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पार्षदों ने खोला सांसद और जिलाध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा

Tue, 28 Jun 2016 12:34 AM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला Updated Tue, 28 Jun 2016 12:34 AM IST
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बैठक - फोटो : अमर उजाला

भाजपा के जिलाध्यक्ष और नीलोखेड़ी के विधायक भगवानदास कबीरपंथी द्वारा नगर निगम के पार्षदों पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर निगम के पार्षदों ने एकजुटता दिखाते हुए सांसद और जिलाध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पार्षदों ने एक सुर में कहा कि या तो भाजपा जिला अध्यक्ष बेईमानी के सबूत दें, नहीं तो सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। पार्षदों ने चेताया कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो वे इस मामले में न तो धरना प्रदर्शन करने से चूकेंगे और पूरे मामले को लेकर सभी पार्षद मुख्यमंत्री से मिलेंगे। निगम में मेयर के कार्यालय में हुई करीब दो घंटे की बैठक में सांसद अश्विनी चोपड़ा और विधायक के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया। उधर, लगातार बदलते घटनाक्रम पर भाजपा के आला नेता भी नजरें गड़ाए बैठे हैं।

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बता दें कि शनिवार को श्री कृष्णा मंदिर में हुई भाजपा कार्यकारिणी की बैठक में जिलाध्यक्ष कबीरपंथी ने पार्षदों पर कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए उनकी ईमानदारी पर सवाल उठाया था। विधायक ने कहा कि निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री लगाकर पार्षद कमीशन खाते हैं। इन शब्दों का बैठक में मौजूद भाजपा नेता पार्षद व सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग व पार्षद सोनिया पंडित ने कड़ा विरोध किया था और बैठक में भ्रष्ट पार्षदों का नाम बताने की अपील की थी, लेकिन जिलाध्यक्ष किसी का नाम नहीं बता पाए और मामला भड़क गया। इसी मामले को लेकर रविवार को सांसद अश्विनी चोपड़ा ने भी जिलाध्यक्ष का समर्थन किया था। सांसद और विधायक द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों से तिलमिलाए नगर निगम के पार्षदों ने आपातकालीन बैठक बुलाई। दोपहर दोे बजे से लेकर चार बजे मेयर रेणुबाला गुप्ता के कार्यालय में हुई बैठक में पूरे घटनाक्रम पर मंथन किया गया और सांसद और विधायक के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
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बिना सबूत आरोप लगाना गलत
पार्षदों ने कहा कि बिना किसी सबूत के किसी पर भी आरोप लगाना सही नहीं है, इसलिए जिलाध्यक्ष ने सभी पार्षदों की निष्ठा पर हमला किया है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्षदों ने एक सुर में कहा कि या तो विधायक किसी भी पार्षद के खिलाफ कमीशनखोरी के सबूत पेश करें, या फिर माफी मांगे। पार्षदों ने यहां तक कह दिया कि अगर कोई पार्षद भ्रष्टाचार में लिप्त पाया गया तो पूरा सदन एक साथ इस्तीफा दे देगा। पार्षदों ने चेतावनी दी कि वे इस मामले में न तो धरना देने से चूकेंगे और न ही सीएम से मिलने से। जल्द ही सभी पार्षद सीएम से मिलकर पूरी मामला उनके सामने रखेंगे। अशोभनीय शब्दों को सहन नहीं करेंगे। इसके लिए वह कोर्ट के दरवाजे भी खटखटा सकते हैं।
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अधिकारी खाते हैं दस प्रतिशत, पार्षदों का नाम बदनाम
वार्ड सात के पार्षद यशपाल मित्तल ने आरोप लगाया कि नगर निगम के अधिकारी दस प्रतिशत कमीशन खाते हैं। जिला अध्यक्ष से यह कमिशन रूक नहीं रही है और पार्षदों का नाम बदनाम किया जा रहा है। पार्षद पूरी तरह से ईमानदारी पर हैं। यदि पार्षद बेईमान है तो तथ्यों के साथ सार्वजनिक करें। आरोप लगाया कि बड़ी राजनीति के तहत पार्षदों पर दबाव बनाने के लिए जिला अध्यक्ष ने ऐसे शब्दों का उपयोग किया है। पार्षद बाघ सिंह ने कहा कि अधिकारियों के कमीशन के खिलाफ पार्षद कई बार बैठक भी कर चुके हैं।

