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Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   The OSD was governor of hoax, sent to jail

राज्यपाल का ओएसडी बनाने का दिया था झांसा, भेजा जेल

Thu, 01 Oct 2015 12:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,करनाल
ब्यूरो/अमर उजाला,करनाल Updated Thu, 01 Oct 2015 12:29 AM IST
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राज्यपाल का ओएसडी बनवाने के नाम पर करोड़ों रुपये की संपत्ति हड़पने के मामले में पुलिस ने सात आरोपियों में से एक और को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि इससे पहले दो को, जिनमें मुख्य आरोपी मनु लाठर व उसके साले विक्रम को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। अब इसका तीसरा आरोपी तांत्रिक मामन वासी सिवाह गांव पानीपत पुलिस के हाथ लगा है। पुलिस ने आरोपी को तीन दिन के रिमांड के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने तांत्रिक के कब्जे से 30 हजार की नकदी भी बरामद की है।

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सिविल लाइन थाना के पुलिस जांच अधिकारी दीपचंद ने बताया कि वर्ष 2014 में सेक्टर-सात वासी सीएसएसआरआई से रिटायर्ड वरिष्ठ वैज्ञानिक ज्ञान प्रकाश भार्गव को राज्यपाल का ओएसडी बनवाने के लिए पैसे हड़प लिए। मुख्य आरोपी मनु लाठर और विक्रम ने भार्गव को झांसे में लिया और तांत्रिक मामन ने अपनी तंत्र क्रिया से वरिष्ठ वैज्ञानिक को सम्मोहित कर लिया। आरोप है कि आरोपियों ने वैज्ञानिक से लाखों रुपये की नकदी, चेक और एक कोठी ले ली। लेकिन काफी समय बीत जाने पर भी वह उसे ओएसडी नहीं बना पाया।
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बाद में मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। पुलिस ने केस दर्ज मामले की तफ्तीश शुरू की। पुलिस दो आरोपियों मनु लाठर व विक्रम को पहले ही जेल भेज चुकी है, अन्य आरोपी फरार चल रहे हैं। इनमें से तीसरे आरोपी तांत्रिक मामन वासी सिवाह को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पहले इसको तीन दिन के रिमांड पर लिया और रिमांड के दौरान आरोपी तांत्रिक से 30 हजार रुपये की नगदी बरामद कर ली है।
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पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी तांत्रिक ने माना है कि उसको पांच लाख रुपये मनु लाठर ने दिए थे, उसका काम केवल वैज्ञानिक को अपने वश में करना और सम्मोहित करना था। सिविल लाइन थाना के जांच अधिकारी एएसआई दीपचंद ने बताया कि अन्य आरोपियों को भी शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


करोड़ों के गोलमाल के आरोप
पुलिस जांच अधिकारी ने बताया कि ओएसडी बनवाने के नाम पर आरोपियों ने करोड़ों के वारे न्यारे किए। शिकायत के अनुसार, वैज्ञानिक व उसके अन्य तीन चार साथियों से 75 लाख की नगदी, एक करोड़ की कोठी व 75 लाख रुपये चेक लिए थे। काम नहीं होने पर बाद में जब पैसे वापस मांगे गए तो आरोपियों ने पैसे देने से इंकार कर दिया। पुलिस अन्य आरोपियों को भी तलाश रही है।

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