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Karnal News: सहमति के बाद भी नहीं बनाया रिंग रोड पर रास्ता, किसानों ने दिया धरना
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गांव सोहाना के पास चल रहे रिंग रोड के निर्माण कार्य को रुकवाकर अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे किसान
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। रिंग रोड पर रास्ते की मांग को लेकर ग्रामीणों व किसानों ने गांव सोहाना के पास हाईवे का निर्माण कार्य रुकवाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने एनएचएआई और प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि जब तक रास्ता नहीं दिया जाता, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
भाकियू के उत्तरी हरियाणा प्रभारी मेहताब कादियान व प्रवक्ता सुरेंद्र सांगवान ने बताया कि रिंग रोड के चैनल नंबर 18 पर कोई कट नहीं दिया गया, जिससे नीचे उतरने या ऊपर चढ़ने का कोई रास्ता नहीं है। इसी मांग को लेकर 13 मई 2025 को 13 दिन तक धरना दिया था। इसके बाद प्रशासन और एनएचएआई अधिकारियों ने भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष रतनमान व ग्रामीणों के साथ 26 मई को बैठक की। बैठक में रास्ते देने पर सहमति बनी थी। इसके बाद भी प्रशासन ने रास्ता नहीं छोड़ा। इससे ग्रामीणों और किसानों में रोष फैल गया। उन्होंने निर्माण कार्य रुकवाकर धरना शुरू कर दिया।
धरने को सुचारु रूप से चलाने के लिए गांव शेखपुरा और सोहाना के ग्रामीणों की संयुक्त कमेटी का गठन किया गया है। धरने में यूनियन के राजकुमार नौतना, चांदवीर सोहाना, मंगतराम शर्मा सोहाना, बबलू सोहाना, राजबीर शर्मा सोहाना, रामकुमार जोगी सोहाना, चंद्रभान शर्मा आदि मौजूद रहे।
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- 80 प्रतिशत तक हो चुका निर्माण
यूनियन का दावा है कि बैठक में मेरठ रोड से रसूलपुर तक दोनों तरफ 35-35 फीट चौड़ा रास्ता देने की सहमति दी गई थी, जिसे आपस में जोड़ा जाना था। यह सहमति प्रशासन ने लिखित रूप में दी थी। इसके बावजूद करीब तीन किमी लंबे हिस्से में नीचे उतरने का कोई रास्ता नहीं दिया गया जबकि इस हिस्से में 80 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
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करनाल। रिंग रोड पर रास्ते की मांग को लेकर ग्रामीणों व किसानों ने गांव सोहाना के पास हाईवे का निर्माण कार्य रुकवाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने एनएचएआई और प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि जब तक रास्ता नहीं दिया जाता, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
भाकियू के उत्तरी हरियाणा प्रभारी मेहताब कादियान व प्रवक्ता सुरेंद्र सांगवान ने बताया कि रिंग रोड के चैनल नंबर 18 पर कोई कट नहीं दिया गया, जिससे नीचे उतरने या ऊपर चढ़ने का कोई रास्ता नहीं है। इसी मांग को लेकर 13 मई 2025 को 13 दिन तक धरना दिया था। इसके बाद प्रशासन और एनएचएआई अधिकारियों ने भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष रतनमान व ग्रामीणों के साथ 26 मई को बैठक की। बैठक में रास्ते देने पर सहमति बनी थी। इसके बाद भी प्रशासन ने रास्ता नहीं छोड़ा। इससे ग्रामीणों और किसानों में रोष फैल गया। उन्होंने निर्माण कार्य रुकवाकर धरना शुरू कर दिया।
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धरने को सुचारु रूप से चलाने के लिए गांव शेखपुरा और सोहाना के ग्रामीणों की संयुक्त कमेटी का गठन किया गया है। धरने में यूनियन के राजकुमार नौतना, चांदवीर सोहाना, मंगतराम शर्मा सोहाना, बबलू सोहाना, राजबीर शर्मा सोहाना, रामकुमार जोगी सोहाना, चंद्रभान शर्मा आदि मौजूद रहे।
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- 80 प्रतिशत तक हो चुका निर्माण
यूनियन का दावा है कि बैठक में मेरठ रोड से रसूलपुर तक दोनों तरफ 35-35 फीट चौड़ा रास्ता देने की सहमति दी गई थी, जिसे आपस में जोड़ा जाना था। यह सहमति प्रशासन ने लिखित रूप में दी थी। इसके बावजूद करीब तीन किमी लंबे हिस्से में नीचे उतरने का कोई रास्ता नहीं दिया गया जबकि इस हिस्से में 80 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।