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करनाल: एमबीबीएस के छात्र ने की आत्महत्या, पिता ने सुरक्षा के लिए खरीदी थी बंदूक, बेटे ने उसी से दी जान

Mon, 09 May 2022 02:37 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, निसिंग, करनाल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, निसिंग, करनाल (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Mon, 09 May 2022 02:37 AM IST
सार

छात्र ने डॉक्टर पिता की लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या की। इस समय माता-पिता घर के नीचे अस्पताल में मरीजों की जांच कर रहे थे।

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MBBS student commits suicide in Karnal of Haryana
मृतक आर्यमन की फाइल फोटो। जांच करती पुलिस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के करनाल के निसिंग क्षेत्र में सनातन धर्म मंदिर के सामने कपूर अस्पताल के मालिक डॉ. संजय कपूर के 23 वर्षीय बेटे ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह बंदूक डॉ. संजय कपूर की बताई जा रही है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। सूचना पर पुलिस व सीन ऑफ क्राइम की टीमों ने पहुंचकर साक्ष्य एकत्रित किए और शव को पोस्टमार्टम के लिए करनाल भेज दिया। पुलिस को फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजनों के अनुसार वह पिछले कई महीनों से मानसिक तौर पर परेशान था, जिसका इलाज भी चल रहा था। घटना रविवार करीब साढ़े 12 बजे की है।

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जानकारी के अनुसार आर्यमन बंगलुरु में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। इस बार उसका फाइनल ईयर था। करीब एक महीने पहले ही वह घर आया था। आर्यमन के घर के नीचे उनका अस्पताल है। सुबह उसके पिता डॉ. संजय कपूर व माता नीचे अस्पताल में मरीजों का चेकअप कर रहे थे। आर्यमन की बहन व उसका जीजा ऊपर अलग रूम में थे।
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बताया जा रहा है कि इस दौरान आर्यमन ने अपने पिता के रूम में जाकर उनकी लाइसेंसी बंदूक उठाई और गर्दन की तरफ गोली चलाकर आत्महत्या कर ली। गोली की आवाज सुनकर सभी कमरे की तरफ दौड़े, लेकिन कमरे में अंदर से दरवाजे की चिटकनी लगी थी। दरवाजे को धक्का देकर खोला तो आर्यमन खून से लथपथ पड़ा था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पोस्टपार्टम के बाद देर शाम आर्यमन के शव का अंतिम संस्कार किया गया।     
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दो बहनों को इकलौता भाई था आर्यमन
आर्यमन घर का इकलौता चिराग था। उसकी दो बहनें हैं। अपने बहनों से वह करीब 12 साल छोटा है। दो जुड़वा बेटियां होने के बाद माता पिता ने बेटे के लिए धार्मिक स्थानों पर मन्नतें मांगी थी। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।

पिता ने सुरक्षा के लिए खरीदी थी बंदूक
जिस बंदूक से आर्यमन ने गोली मारकर आत्महत्या की है। वह डॉ. संजय कपूर ने अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए खरीदी थी और उसका लाइसेंस बनवाया था, लेकिन उसे क्या पता था कि उसका बेटा उसी बंदूक से आत्महत्या कर लेगा।

मदर्स डे पर हमेशा के लिए चला गया बेटा
मदर्स डे पर एक तरफ हर बेटा अपनी मां के साथ खुशी बांट रहा था, वहीं आर्यमन इसी दिन अपनी मां से हमेशा के लिए दूर हो गया। उसकी मां का कहना है कि उसे कोई परेशानी थी तो बताना था, उसने इतना बढ़ा कदम नहीं उठाना चाहिए था। 

 

कपूर अस्पताल में गोली मारकर आत्महत्या की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर जांच की तो पता चला कि आर्यमन ने आत्महत्या की है। परिजनों के अनुसार वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। उसका इलाज गुरुग्राम में चल रहा था। पिछले एक महीने से वह घर पर ही था। इस मामले की अभी जांच की जा रही है। -अजायब सिंह, एसएचओ थाना निसिंग

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