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डेडलाइन पूरी, लेकिन नहीं शिफ्ट हुए आवारा पशु

Tue, 04 Apr 2017 11:57 PM IST
karnal
karnal Updated Tue, 04 Apr 2017 11:57 PM IST
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deadline, shift, animals, no administration
animal - फोटो : bureau
 नगर निगम द्वारा जिले को आवारा पशु मुक्त बनाने का सपना अभी तक सपना ही बना हुआ है। डीसी के एक्शन प्लान के बावजूद 31 मार्च तक शहर से अवारा पशुओं को नहीं निकाला जा सका है। जबकि 31 जनवरी की बैठक में उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़ ने दावा किया था कि 31 मार्च तक पूरे जिले को आवारा पशुओं से मुक्त कर दिया जाएगा। हालांकि जिले में तीन नंदीग्राम जरूर बनाई जा रही हैं, लेकिन इनका निर्माण ही अभी पूरा नहीं हो सका। विदित हो कि जनवरी में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. राकेश गुप्ता के साथ हुए बैठक में जिला उपायुक्त ने नपा सचिवों व खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को तलब कर निर्देश दिया था कि तीन दिन के अंदर नंदीग्राम की स्थापना के प्रपोजल तैयार कर एक सप्ताह के अंदर इसे स्वीकृति कराएं। एक सप्ताह के अंदर प्रपोजल तैयार हो गया और घोषणा कर दिया गया कि दो माह के अंदर शहर से आवारा पशुओं को निकाल दिया जाएगा, लेकिन अभी तक यह सिर्फ फाइलों में ही चल रहा है।
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जिले में तीन जगह बनाई जा रही नंदीग्राम
उपायुक्त के आदेशों के बाद आवारा पशुओं के लिए जिले में तीन नंदी शालाओं का निर्माण करवाया जा रहा है। लेकिन तीनों का कार्य पूरा होने में अभी समय लगेगा। अधिकारियों की मानें जिले के भादसों, बोहला खालसा व कोहंड में नंदीग्राम बनाने का काम जारी है, और 15 अप्रैल तक बनकर तैयार हो जाएगा। हालांकि अभी जो यथा स्थिति है उससे नहीं लगता कि 15 अप्रैल तक यह कार्य पूरा हो जाएगा।  
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पशुओं का चारा भी नहीं जिले को आवारा पशुओं से मुक्त बनाने का दावा करने वाले प्रशासन के पास पशुओं के चारे के लिए भी बजट नहीं है। जिले में 17 गो शालाएं पंजीकृत हैं। इनका जिम्मा संस्थाओं के पास है। करनाल में नगर निगम ने गोधाम व नंदीशाला बनाई है। प्रशासन जो तीन नंदीग्राम बनवा रहा है उनमें पशुओं के चारे को लेकर अभी तक संशय है। दावा है कि नंदीग्राम की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए गोमूत्र, जैविक खाद प्रबंधन, बायोगैस, बायोगैस संचालित सूक्ष्म बिजली प्लांट, गाय के दूध से बनने वाले उत्पादों की ब्रांडिंग पर बल दिया जाएगा।
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टैगिंग के साथ होगी शिफ्टिंग
गो शाला बनाने का कार्य चल रहा है जो 15 अप्रैल तक पूरा हो जाएगा। जिसके बाद पशुओं को टैग करने के साथ गौशाला में शिफ्ट किया जाएगा। उम्मीद है कि यह प्रक्रिया इसी माह पूरी हो जाएगी।
- धीरज कुमार, ईओ, नगर निगम।
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