{"_id":"58c19f084f1c1b8322dc521c","slug":"wrong-information-suspend-post-kkarnal","type":"story","status":"publish","title_hn":"नामांकन के दौरान आपराधिक मामला छिपाने पर सदस्यता रद्द","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नामांकन के दौरान आपराधिक मामला छिपाने पर सदस्यता रद्द
karnal
Updated Thu, 09 Mar 2017 11:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वार्ड नंबर-11 के पार्षद और नपा उपाध्यक्ष राजकुमार धवन की नामांकन पत्र भरने के दौरान एक आपराधिक मामले छिपाने के आरोप में चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट शिखा ने सदस्यता रद्द कर दी है। राजकुमार धवन के खिलाफ पुलिस में दर्ज मामले की जानकारी छिपाने का आरोप था। निर्मला मिड्डा ने अदालत में दायर एक याचिका में इस मामले का खुलासा किया था। निर्मला मिड्डा के वकील सुरेंद्र सिद्धपुर ने अदालत में दायर याचिका में कहा था कि राजकुमार धवन ने वार्ड न-11 से नामांकन पत्र भरा था। वार्ड नंबर-11 से तीन उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। राजकुमार धवन के अलावा निर्मला मिड्डा और भूपेश जुनेजा ने भी नामांकन पत्र दाखिल किया था। नामांकन पत्र भरते समय राजकुमार धवन ने अपने खिलाफ पुलिस में दर्ज सोमनाथ कपूर के परिजनों से की गई मारपीट के मामले की जानकारी नामांकन पत्र के साथ संलग्न शपथ पत्र में नहीं दी थी। इस समय नामांकन पत्र भरा गया, उस समय राजकुमार के खिलाफ चार्ज भी फ्रेम हो चुका था। याचिका में आरोप लगाया गया कि मतदाताओं को भ्रमित करने के लिए जानबूझ कर ऐसा किया गया। गौरतलब है कि राजकुमार धवन के खिलाफ पुलिस में दर्ज मामले के पुख्ता सबूत जुटाने के बाद निर्मला मिड्डा ने अदालत में एक याचिका दायर कर राजकुमार धवन के खिलाफ पुलिस में दर्ज आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने तथा चुनाव में धन-बल के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया था।
चार साल तक लड़ी कानूनी लड़ाई
नीलोखेड़ी नगर पालिका का चुनाव 20 फरवरी, 2013 को हुआ था। नियमों के अनुसार एक महीने के अंदर अदालत में याचिका दायर की जानी थी। इस अल्प अवधि में निर्मला मिड्डा ने राजकुमार धवन के खिलाफ सबूत जुटाए और अदालत में याचिका भी दायर की। कानूनी लड़ाई चार साल तक चली और चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट शिखा ने निर्मला मिड्डा के पक्ष में फैसला सुनाते हुए राजकुमार धवन की सदस्यता रद्द कर दी। निर्मला मिड्डा ने फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि परमात्मा के घर देर है, लेकिन अंधेर नहीं है। एडवोकेट सुरेंद्र सिद्धपुर ने कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आखिरकार जीत सच्चाई की हुई और अदालत ने पार्षद राजकुमार धवन की सदस्यता रद्द कर दी।
विज्ञापन
चार साल तक लड़ी कानूनी लड़ाई
नीलोखेड़ी नगर पालिका का चुनाव 20 फरवरी, 2013 को हुआ था। नियमों के अनुसार एक महीने के अंदर अदालत में याचिका दायर की जानी थी। इस अल्प अवधि में निर्मला मिड्डा ने राजकुमार धवन के खिलाफ सबूत जुटाए और अदालत में याचिका भी दायर की। कानूनी लड़ाई चार साल तक चली और चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट शिखा ने निर्मला मिड्डा के पक्ष में फैसला सुनाते हुए राजकुमार धवन की सदस्यता रद्द कर दी। निर्मला मिड्डा ने फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि परमात्मा के घर देर है, लेकिन अंधेर नहीं है। एडवोकेट सुरेंद्र सिद्धपुर ने कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आखिरकार जीत सच्चाई की हुई और अदालत ने पार्षद राजकुमार धवन की सदस्यता रद्द कर दी।
विज्ञापन