{"_id":"303915ccfd1e54e826762a7b73da5c7a","slug":"crime-62","type":"story","status":"publish","title_hn":"अठारह हजार रुपये ने आठ लाख का कर्जदार बना दिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अठारह हजार रुपये ने आठ लाख का कर्जदार बना दिया
कैथल
Updated Mon, 10 Feb 2014 01:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीए द्वितीय वर्ष का छात्र अपने दोस्त से लिए 18 रुपये चुकाने के चक्कर में फाइनेंसरों के जाल में फंस गया। उसके ऊपर आठ लाख रुपये का कर्ज बन गया। परेशान छात्र घर से लापता हो गया है। परिजनों ने बेटे का कर्ज चुका भी दिया है और पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। मामले की जांच सीआईए-2 को सौंपी गई है। अभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
जांच अधिकारी सीआईए-2 प्रभारी कश्मीर सिंह ने बताया कि लिटिल फ्लॉवर स्कूल में पढ़ा रहे राजौरी गार्डन निवासी जोसेफ फ्रांसिस ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी है। उसने बताया कि उसका बेटा एनआईआईएलएम यूनिवर्सिटी में द्वितीय वर्ष में पढ़ रहा है। उसने अपने एक दोस्त से 18 हजार रुपये उधार लिए थे। इसके बाद उस दोस्त के साथ उसकी कहासुनी हो गई जिस कारण उसने एक फाइनेंसर से पैसे उधार लेने का फैसला किया लेकिन उसके दोस्त ने देरी होने पर 1000 रुपये प्रति दिन के हिसाब से ब्याज की राशि वसूली। इस कारण फाइनेंसर से राशि मिलने तक उसके बेटे अलेक्स पर 40,000 रुपये कर्ज बन गया। उसके बेटे ने 40000 रुपये देकर उसका कर्ज चुका दिया लेकिन उसे फाइनसेंरों को 75 हजार रुपये चुकाने पड़े। 75 हजार रुपये का कर्ज चुकाने के लिए उसके बेटे को किसी दूसरे फाइनेंसर से मिलवा दिया गया जिस कारण उसका बेटा फाइनेंसरों के चक्कर में उलझता चला गया। उसके बेटे ने सभी को करीब आठ लाख रुपये की राशि दे दी।
सारी बात का पता चलने पर जोसेफ ने फाइनेंसरों से कहा कि वे उसके बेटे को पैसा न दें। इसके बावजूद फाइनेंसरों ने कागजातों पर हस्ताक्षर करवाकर उन्हें बताया कि आठ लाख रुपये का कर्ज बकाया है। कर्ज न चुका पाने के कारण उनका बेटा भी कई माह से लापता है जिस कारण मजबूरन उन्हें अब पुलिस को सूचित करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
ये लोग फंसे
जांच अधिकारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार पुलिस ने जोसेफ की शिकायत पर हरीश चहल, वीरेंद्र सिंह, प्रदीप बालू, प्रदीप कुमार सीवन गेट, अशोक कुमार निवासी नेहरू गार्डन कालोनी व पिहोवा चौक पर इंटरनेट कैफे संचालक रविश कुमार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। उन्होंने कहा कि इन सभी फाइनेंसरों का यह एक ही गिरोह है। पुलिस द्वारा सभी की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
जांच अधिकारी सीआईए-2 प्रभारी कश्मीर सिंह ने बताया कि लिटिल फ्लॉवर स्कूल में पढ़ा रहे राजौरी गार्डन निवासी जोसेफ फ्रांसिस ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी है। उसने बताया कि उसका बेटा एनआईआईएलएम यूनिवर्सिटी में द्वितीय वर्ष में पढ़ रहा है। उसने अपने एक दोस्त से 18 हजार रुपये उधार लिए थे। इसके बाद उस दोस्त के साथ उसकी कहासुनी हो गई जिस कारण उसने एक फाइनेंसर से पैसे उधार लेने का फैसला किया लेकिन उसके दोस्त ने देरी होने पर 1000 रुपये प्रति दिन के हिसाब से ब्याज की राशि वसूली। इस कारण फाइनेंसर से राशि मिलने तक उसके बेटे अलेक्स पर 40,000 रुपये कर्ज बन गया। उसके बेटे ने 40000 रुपये देकर उसका कर्ज चुका दिया लेकिन उसे फाइनसेंरों को 75 हजार रुपये चुकाने पड़े। 75 हजार रुपये का कर्ज चुकाने के लिए उसके बेटे को किसी दूसरे फाइनेंसर से मिलवा दिया गया जिस कारण उसका बेटा फाइनेंसरों के चक्कर में उलझता चला गया। उसके बेटे ने सभी को करीब आठ लाख रुपये की राशि दे दी।
विज्ञापन
सारी बात का पता चलने पर जोसेफ ने फाइनेंसरों से कहा कि वे उसके बेटे को पैसा न दें। इसके बावजूद फाइनेंसरों ने कागजातों पर हस्ताक्षर करवाकर उन्हें बताया कि आठ लाख रुपये का कर्ज बकाया है। कर्ज न चुका पाने के कारण उनका बेटा भी कई माह से लापता है जिस कारण मजबूरन उन्हें अब पुलिस को सूचित करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
ये लोग फंसे
जांच अधिकारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार पुलिस ने जोसेफ की शिकायत पर हरीश चहल, वीरेंद्र सिंह, प्रदीप बालू, प्रदीप कुमार सीवन गेट, अशोक कुमार निवासी नेहरू गार्डन कालोनी व पिहोवा चौक पर इंटरनेट कैफे संचालक रविश कुमार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। उन्होंने कहा कि इन सभी फाइनेंसरों का यह एक ही गिरोह है। पुलिस द्वारा सभी की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।