बर्खास्त एक्सईएन पर दर्ज हो सकता है धोखाधड़ी का केस

कुरुक्षेत्र Updated Tue, 26 Nov 2013 09:23 AM IST
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dismissed XEN can be charged in fraud case

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कुरुक्षेत्र में नौकरी, सरकारी आवास और आज दफ्तर से बेदखल हुए केयू निर्माण शाखा के बर्खास्त एक्सईएन अशोक मलिक पर धोखाधड़ी का भी केस दर्ज हो सकता है। केयू प्रशासन इस संदर्भ में कानूनी राय ले रहा है, इसकी पुष्टि केयू रजिस्ट्रार डॉ.केसी रल्हाण ने की है।
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गौरतलब है कि 12 नवंबर 2013 को मलिक को बर्खास्त किया गया था, लेकिन दो नवंबर 2013 से एक्सईएन मलिक के दफ्तर पर निजी ताला जड़ा हुआ था।
केयू प्रशासन ने मलिक को निजी ताला खोलने के आदेश दिए थे, लेकिन 25 नवंबर तक मलिक जिस दफ्तर में बैठते थे, उस पर ताला जड़ा रहा। आखिरकार सोमवार को केयू प्रशासन की तीन सदस्यीय कमेटी ने निर्माण शाखा के दफ्तर पर लगे मलिक के निजी ताले को तोड़ कर खंगाला, जिसमें कई कर्मचारियों की दो से तीन साल पुरानी एसीआर भी मिली।  
इस कार्रवाई के लिए केयू प्रशासन ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था, जिसमें यूनिवर्सिटी के मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ.डीएस संधू, सहायक रजिस्ट्रार राज रिखी तथा केयू निर्माण शाखा के कार्यकारी अभियंता पृथ्वी सिंह सैनी शामिल किए गए।

यह तीन सदस्यीय कमेटी करीब 1:00 बजे केयू की निर्माण शाखा में पहुंची और सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में बर्खास्त किए गए एक्सईएन अशोक मलिक के दफ्तर का ताला तोड़ा गया।

इस पूरी कार्रवाई के दौरान केयू प्रशासन ने वीडियोग्राफी भी कराई।

केयू के रजिस्ट्रार डॉ.केसी रल्हाण ने बताया कि यूनिवर्सिटी निर्माण शाखा के एक्सईएन अशोक मलिक की योग्यता पूरी न होने के कारण कार्यकारिणी की बैठक में सेवाएं समाप्त करने का फैसला हुआ था।

उल्लेखनीय है कि इस कार्रवाई के बाद मलिक के कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी स्थित आवास को भी 13 दिसंबर 2013 से पहले खाली करने और तय अवधि तक मकान खाली न करने के आदेश दिए गए हैं, इन आदेशों में स्पष्ट है कि यदि तय अवधि तक सरकारी आवास खाली नहीं किया गया केयू प्रशासन इसके लिए 60 हजार प्रतिमाह माह वसूल करेगा।

इन निर्देशों में घर का चार्ज एक्सईएन पृथ्वी सिंह सैनी को देने के आदेश दिए गए हैं। रजिस्ट्रार डॉ.रल्हाण के मुताबिक बर्खास्त किए जाने के बावजूद मलिक ने केयू निर्माण शाखा स्थित एक्सईएन कार्यालय पर निजी ताला लगाया हुआ था। हालांकि उन्हें ताला खोलने के लिए कहा गया था, लेकिन बर्खास्त एक्सईएन मलिक ने कोई सहयोग नहीं दिया।

गौरतलब है कि चार साल पहले केयू द्वारा एक्सईएन पद पर कंफर्म किए गए अशोक मलिक की नियुक्ति और निर्माण शाखा में चल रही धांधलियों का मामला अमर उजाला ने प्रमुखता से मई 2013 और जून 2013 में प्रमुखता से उठाया था। निर्माण शाखा में धांधलियों को लेकर जांच केयू प्रशासन द्वारा गठित कमेटी कर रही है। हालांकि एक्सईएन मलिक के कार्यकाल के दौरान केयू निर्माण शाखा में हुई धांधलियों की रिपोर्ट अभी आना शेष है।
 
दफ्तर से मिले सामान की बनाई जा रही है लिस्ट
बर्खास्त एक्सईएन अशोक मलिक की जगह कार्यभार संभालने वाले केयू निर्माण शाखा के कार्यकारी अभियंता पृथ्वी सिंह सैनी ने दफ्तर से मिले सामान की पुष्टि करते हुए बताया कि दफ्तर से मिले सामान की लिस्ट बनाई जा रही है।
 
अब मौन है कुंटिया
अशोक मलिक की सेवाएं समाप्त करने के निर्णय के बाद कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी गैर शिक्षक कर्मचारी संघ (कुंटिया) सरगर्म हुआ था। यहां तक की कुंटिया ने 14 नवंबर 2013 को कुलपति डा.डीडीएस संधू से मिलकर अशोक मलिक की नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की मांग की थी। इतना ही नहीं कुंटिया ने केयू प्रशासन को चेतावनी भी दी थी कि अगर एक सप्ताह के भीतर अशोक मलिक को बर्खास्त करने के आदेश रद्द नहीं किए तो संगठन इस विरोध में जोरदार प्रदर्शन करेगा। कुंटिया की इस चेतावनी को दूसरा सप्ताह बीतने जा रहा है, लेकिन अभी तक मलिक की नौकरी बचाने के लिए कोई संघर्ष का ऐलान तक नहीं हुआ।
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