अलग विभागों से मुख्यमंत्री की घोषणाओं के बारे में प्रगति रिपोर्ट ली। जैसे जैसे अधिकारी बताते गए तो डीसी का पारा चढ़ गया। सुबह दस से लेकर दोपहर 12 बजे तक चली बैठक में निष्कर्ष निकला कि अधिकारी सीएम की घोषणाओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और फाइलों को इधर उधर घुमा रहे हैं। पीडब्ल्यूडी, पब्लिक हेल्थ, मार्केटिंग बोर्ड, सिंचाई विभाग, हेल्थ, शिक्षा, खेल व परिवहन विभाग से जुड़ी अलग अलग घोषणाओं का स्टेटस न के बराबर मिला। हालांकि, इनसे जुड़ी घोषणाओं को काफी समय बीत चुका है। अधिकारी न तो अभी तक प्रोजेक्ट तैयार कर पाए हैं और न ही जमीन विभाग के नाम करा पाए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकारियों द्वारा बताया गया कि कई परियोजनाएं इसलिये सिरे नहीं चढ़ पा रही कि नपा सचिव जमीन ट्रांसफर मामलों को लटकाते हैं। इस पर डीसी ने बराड़ ने जिले की सभी नगर पालिकाओं के सचिवों को नोटिस जारी किए और कड़ी कार्रवाई के लिए चेताया भी।  इन योजनाओं और परियोजनाओं को सभी अधिकारी समय-सीमा के तहत पूरा करवाएं। मुख्यमंत्री की घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कारवाई अमल में लाई जाएगी।

डीसी ने माना अधिकारी सुस्त
डीसी बराड़ ने खुद माना है कि सीएम की घोषणाओं को लेकर कुछ अधिकारी सुस्त हैं, ऐसे अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि वे एक सप्ताह के अंदर विकास कार्यों के दृष्टिगत किए जा रहे प्रयासों की रिपोर्ट दें और यह रिपोर्ट सार्थक रूप से होनी चाहिए। किसी भी लापरवाही के लिए संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे। डीसी ने कहा कि वे सीएम की घोषणाओं को लेकर गंभीर हैं और हर हाल में इनको समय पर पूरा कराया जाएगा। मुख्यमंत्री की घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने में देरी करने वाले अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर उपायुक्त नाराज नजर आए। इतना ही नहीं जिला खेल अधिकारी को बिना सूचना के बैठक से अनुपस्थित रहने के चलते कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए कहा।

किस अधिकारी ने क्या दिया जवाब
बैठक में नगरनिगम के आयुक्त आदित्य दहिया ने बताया कि करनाल में लोकल बस सर्विस के लिए निदेशक ट्रांसपोर्ट को पत्र लिखा गया है। बैठक में पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता रामफल ने समीक्षा के दौरान बताया कि निसिंग में फाइव पॉड सिस्टम के लिए राशि जमा हो गई हैं, जिसके टेंडर जल्द करवा दिए जाएंगे। जीएम रोडवेज ने बताया कि कुंजपुरा में बनने वाले बस-स्टैंड के लिए ड्राइंग मंजूर हो गए है।

घरौंडा में सीएचसी के विस्तारीकरण पर डीसी ने सीएमओ से चल रही प्रक्रिया बारे जानकारी ली, सीएमओ ने कहा कि वहां पर इमरजेंसी ब्लॉक स्थापित करने के लिए महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं को पत्र लिखा जाएगा, इसके साथ-2 बड़सत में पीएचसी के निर्माण के लिए जमीन हस्तांतरण को लेकर पत्र लिख दिया गया है, जबकि गांव चौरा में पीएचसी स्थापित करने संबंधी विषय को लेकर सीएमओ ने डीसी को बताया कि गांव चौरा की पंचायत द्वारा स्वीकृति मिलने पर मामला मुख्यालय को भेज दिया जाएगा। इस पर डीसी ने डीडीपीओ को प्रक्रिया बारे में जानकारी ली तो डीडीपीओ ने बताया कि इस कार्य को एक सप्ताह के अंदर निपटा देंगे। सीएमओ ने डीसी को यह भी बताया कि पीएचसी खरकाली का मामला भी स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेज दिया गया है।

हर सप्ताह करेंगे समीक्षा
डीसी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि लंबित कार्यों को शुरू करने और चल रहे कार्यों में तेजी लाने के लिए संबंधित अधिकारी हर सप्ताह विभागीय समीक्षा करेंगे और इसकी रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को भेजेंगे। चंडीगढ़ मुख्यालय में संबंधित कार्यों की स्वीकृति के लिए भेजे गए पत्रों को लेकर स्थिति का पता लगाएंगे।


असंध में बाईपास के लिए हुआ टैंडर
बैठक में डीसी ने असंध में बाईपास बनाए जाने पर जानकारी ली तो कार्यकारी अभियंता वाईएम मेहरा ने बताया कि असंध में बाईपास बनाने के टेंडर हो चुके हैं। तीन किलोमीटर से अधिक तक बनने वाले इस बाईपास पर लगभग 22 करोड़ की धनराशि खर्च आएगी। जुंडला और तरावड़ी में राजकीय कॉलेज बनाने की प्रक्रिया जारी है, जबकि असंध में राजकीय कॉलेज बनाने के लिए डायरेक्टर शिक्षा विभाग को स्वीकृति हेतु पत्र लिखा गया है। स्वीकृति के बाद कार्य के लिए टेंडर लगा दिए जाएंगे। इस अवसर पर स्टेट ऑफिसर एवं एसडीएम अश्विनी मलिक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed