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पुलिस और प्राइवेट अस्पताल की एंबुलेंस के चालक की मिलीभगत : चौकी में खड़ी मिली एंबुलेंस, प्रभारी सस्पेंड
Updated Mon, 10 Sep 2018 12:52 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। सड़क पर हादसा होते ही सरकारी एंबुलेंस से पहले एक निजी अस्पताल की एंबुलेंस पहुंचने का राज रविवार को खुल गया है। सीएचडी स्थित एक निजी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल की एक एंबुलेंस इंद्री रोड स्थित रंबा पुलिस चौकी में खड़ी मिली। आशंका जताई जा रही है कि एंबुलेंस चालक ने रंबा चौकी पुलिस के साथ सांठ-गांठ की हुई थी। जैसे ही सड़क पर कोई हादसा होता था तो वे उसे बता देते थे और फिर वह चालक उस घटना स्थल के नजदीक एंबुलेंस चालक को फोन कर देता था जो उसके ही अस्पताल का होता है। फिर वे घायल व्यक्ति को अपने अस्पताल में ही लेकर जाते थे, चाहे सरकारी अस्पताल नजदीक ही क्यों न हो। शक के आधार पर एसपी ने रंबा चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया है और जांच डीसएपी को सौंप दी है। जांच के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा।
रविवार दोपहर को प्राइवेट अस्पताल की एंबुलेंस रंबा चौकी परिसर में थी। इसकी भनक कुछ लोगों को मिली तो वे मौके पर पहुंच गए और मामले की सूचना पुलिस को दी। मामला एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया की जानकारी में आया तो उन्होंने डीएसपी राजीव को मौके पर भेजा, इससे पहले एंबुलेंस चालक मौके से फरार हो गया। एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने इस मामले में तुरंत प्रभाव से रंबा चौकी इंचार्ज एएसआई जगबीर सिंह को सस्पेंड कर दिया है और इस मामले की जांच डीएसपी करनाल राजीव को सौंप दी है। जांच में ही पूरे मामले का खुलासा होगा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पुलिस की वॉकी टॉकी पर हादसे की सूचना मिलते ही एंबुलेंस चालक मौके पर पहुंच जाता था और घायलों को अपने अस्पताल में ले जाता था। हालांकि, अभी कई सवाल हैं, जिनका जवाब पुलिस की जांच में सामने आएगा। सबसे बड़ा सवाल तो ये ही है कि आखिर एंबुलेंस चौकी परिसर में क्यों खड़ी होती थी और पुलिस और चालक की सेटिंग क्या थी?
इंद्री रोड और जीटी रोड पर होते हैं सबसे ज्याद हादसे
इंद्री रोड को फोरलेन करने का कार्य चला हुआ है। इस रोड को दोनों तरफ से खोदा गया है। इसलिए चालक ने रंबा पुलिस चौकी में अपनी एंबुुलेंस खड़ी की, ताकि वह सड़क हादसा होते ही घायल को अपने अस्पताल में लेकर जा सके। हालांकि, घायल को तुरंत अस्पताल में पहुंचाना बहुत जरूरी है और यह अच्छा कार्य है, लेकिन इस अच्छे कार्य की आड़ में लोगों से भारी भरम बिल लेना गुनाह भी है। जीटी रोड पर जगह-जगह पर इस अस्पताल की एंबुलेंस खड़ी होती है। इसके अलावा, जीटी रोड पर भी रोजाना हादसे होते हैं। हादसा होते ही घायलों को अपने अस्पताल में ले जाया जाता है और उनका इलाज शुरू कर दिया जाता है।
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ऑटो चालक से जमा करा लिए थे 3500 रुपये
एक निजी अस्पताल की एंबुलेंस सेवा पर पहले भी इस प्रकार के आरोप लग चुके हैं। पिछले वर्ष 16 दिसंबर, 2017 को जीटी रोड पर मधुबन के समीप कोस मीनार वाली सर्विस लाइन में रांग साइड आ रही स्कूली बस ने सामने से आ रहे ऑटो को टक्कर मार दी थी। ऑटो चालक शेर सिंह चोटिल हो गया। इसी दौरान अस्पताल की एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल ऑटो चालक को सरकारी अस्पताल की बजाय एंबुलेंस चालक अपने अस्पताल में लेकर लेकर चला गया। हालांकि, सरकारी अस्पताल नजदीक था। वहां जाते ही डॉक्टरों ने ऑटो चालक शेर सिंह से 3500 रुपये जमा करा लिए थे। जब उसका उपचार हुआ था उसे कोई गंभीर चोट नहीं थी। उसके बाद ही ऑटो चालक ने यह पोल खोली कि ये निजी अस्पताल वाले क्या करते हैं।
रंबा पुलिस चौकी में निजी अस्पताल की एंबुलेंस खड़ी हुई थी। शक के आधार पर एसपी ने रंबा चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया है और इस मामले की जांच मुझे सौंपी है। इस मामले की जांच की जा रही है कि यह एंबुुलेंस चौकी में क्यों खड़ी थी? मामले की सच्चाई जांच के बाद ही पता लग सकती है, एंबुलेंस चालक से भी पूछताछ की जाएगी। -राजीव कुमार, डीएसपी करनाल।
