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निजी अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिला की मौत
अमर उजाला करनाल
Updated Fri, 02 May 2014 11:42 PM IST
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शहर के निजी अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिला की मौत हो गई। परिवार के
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लोगों ने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मियों के खिलाफ लापरवाही बरतने का आरोप
लगाया है।
महिला के पति ने साफ कहा कि उसकी पत्नी रातभर दर्द और परेशानी से कराहती रही। रातभर अस्पताल के कर्मियों के हाथ पांव फूले रहे। पूरी रात बीत जाने के बाद डॉक्टर सुबह पांच बजे अस्पताल पहुंचा। डॉक्टरोें और कर्मियों की लापरवाही के कारण ही उसकी पत्नी की मौत हुई।
मामले की जानकारी होते ही थाना सिविल लाइन के प्रभारी ललित कुमार समेत भारी पुलिस बल शुक्रवार सुबह ही अस्पताल पहुंच गया था। पुलिस ने कड़ा नोटिस लेते हुए प्राथमिक तौर पर अस्पताल का मरीज से जुड़ा रिकार्ड अपने कब्जे में ले लिया।
पुलिस अपनी मौजूदगी में ही पोस्टमार्टम के लिए शव को निजी अस्पताल से कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज ले गई। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने महिला के शव का पोस्टमार्टम नहीं किया। डॉक्टरों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रोहतक रेफर कर दिया।
रेडक्रॉस कैंपस निवासी संजीव कुमार ने बताया कि उसकी पत्नी जसविंद्र कौर (26) वर्षीय को डिलीवरी के लिए मेला राम स्कूल के पास डॉक्टर केसी सचदेवा अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी पत्नी को बवासीर की दिक्कत भी थी, जो डॉक्टर को बता दी गई थी।
डॉक्टर संदीप सचदेवा और उसकी पत्नी सोनम सचदेवा ने कहा कि वह अल्ट्रासाउंड कर सब कुछ जांच लेंगे। बाद में डॉक्टरों ने दोनों आपरेशन एक दिन में ही कर दिए। डिलीवरी के बाद लड़का हुआ, जो स्वस्थ है। रात में करीब नौ बजे अस्पताल कर्मियों में जसविंद्र कौर को लेकर अफरातफरी मच गई। रात में करीब एक बजे उससे ब्लड बैंक से दो यूनिट खून मंगवाया। खून चढ़ाया गया।
डॉक्टर की गैर मौजूदगी में ही खून चढ़ाया गया। कर्मी रातभर कभी महिला को ऊ पर ले गए तो कभी नीचे लेकर आए। उन लोगों ने बार-बार पूछा कि मामला बताओ, लेकिन कर्मियों ने कतई भी जुबान नहीं खोली। उलटा उन लोगों को यह बोल दिया कि सब ठीक हो जाएगा। हालत बेहद खराब हुई तो सुबह करीब पांच बजे डॉ. संदीप सचदेवा अस्पताल पहुंचे। उसके बाद उनकी पत्नी सोनम सचदेवा अस्पताल पहुंचीं। उसके आने से पूर्व ही डॉक्टर संदीप ने
महिला के मरने की पुष्टि कर दी। अस्पताल के कर्मियों ने उसे और उसके परिवार के लोगों को रातभर एक बार भी उससे मिलने नहीं दिया। किसी को आईसीयू में नहीं जाने दिया।
पूरी रात परिवार के लोगों से जसविंद्र की तबीयत खराब होने की बात छिपाई गई। डॉक्टर दंपति और कर्मियों की लापरवाही के कारण ही उसकी पत्नी की मौत हो गई। उधर, दूसरी ओर डा. संदीप सचदेवा ने कहा कि महिला का इलाज चल रहा था। डिलीवरी भी ठीक हुई।
महिला के पति ने साफ कहा कि उसकी पत्नी रातभर दर्द और परेशानी से कराहती रही। रातभर अस्पताल के कर्मियों के हाथ पांव फूले रहे। पूरी रात बीत जाने के बाद डॉक्टर सुबह पांच बजे अस्पताल पहुंचा। डॉक्टरोें और कर्मियों की लापरवाही के कारण ही उसकी पत्नी की मौत हुई।
मामले की जानकारी होते ही थाना सिविल लाइन के प्रभारी ललित कुमार समेत भारी पुलिस बल शुक्रवार सुबह ही अस्पताल पहुंच गया था। पुलिस ने कड़ा नोटिस लेते हुए प्राथमिक तौर पर अस्पताल का मरीज से जुड़ा रिकार्ड अपने कब्जे में ले लिया।
पुलिस अपनी मौजूदगी में ही पोस्टमार्टम के लिए शव को निजी अस्पताल से कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज ले गई। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने महिला के शव का पोस्टमार्टम नहीं किया। डॉक्टरों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रोहतक रेफर कर दिया।
रेडक्रॉस कैंपस निवासी संजीव कुमार ने बताया कि उसकी पत्नी जसविंद्र कौर (26) वर्षीय को डिलीवरी के लिए मेला राम स्कूल के पास डॉक्टर केसी सचदेवा अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी पत्नी को बवासीर की दिक्कत भी थी, जो डॉक्टर को बता दी गई थी।
डॉक्टर संदीप सचदेवा और उसकी पत्नी सोनम सचदेवा ने कहा कि वह अल्ट्रासाउंड कर सब कुछ जांच लेंगे। बाद में डॉक्टरों ने दोनों आपरेशन एक दिन में ही कर दिए। डिलीवरी के बाद लड़का हुआ, जो स्वस्थ है। रात में करीब नौ बजे अस्पताल कर्मियों में जसविंद्र कौर को लेकर अफरातफरी मच गई। रात में करीब एक बजे उससे ब्लड बैंक से दो यूनिट खून मंगवाया। खून चढ़ाया गया।
डॉक्टर की गैर मौजूदगी में ही खून चढ़ाया गया। कर्मी रातभर कभी महिला को ऊ पर ले गए तो कभी नीचे लेकर आए। उन लोगों ने बार-बार पूछा कि मामला बताओ, लेकिन कर्मियों ने कतई भी जुबान नहीं खोली। उलटा उन लोगों को यह बोल दिया कि सब ठीक हो जाएगा। हालत बेहद खराब हुई तो सुबह करीब पांच बजे डॉ. संदीप सचदेवा अस्पताल पहुंचे। उसके बाद उनकी पत्नी सोनम सचदेवा अस्पताल पहुंचीं। उसके आने से पूर्व ही डॉक्टर संदीप ने
महिला के मरने की पुष्टि कर दी। अस्पताल के कर्मियों ने उसे और उसके परिवार के लोगों को रातभर एक बार भी उससे मिलने नहीं दिया। किसी को आईसीयू में नहीं जाने दिया।
पूरी रात परिवार के लोगों से जसविंद्र की तबीयत खराब होने की बात छिपाई गई। डॉक्टर दंपति और कर्मियों की लापरवाही के कारण ही उसकी पत्नी की मौत हो गई। उधर, दूसरी ओर डा. संदीप सचदेवा ने कहा कि महिला का इलाज चल रहा था। डिलीवरी भी ठीक हुई।