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सूचना न देने पर सरपंच व ग्राम सचिव के हुए वारंट जारी
Updated Mon, 10 Sep 2018 12:52 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
इंद्री (करनाल)। राज्य सूचना आयोग ने सूचना न देने की पर ग्राम पंचायत भादसों के सरपंच व ग्राम सचिव के जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। यदि इसके बाद भी अपीलार्थी को सूचना उपलब्ध नहीं करवाई जाती है तो सरपंच व ग्राम सचिव के गैर जमानती वारंट भी जारी हो सकते हैं। मामला इस प्रकार है कि इंद्री क्षेत्र के भादसो गांव के अमित कुमार ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी इंद्री से भादसों में हुए विकास कार्यों के बारे में सूचना मांगी थी। भादसों की सरपंच रीना देवी ने अमित कुमार को समय पर सूचना उपलब्ध नहीं करवाई थी। इसके कारण अमित कुमार ने डीडीपीओ करनाल के समक्ष प्रथम अपील दायर की, परंतु निर्धारित समय अवधि बीतने पश्चात भी अमित कुमार को सूचना उपलब्ध नहीं हुई, जिसके कारण अमित कुमार ने राज्य सूचना आयोग के समक्ष नियम अनुसार द्वितीय अपील दायर की। इस पर सुनवाई करते हुए राज्य सूचना आयोग के आयुक्त सुखबीर गुलिया ने गांव भादसों की सरपंच रीना देवी और ग्राम सचिव अमित के जमानती वारंट जारी कर दिए हैं अब राज्य सूचना आयोग द्वारा केस की सुनवाई के लिए 13 नवंबर निर्धारित की गई है। यदि इसके बाद भी अपीलार्थी को सूचना उपलब्ध नहीं करवाई गई और सरपंच रीना देवी व ग्राम सचिव आयोग के समक्ष पेश नहीं हुए तो उनके गैर जमानती वारंट भी जारी हो सकते हैं।
विकास कार्यों में बड़े स्तर पर है धांधली के आरोप
इस मामले में आरटीआई कार्यकर्ता अमित कुमार ने बताया कि गांव भादसों में हुए विकास कार्यों में काफी बड़े स्तर पर धांधली के आरोप लगाए हैं। इसलिए गांव के विकास कार्यों से संबंधित सूचना बीडीपीओ इंद्री से मांगी थी, परंतु सरपंच द्वारा मुझे समय पर सूचना उपलब्ध नहीं करवाई गई और ना ही सरपंच और ग्राम सचिव आयोग के समक्ष पेश हुए थे, जिसकी वजह से आयोग ने सरपंच व ग्राम सचिव के जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। वे इस मामले का खुलासा करके ही दम लेंगे।
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इंद्री (करनाल)। राज्य सूचना आयोग ने सूचना न देने की पर ग्राम पंचायत भादसों के सरपंच व ग्राम सचिव के जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। यदि इसके बाद भी अपीलार्थी को सूचना उपलब्ध नहीं करवाई जाती है तो सरपंच व ग्राम सचिव के गैर जमानती वारंट भी जारी हो सकते हैं। मामला इस प्रकार है कि इंद्री क्षेत्र के भादसो गांव के अमित कुमार ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी इंद्री से भादसों में हुए विकास कार्यों के बारे में सूचना मांगी थी। भादसों की सरपंच रीना देवी ने अमित कुमार को समय पर सूचना उपलब्ध नहीं करवाई थी। इसके कारण अमित कुमार ने डीडीपीओ करनाल के समक्ष प्रथम अपील दायर की, परंतु निर्धारित समय अवधि बीतने पश्चात भी अमित कुमार को सूचना उपलब्ध नहीं हुई, जिसके कारण अमित कुमार ने राज्य सूचना आयोग के समक्ष नियम अनुसार द्वितीय अपील दायर की। इस पर सुनवाई करते हुए राज्य सूचना आयोग के आयुक्त सुखबीर गुलिया ने गांव भादसों की सरपंच रीना देवी और ग्राम सचिव अमित के जमानती वारंट जारी कर दिए हैं अब राज्य सूचना आयोग द्वारा केस की सुनवाई के लिए 13 नवंबर निर्धारित की गई है। यदि इसके बाद भी अपीलार्थी को सूचना उपलब्ध नहीं करवाई गई और सरपंच रीना देवी व ग्राम सचिव आयोग के समक्ष पेश नहीं हुए तो उनके गैर जमानती वारंट भी जारी हो सकते हैं।
विकास कार्यों में बड़े स्तर पर है धांधली के आरोप
इस मामले में आरटीआई कार्यकर्ता अमित कुमार ने बताया कि गांव भादसों में हुए विकास कार्यों में काफी बड़े स्तर पर धांधली के आरोप लगाए हैं। इसलिए गांव के विकास कार्यों से संबंधित सूचना बीडीपीओ इंद्री से मांगी थी, परंतु सरपंच द्वारा मुझे समय पर सूचना उपलब्ध नहीं करवाई गई और ना ही सरपंच और ग्राम सचिव आयोग के समक्ष पेश हुए थे, जिसकी वजह से आयोग ने सरपंच व ग्राम सचिव के जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। वे इस मामले का खुलासा करके ही दम लेंगे।
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