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Karnal News: पिता की विरासत थामे फुटबॉल के मैदान में गोल दाग रहे दीपांशु
Thu, 16 Apr 2026 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 16 Apr 2026 12:54 AM IST
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फुटबॉल खिलाड़ी दीपांशु। स्वयं
जगाधरी। शहर के दिपांशु थापा अपने पिता अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी रणजीत थापा के पदचिन्हों पर चलते हुए फुटबॉल में जिले का नाम चमका रहे हैं। 12वीं के छात्र दीपांशु ने अपनी कड़ी मेहनत और पिता से मिले प्रशिक्षण के दम पर राज्य और जिले स्तर पर कई पदक हासिल किए हैं। वह अब भारतीय फुटबॉल टीम में जगह बनाने का सपना संजोए हुए हैं।
शहर की बैंक कॉलोनी निवासी दीपांशु थापा का यह सफर मस्ती के साथ शुरू हुआ था और अब जीवन का लक्ष्य बन गया है। दीपांशु ने बताया कि उन्होंने 10 वर्ष की उम्र में अपने पिता रणजीत थापा के साथ घर पर ही फुटबॉल के साथ खेलना शुरू किया था। पिता ने उन्हें फुटबॉल पर पैर चलाने की बारीकियां सिखानी शुरू कीं। देखते ही देखते मस्ती वाला यह खेल दीपांशु का जुनून और जीवन का लक्ष्य बन गया।
अकादमी स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए उन्होंने आठ पदक जीते हैं। वर्ष 2022 में उन्होंने अंबाला की वॉर हीरोज फुटबॉल एकेडमी का रुख किया, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ अभ्यास कर अपने खेल को और निखारा। इसके बाद उनका चयन अंबाला की जिला टीम में हुआ। करीब एक साल बाद वह घर लौट आए। इसके बाद दीपांशु ने यमुनानगर जिला फुटबॉल टीम में अपनी जगह पक्की की। दीपांशु अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता और कोच के कड़े प्रशिक्षण को देते हैं।
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यह हैं प्रमुख उपलब्धियां
वर्ष 2024 : पौढ़ी गढ़वाल पंचायती टूर्नामेंट में मैन ऑफ द मैच का खिताब।
वर्ष 2025 : सीनियर स्टेट चैंपियनशिप में जिले का प्रतिनिधित्व
अंडर-19 जोनल : जिला टीम की ओर से खेलते हुए उपविजेता का गौरव प्राप्त किया।
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शहर की बैंक कॉलोनी निवासी दीपांशु थापा का यह सफर मस्ती के साथ शुरू हुआ था और अब जीवन का लक्ष्य बन गया है। दीपांशु ने बताया कि उन्होंने 10 वर्ष की उम्र में अपने पिता रणजीत थापा के साथ घर पर ही फुटबॉल के साथ खेलना शुरू किया था। पिता ने उन्हें फुटबॉल पर पैर चलाने की बारीकियां सिखानी शुरू कीं। देखते ही देखते मस्ती वाला यह खेल दीपांशु का जुनून और जीवन का लक्ष्य बन गया।
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अकादमी स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए उन्होंने आठ पदक जीते हैं। वर्ष 2022 में उन्होंने अंबाला की वॉर हीरोज फुटबॉल एकेडमी का रुख किया, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ अभ्यास कर अपने खेल को और निखारा। इसके बाद उनका चयन अंबाला की जिला टीम में हुआ। करीब एक साल बाद वह घर लौट आए। इसके बाद दीपांशु ने यमुनानगर जिला फुटबॉल टीम में अपनी जगह पक्की की। दीपांशु अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता और कोच के कड़े प्रशिक्षण को देते हैं।
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यह हैं प्रमुख उपलब्धियां
वर्ष 2024 : पौढ़ी गढ़वाल पंचायती टूर्नामेंट में मैन ऑफ द मैच का खिताब।
वर्ष 2025 : सीनियर स्टेट चैंपियनशिप में जिले का प्रतिनिधित्व
अंडर-19 जोनल : जिला टीम की ओर से खेलते हुए उपविजेता का गौरव प्राप्त किया।

फुटबॉल खिलाड़ी दीपांशु। स्वयं