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बिना डिग्री वाला ‘डॉक्टर’ गर्भपात की किट देते काबू
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
Updated Fri, 02 Sep 2016 12:26 AM IST
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स्वास्थ्य विभाग की टीम के सदस्य
- फोटो : अमर उजाला
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फूसगढ़ रोड पर डिकॉय पेशेंट भेजकर एक क्लीनिक से एक कथित चिकित्सक को गर्भपात की किट देते हुए पकड़ा। तथाकथित चिकित्सक के पास कोई डिग्री नहीं मिली। आरोपी के संबंध में सीएम विंडो पर शिकायत मिली थी। टीम ने मौके से किट और 1000 रुपये बरामद किए हैं। विभाग की शिकायत पर थाना सदर में केस दर्ज हुआ है।
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सिविल सर्जन डा. संतलाल वर्मा ने बताया कि सीएम विंडो पर शिकायत मिली थी कि फूसगढ़ रोड पर श्रीबालाजी क्लीनिक पर बिना डिग्री के एक कथित चिकित्सक गर्भपात की किट बेच रहा है। जांच के लिए उप सिविल सर्जन डा. राजेंद्र कुमार, चिकित्सा अधिकारी सिविल डिस्पेंसरी सेक्टर 6 डा. कैलाश ढींगरा और औषधि नियंत्रण अधिकारी गुरचरण सिंह की टीम गठित की गई। टीम ने महिला को डिकॉय पेशेंट बनाकर इस काम के लिए तैयार किया। उसे 1000 रुपये देकर एसपी कालोनी फूसगढ़ रोड स्थित श्रीबालाजी क्लीनिक में गर्भपात किट खरीदने के लिए भेजा। क्लीनिक पर डा. जनक उपस्थित मिला।
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डिकॉय पेशेंट ने उससे गर्भपात करने की गोली (एमटीपी किट) मांगी। मौके पर मौजूद डा. जनक ने 1000 रुपये में किट देने की बात कही। डा. जनक ने 1000 रुपये लेकर 12.30 बजे दवा ले जाने को कहा। डिकॉय पेशेंट 12.30 बजे क्लीनिक पर पहुंची। डॉक्टर ने गर्भपात की गोली पत्ते से निकालकर छोटे लिफाफे में डालकर दी। तभी बाहर इंतजार कर रही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डा. जनक को मौके पर दबोच लिया। टीम ने 1000 रुपये डॉक्टर की जेब से बरामद किए। टीम ने दो प्राइवेट गवाह राजेश और विशाल को बुलाया और उसके पास और कोई एमटीपी किट नहीं मिली।
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काफी मात्रा में अंग्रेजी दवाइयां मिलीं। डिप्टी सीएमओ डा. राजेंद्र सिंह ने बताया कि डा. जनक से दवाइयों का बिल मांगा तो वह उपलब्ध नहीं करवा सके और न ही प्रैक्टिस करने के लिए उसके पास कोई डिग्री मिली। गठित टीम ने एमटीपी किट, अंग्रेजी दवाइयां और डॉक्टरी उपकरणों को जब्त कर सील कर दिया। टीम ने सदर थाना पुलिस स्टेशन में एमटीपी एक्ट, आईएमसी एक्ट की उल्लंघन करने के आरोप में एफआईआर दर्ज करवाई और डॉक्टर जनक को पुलिस के हवाले कर दिया।