फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   days will improve for agro goods

एग्रो मॉल के बहुरेंगे दिन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Aug 2020 02:48 AM IST
विज्ञापन
days will improve for agro goods
करीब पचास करोड़ रुपये की लागत से बनने के बाद छह सालों से दुर्दशा पर आंसू बहा रहे करनाल के शीशमहल यानी एग्रो मॉल के दिन बहुरने की उम्मीद जगी है। अमर उजाला द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने इसका संज्ञान लिया है। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने मंगलवार को एग्रो मॉल का निरीक्षण कर मार्केटिंग बोर्ड के अफसरों को आड़े हाथों लिया है। साथ ही इसे शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। अफसरों ने बताया कि एग्रो मॉल को किराये पर देने का निर्णय लिया गया है, ताकि इससे बोर्ड को राजस्व की प्राप्ति हो सके और किसानों को सुविधा मिल सके।
विज्ञापन

करनाल के एग्रोमॉल को तत्कालीन भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार द्वारा 47.28 करोड़ रुपये की लागत से 3.92 एकड़ भूमि पर बनवाया था। इसका शिलान्यास 17 सितंबर 2008 को हुआ था, जबकि उद्घाटन अगस्त 2014 में हुआ था। ऐसे ही एग्रोमॉल पानीपत, पंचकुला और रोहतक में भी बनवाए गए थे, लेकिन 2014 में सरकार बदलने के बाद मार्केटिंग विभाग भी इस एग्रोमॉल को भूल गया। विभाग की उदासीनता छह सालों से लगातार जारी है। इस बीच एग्रोमॉल देखरेख के अभाव में खंडहर होने लगा। छह सालों से दुर्दशा पर आंसू बहाते इस खूबसूरत शीशमहल का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने मामले को गंभीरता से लिया और मंगलवार को एग्रो मॉल पहुंच गए। मार्केटिंग विभाग के अफसरों में भी इससे खलबली मच गई। उपायुक्त ने ग्राउंड फ्लोर से लेकर सभी फ्लोर पर जाकर बारीकी से निरीक्षण किया। मॉल की दुर्दशा पर अफसरों को आड़े हाथों लेते हुए कड़ी फटकार भी लगाई। साथ ही इसे दुरुस्त कराकर शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिये, जिससे मार्केटिंग बोर्ड की आमदनी बढ़े और किसानों व उद्यमियों, कारोबारियों को लाभ हो।
विज्ञापन

मार्केट बोर्ड के क्षेत्रीय प्रशासक डा. सुशील मलिक और कार्यकारी अभियंता सतपाल, एसडीओ राज कुमार गर्ग आदि ने बताया कि अब मार्केटिंग बोर्ड ने एग्रो मॉल को किराये पर देने का निर्णय ले लिया है। इसके लिए शीघ्र ही मुख्य प्रशासक द्वारा एक बैठक बुलाई जाएगी। जिसमें दरों को भी तय किया जाएगा। इस दौरान मार्केट कमेटी के डीएमईओ ईश्वर राणा व अनाज मंडी के सचिव सुंदर सिंह कांबोज भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

-एग्रो मॉल काफी शानदार है, अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है, इसलिए इसे प्रदर्शनी केंद्र बनाया जाना चाहिए। करनाल एग्रो, एग्रीकल्चरल इंप्लीमेंट्स, फार्मा आदि का बड़ा हब है। लेकिन पूरे करनाल में कहीं भी कोई एग्जिविशन सेंटर नहीं है। बाहर से कोई वायर्स आता है, एक दो कंपनियों के पास जाता है, चला जाता है। बाहरी वायर्स की बात तो दूर शहर के अन्य उद्यमियों को ही यह जानकारी नहीं हो पाती है कि करनाल में क्या बन रहा है ? जब भी कोई कंपनी प्रदर्शनी लगाती है तो टेंट लगाना पड़ता है, क्योंकि और कोई स्थान ही नहीं है। यदि एग्रोमाल को प्रदर्शनी केंद्र बना दिया जाए, तो करनाल की कई इंडस्ट्रीज को एक नई दिशा मिल सकती है।
-मोज अरोड़ा, प्रधान-एचएसआईआईडीसी इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन करनाल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed