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Karnal News: विभाग को नहीं मिल रही डेंगू की सूचना
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राकेश चौहान
करनाल। तापमान में गिरावट आ रही है लेकिन डेंगू के मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है। जिले के प्राइवेट अस्पतालों में डेंगू बताकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है और इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को भी नहीं दे रहे हैं।
प्राइवेट अस्पतालों में संदिग्ध डेंगू के मरीजों की लाइन लगी है और मरीज दाखिल भी हैं। जिन्हें डेंगू के नाम पर प्लेटलेट्स चढ़ाई जा रही है। किसी व्यक्ति को बुखार आता है तो प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर उस मरीज के खून की जांच कराते हैं और प्लेटलेट्स कम होने पर उन्हें डेंगू बताकर दाखिल कर लेते हैं।
इसके बाद उनका इलाज किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनके पास इन मरीजों की कोई जानकारी नहीं है। इससे साफ है कि प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर ऐसे मरीजों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं दे रहे हैं।
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डेंगू के पांच मरीज मिले ःस्वास्थ्य विभाग के अनुसार शनिवार को भी जिले में डेंगू के पांच केस सामने आए हैं। अब डेंगू के मरीजों का आंकड़ा 611 तक पहुंचा चुका है।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि उनकी टीमों ने 1471316 घरों की जांच की है। जिनमें 10615 घरों में लार्वा मिला है। इनमें से 5287 घरों के मालिकों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। वहीं 18060 लोगों के खून के नमूने लेकर जांच की जा चुकी है। जिसमें 611 लोग डेंगू पॉजिटिव मिले हैं।
प्राइवेट अस्पताल में दाखिल संदिग्ध डेंगू मरीजों की संख्या काफी है। ऐसे में प्राइवेट अस्पतालों में 30 से 20 हजार प्लेटलेट्स होने पर भी प्लेटलेट्स चढ़ाई जा रही है। डॉक्टर मरीज के परिजनों को प्लेटलेट्स लाने के लिए कह देते हैं तो मरीज के परिजनों को फिर प्राइवेट ब्लड बैंक से प्लेटलेट्स लानी पड़ती है। इतना ही नहीं प्राइवेट अस्पतालों के ब्लड बैंक भी फिक्स हैं। उसी ब्लड बैंक से ही प्लेटलेट्स लेकर आनी होती है। संवाद
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करनाल। तापमान में गिरावट आ रही है लेकिन डेंगू के मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है। जिले के प्राइवेट अस्पतालों में डेंगू बताकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है और इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को भी नहीं दे रहे हैं।
प्राइवेट अस्पतालों में संदिग्ध डेंगू के मरीजों की लाइन लगी है और मरीज दाखिल भी हैं। जिन्हें डेंगू के नाम पर प्लेटलेट्स चढ़ाई जा रही है। किसी व्यक्ति को बुखार आता है तो प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर उस मरीज के खून की जांच कराते हैं और प्लेटलेट्स कम होने पर उन्हें डेंगू बताकर दाखिल कर लेते हैं।
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इसके बाद उनका इलाज किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनके पास इन मरीजों की कोई जानकारी नहीं है। इससे साफ है कि प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर ऐसे मरीजों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं दे रहे हैं।
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डेंगू के पांच मरीज मिले ःस्वास्थ्य विभाग के अनुसार शनिवार को भी जिले में डेंगू के पांच केस सामने आए हैं। अब डेंगू के मरीजों का आंकड़ा 611 तक पहुंचा चुका है।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि उनकी टीमों ने 1471316 घरों की जांच की है। जिनमें 10615 घरों में लार्वा मिला है। इनमें से 5287 घरों के मालिकों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। वहीं 18060 लोगों के खून के नमूने लेकर जांच की जा चुकी है। जिसमें 611 लोग डेंगू पॉजिटिव मिले हैं।
प्राइवेट अस्पताल में दाखिल संदिग्ध डेंगू मरीजों की संख्या काफी है। ऐसे में प्राइवेट अस्पतालों में 30 से 20 हजार प्लेटलेट्स होने पर भी प्लेटलेट्स चढ़ाई जा रही है। डॉक्टर मरीज के परिजनों को प्लेटलेट्स लाने के लिए कह देते हैं तो मरीज के परिजनों को फिर प्राइवेट ब्लड बैंक से प्लेटलेट्स लानी पड़ती है। इतना ही नहीं प्राइवेट अस्पतालों के ब्लड बैंक भी फिक्स हैं। उसी ब्लड बैंक से ही प्लेटलेट्स लेकर आनी होती है। संवाद