भाभी को चेयरमैन बनवाने के लिए कितने रुपये बांटे
वार्ड नंबर एक के पार्षद राकेश कुमार बाघ सिंह ने बैठक में नीलोखेड़ी के विधायक भगवानदास कबीरपंथी पर कई सवाल छोड़ दिए हैं। इनमें सबसे अहम रहा कि तरावड़ी नगर पालिका की चेयरमैन अध्यक्ष की भाभी है। ऐसे में अध्यक्ष बताएं कि उन्होंने कितने रुपये बांटकर चेयरमैनी ली है? और इस चेयरमैनी से कितने रुपये कमाने हैं? पार्षदों ने कहा कि सभी जानते हैं कि चेयरमैनी के लिए अध्यक्ष ने क्या किया है? बाघ सिंह ने कहा कि दूसरों पर आरोप लगने से पहले अपने गिरेबान में झांक लेना चाहिए।

20 में से 18 पार्षदों ने दिखाई एकजुटता
इमानदारी पर उठाए गए सवाल के मसले को लेकर निगम के पार्षदों ने एकजुटता दिखाई, 20 में से 18 पार्षद बैठक में पहुंचे, वार्ड नंबर दो के पार्षद बलविंद्र सिंह व वार्ड नंबर 3 से कैलाश गोयल बैठक में नहीं पहुंची। इसके विपरीत, मेयर रेणू बाला गुप्ता, सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग, डिप्टी मेयर मनोज वधवा, रामचंद्र काला, सतीश, विनोद ततोरिया, सुदेश गुलाटी, बाघ सिंह, मोहित कांबोज, यशपाल मित्तल, सुदर्शन सहित पार्षद और जो पार्षद नहीं आए उनके परिजन मीटिंग में उपस्थित रहे।

मैंने किसी को बेईमान नहीं कहा : भगवानदास कबीरपंथी  
नगर निगम के पार्षदों की ईमानदारी पर सवाल उठाने वाले और उन्हें कमीशनखोर कहने वाले भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष व नीलोखेड़ी के विधायक भगवानदास कबीरपंथी ने कहा कि उन्होंने किसी को बेईमान नहीं कहा है। अमर उजाला से फोन पर हुई बातचीत में विधायक ने कहा कि मैंने किसी पार्षद को बेईमान नहीं कहा है। विधायक ने तर्क दिया कि जो लोग ऐसा कह रहे हैं, वे वीडियो देखें, वीडियो देखने के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

कोई ठोस जवाब नहीं
तीन दिन से बेईमान शब्द प्रकरण को जन्म देकर मीडिया से दूरी बनाने वाले भाजपा जिलाध्यक्ष के पास अब किसी भी सवाल का ठोस जवाब नहीं है। अमर उजाला ने सोमवार को जिलाध्यक्ष से सवाल किए वे गोलमोल जवाब देकर टाल गए। किसी पार्षद के खिलाफ उनके पास भ्रष्टाचार के सबूत हैं या नहीं के सवाल पर कबीरपंथी ने कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा।


ये है विवाद की जड़
दरअसल असल विवाद की जड़ है वार्ड नंबर 14। यहां से पार्षद हैं विनोद तितोरिया। दूसरी ओर इस वार्ड में चल रहे विकास कार्यों को भाजपा के शहरी मंडल अध्यक्ष प्रवीन लाठर चेक करते हैं, इसको लेकर दोनों में तनातनी चल रही है। वार्ड में दखल को लेकर पार्षद पहले भी बैठक कर चुके हैं, वहीं दूसरी ओर प्रवीन लाठर ने यह मसला भाजपा कार्यकारिणी की बैठक में रखा। इस पर जिलाध्यक्ष कबीरपंथी ने बिना किसी का नाम लिए पार्षदों पर हमला बोला और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इस पर वहां पर मौजूद पार्षदों ने आरोपी पार्षद का नाम बताने के लिए हंगामा किया, लेकिन जिलाध्यक्ष ने किसी का नाम नहीं लिया। उस दिन के बाद से लगातार यह विवाद बढ़ रहा है।

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