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करनाल। सड़क पर हादसा होते ही सरकारी एंबुलेंस से पहले एक निजी अस्पताल की एंबुलेंस पहुंचने का राज रविवार को खुल गया है। सीएचडी स्थित एक निजी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल की एक एंबुलेंस इंद्री रोड स्थित रंबा पुलिस चौकी में खड़ी मिली। आशंका जताई जा रही है कि एंबुलेंस चालक ने रंबा चौकी पुलिस के साथ सांठ-गांठ की हुई थी। जैसे ही सड़क पर कोई हादसा होता था तो वे उसे बता देते थे और फिर वह चालक उस घटना स्थल के नजदीक एंबुलेंस चालक को फोन कर देता था जो उसके ही अस्पताल का होता है। फिर वे घायल व्यक्ति को अपने अस्पताल में ही लेकर जाते थे, चाहे सरकारी अस्पताल नजदीक ही क्यों न हो। शक के आधार पर एसपी ने रंबा चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया है और जांच डीसएपी को सौंप दी है। जांच के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा।
रविवार दोपहर को प्राइवेट अस्पताल की एंबुलेंस रंबा चौकी परिसर में थी। इसकी भनक कुछ लोगों को मिली तो वे मौके पर पहुंच गए और मामले की सूचना पुलिस को दी। मामला एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया की जानकारी में आया तो उन्होंने डीएसपी राजीव को मौके पर भेजा, इससे पहले एंबुलेंस चालक मौके से फरार हो गया। एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने इस मामले में तुरंत प्रभाव से रंबा चौकी इंचार्ज एएसआई जगबीर सिंह को सस्पेंड कर दिया है और इस मामले की जांच डीएसपी करनाल राजीव को सौंप दी है। जांच में ही पूरे मामले का खुलासा होगा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पुलिस की वॉकी टॉकी पर हादसे की सूचना मिलते ही एंबुलेंस चालक मौके पर पहुंच जाता था और घायलों को अपने अस्पताल में ले जाता था। हालांकि, अभी कई सवाल हैं, जिनका जवाब पुलिस की जांच में सामने आएगा। सबसे बड़ा सवाल तो ये ही है कि आखिर एंबुलेंस चौकी परिसर में क्यों खड़ी होती थी और पुलिस और चालक की सेटिंग क्या थी?
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इंद्री रोड और जीटी रोड पर होते हैं सबसे ज्याद हादसे
इंद्री रोड को फोरलेन करने का कार्य चला हुआ है। इस रोड को दोनों तरफ से खोदा गया है। इसलिए चालक ने रंबा पुलिस चौकी में अपनी एंबुुलेंस खड़ी की, ताकि वह सड़क हादसा होते ही घायल को अपने अस्पताल में लेकर जा सके। हालांकि, घायल को तुरंत अस्पताल में पहुंचाना बहुत जरूरी है और यह अच्छा कार्य है, लेकिन इस अच्छे कार्य की आड़ में लोगों से भारी भरम बिल लेना गुनाह भी है। जीटी रोड पर जगह-जगह पर इस अस्पताल की एंबुलेंस खड़ी होती है। इसके अलावा, जीटी रोड पर भी रोजाना हादसे होते हैं। हादसा होते ही घायलों को अपने अस्पताल में ले जाया जाता है और उनका इलाज शुरू कर दिया जाता है।
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ऑटो चालक से जमा करा लिए थे 3500 रुपये
एक निजी अस्पताल की एंबुलेंस सेवा पर पहले भी इस प्रकार के आरोप लग चुके हैं। पिछले वर्ष 16 दिसंबर, 2017 को जीटी रोड पर मधुबन के समीप कोस मीनार वाली सर्विस लाइन में रांग साइड आ रही स्कूली बस ने सामने से आ रहे ऑटो को टक्कर मार दी थी। ऑटो चालक शेर सिंह चोटिल हो गया। इसी दौरान अस्पताल की एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल ऑटो चालक को सरकारी अस्पताल की बजाय एंबुलेंस चालक अपने अस्पताल में लेकर लेकर चला गया। हालांकि, सरकारी अस्पताल नजदीक था। वहां जाते ही डॉक्टरों ने ऑटो चालक शेर सिंह से 3500 रुपये जमा करा लिए थे। जब उसका उपचार हुआ था उसे कोई गंभीर चोट नहीं थी। उसके बाद ही ऑटो चालक ने यह पोल खोली कि ये निजी अस्पताल वाले क्या करते हैं।
रंबा पुलिस चौकी में निजी अस्पताल की एंबुलेंस खड़ी हुई थी। शक के आधार पर एसपी ने रंबा चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया है और इस मामले की जांच मुझे सौंपी है। इस मामले की जांच की जा रही है कि यह एंबुुलेंस चौकी में क्यों खड़ी थी? मामले की सच्चाई जांच के बाद ही पता लग सकती है, एंबुलेंस चालक से भी पूछताछ की जाएगी। -राजीव कुमार, डीएसपी करनाल।