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पुलिस चौकी से चंद कदम दूरी पर चल रहा था भ्रष्टाचार का खुल्ला खेल, पुलिस भी जांच के घेरे में
Updated Sat, 14 Apr 2018 01:04 AM IST
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पुलिस चौकी से चंद कदम दूरी पर चल रहा था भ्रष्टाचार का खुला खेल, पुलिस भी जांच के घेरे में
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। मंगलौरा चेकपोस्ट पर अवलोडेड ट्रक चालकों से रिश्वत लेते पकड़े गए बिजली निगम के क्लर्क रामपाल ने पुलिस रिमांड के दौरान पूरे मामले का खुलासा कर दिया है। इस मामले में छोटे कर्मचारियों से लेकर कई अधिकारी भी शामिल हैं। इतना ही नहीं पुलिस कर्मचारियों पर भी शक जताया जा रहा है। क्योंकि ये भ्रष्टाचार का पूरा खेल मंगलौरा चौकी से चंद कदम की दूरी पर चल रहा था। ऐसे में इस बात की आशंका जताई जा रही हैं कि चौकी पर तैनात पुलिस कर्मचारियों की मिलीभगत से भी इंकार नहीं किया जा सकता। रिमांड के दौरान आरोपी रामपाल ने अन्य कर्मचारियों के नामों के खुलासे किए हैं। इस दौरान उसने पुलिस पर इशारा किया है, लेकिन पुलिस की तरफ पुलिस जाने से बच रही है। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक एक्ट के तहत केस दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया है।
पूछताछ में बताया गया है कि रात को ओवरलोडेड वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस कर्मचारी भी वहां तैनात रहते थे। रिश्वतखोरी का यह धंधा पुलिस के सामने ही हो रहा था। बता दें, इस चेकपोस्ट से कुछ दूरी पर ही मंगलौरा पुलिस चौकी है। लेकिन, किसी को भी इन अवैध वसूली के बारे में पता नहीं लगना अपने आप में आश्चर्यजनक है। इस मामले में अब पुलिस का रवैया भी नर्म होता जा रहा है। पुलिस इस मामले में बात करने तक के लिए तैयार नहीं है। न ही उन लोगों के नाम बता रही है जो इस अवैध वसूली में हिस्सेदार बताए जा रहे हैं। पुलिस के इस रवैये से जाहिर है कि वह इस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है।
बता दें कि एडीसी निशांत सिंह यादव ने शिकायत मिलने पर मंगलौरा चेकपोस्ट पर ओवरलोडेड वाहन चालकों से रिश्वत लेते हुए बिजली निगम में क्लर्क पद पर तैनात रामपाल को रंगेहाथ पकड़ा था। आरोपी से एडीसी ने रिश्वत के रूप में लिए गए 500 रुपये बरामद किए। तलाशी में आरोपी रामपाल से 39160 रुपये भी बरामद हुए थे। दावा किया जा रहा है कि यह उसने पूरी रात में ओवरलोडेड ट्रक चालकों से वसूले थे। इसके बाद एडीसी ने आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया था। मधुबन थाना पुलिस ने आरोपी को वीरवार को कोर्ट में पेश किया और वहां से एक दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया। रिमांड के दौरान आरोपी रामपाल ने इस पूरे खेल का खुलासा किया है। साथ ही कई लोगों के नाम बताए हैं। इसके साथ ही बताया है कि वह ट्रक चालकों से रिश्वत लेता था और बाद में उसे आपस में बांटता था। लेकिन, पुलिस उनके नाम छिपा रही है।
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आरोपी रामपाल को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। उसके खिलाफ करप्शन एक्ट लगा गया है। रिमांड के दौरान आरोपी ने कई और कर्मचारियों के नाम बताए हैं। उनकी जांच की जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-वीरेंद्र सिंह, घरौंडा डीएसपी।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। मंगलौरा चेकपोस्ट पर अवलोडेड ट्रक चालकों से रिश्वत लेते पकड़े गए बिजली निगम के क्लर्क रामपाल ने पुलिस रिमांड के दौरान पूरे मामले का खुलासा कर दिया है। इस मामले में छोटे कर्मचारियों से लेकर कई अधिकारी भी शामिल हैं। इतना ही नहीं पुलिस कर्मचारियों पर भी शक जताया जा रहा है। क्योंकि ये भ्रष्टाचार का पूरा खेल मंगलौरा चौकी से चंद कदम की दूरी पर चल रहा था। ऐसे में इस बात की आशंका जताई जा रही हैं कि चौकी पर तैनात पुलिस कर्मचारियों की मिलीभगत से भी इंकार नहीं किया जा सकता। रिमांड के दौरान आरोपी रामपाल ने अन्य कर्मचारियों के नामों के खुलासे किए हैं। इस दौरान उसने पुलिस पर इशारा किया है, लेकिन पुलिस की तरफ पुलिस जाने से बच रही है। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक एक्ट के तहत केस दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया है।
पूछताछ में बताया गया है कि रात को ओवरलोडेड वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस कर्मचारी भी वहां तैनात रहते थे। रिश्वतखोरी का यह धंधा पुलिस के सामने ही हो रहा था। बता दें, इस चेकपोस्ट से कुछ दूरी पर ही मंगलौरा पुलिस चौकी है। लेकिन, किसी को भी इन अवैध वसूली के बारे में पता नहीं लगना अपने आप में आश्चर्यजनक है। इस मामले में अब पुलिस का रवैया भी नर्म होता जा रहा है। पुलिस इस मामले में बात करने तक के लिए तैयार नहीं है। न ही उन लोगों के नाम बता रही है जो इस अवैध वसूली में हिस्सेदार बताए जा रहे हैं। पुलिस के इस रवैये से जाहिर है कि वह इस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है।
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बता दें कि एडीसी निशांत सिंह यादव ने शिकायत मिलने पर मंगलौरा चेकपोस्ट पर ओवरलोडेड वाहन चालकों से रिश्वत लेते हुए बिजली निगम में क्लर्क पद पर तैनात रामपाल को रंगेहाथ पकड़ा था। आरोपी से एडीसी ने रिश्वत के रूप में लिए गए 500 रुपये बरामद किए। तलाशी में आरोपी रामपाल से 39160 रुपये भी बरामद हुए थे। दावा किया जा रहा है कि यह उसने पूरी रात में ओवरलोडेड ट्रक चालकों से वसूले थे। इसके बाद एडीसी ने आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया था। मधुबन थाना पुलिस ने आरोपी को वीरवार को कोर्ट में पेश किया और वहां से एक दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया। रिमांड के दौरान आरोपी रामपाल ने इस पूरे खेल का खुलासा किया है। साथ ही कई लोगों के नाम बताए हैं। इसके साथ ही बताया है कि वह ट्रक चालकों से रिश्वत लेता था और बाद में उसे आपस में बांटता था। लेकिन, पुलिस उनके नाम छिपा रही है।
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आरोपी रामपाल को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। उसके खिलाफ करप्शन एक्ट लगा गया है। रिमांड के दौरान आरोपी ने कई और कर्मचारियों के नाम बताए हैं। उनकी जांच की जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-वीरेंद्र सिंह, घरौंडा डीएसपी।