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नहीं हो सका नई प्रॉपर्टी आईडी का समाधान, अब मंत्री ने संभाली कमान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 11 Oct 2022 02:12 AM IST
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Could not solve the new property ID, now the minister took charge
इसे सर्वे करने वाली कंपनी यॉशी की लापरवाही कहें या शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ढिलाई, लेकिन 10 महीने बाद भी शहर में नई प्रॉपर्टी आईडी लागू नहीं हो सकी है। अप्रैल महीने तक सर्वेयर कंपनी ने नई प्रॉपर्टी आईडी पर जिन 17 हजार आपत्तियां ली थी, उनका निराकरण भी अभी तक नहीं हो सका है। जिससे निगम को भी पुराने आईडी पर ही टैक्स जमा करवाना पड़ रहा है। राजस्व हानि भी हो रही है। ऐसे में प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय विभाग के मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने खुद ही इस समस्या का समाधान निकालने को कमान संभाली है। इसे लेकर वह 18 अक्तूबर को करनाल निगम कार्यालय में ही प्रदेशभर के निगमायुक्तों के साथ बैठक करेंगे। जिसका मुख्य मुद्दा प्रॉपर्टी ही बताया जा रहा है।
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पहला प्रॉपर्टी आईडी का सर्वे 2013 में हुआ था। जिसमें करीब 1.41 लाख संपत्तिधारक थे। दो साल पहले प्रदेश के अन्य नगरों की तरह करनाल शहर व जिले के अन्य निकायों का भी यॉशी कंपनी से ड्रोन सर्वे कराया गया। इसके तहत करनाल शहर में 1.62 लाख संपत्तियां हो गईं। करीब 21 हजार नई प्रॉपर्टी आईडी बनी। हालांकि अब नई प्रॉपर्टी की संख्या बढ़कर 1.65 लाख हो चुकी है। जब नई प्रॉपर्टी आईडी के री-असिस्मेंट नोटिस जारी किए गए तो खलबली मच गई, क्योंकि इनमें 60 प्रतिशत से अधिक त्रुटियां निकलीं। परिणाम ये रहा कि कंपनी ने घर-घर जाकर नए सिरे से सर्वे किया। इसके बाद नए सिरे से असिस्मेंट नोटिस बांटे गए, लेकिन खाली प्लॉट वाले या ऐसे 55 हजार संपत्तिधारक जो अभी अपनी संपत्ति पर नहीं रहते हैं, उन्हें नोटिस नहीं बांटे जा सके। हालांकि इसमें आधे बाद में नोटिस ले गए लेकिन बात फिर भी नहीं बनी। घर-घर जाकर सर्वे में भी भारी खामियां रहीं। इसके बाद कंपनी ने फिर आपत्तियां मांगी तो करीब 17 हजार आपत्तियां आईं। कंपनी ने कहा कि उनका ऑनलाइन निराकरण कर दिया, लेकिन अभी भी इन संपत्तिधारकों को निगम कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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30 अप्रैल थी अंतिम तिथि
प्रॉपर्टी आईडी में अपडेशन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित की गई थी, लेकिन यहां भी नई प्रॉपर्टी नहीं सुधर सकीं। इधर, यॉशी कंपनी ने करनाल शहर की संपत्ति आईडी की शिकायतों को लेना और सुनना बंद कर दिया। जिससे मामला ज्यों का त्यों लटक गया। आलम ये है कि हजारों प्रॉपर्टी आईडी अभी तक दुरुस्त नहीं है, संपत्तिधारक अभी भी निगम के चक्कर लगा रहे हैं। निगम के अधिकारी एक ही रटारटाया जवाब देते हैं कि यहां कंपनी का कोई कर्मचारी नहीं है। इसका परिणाम ये हुआ कि करनाल शहर में नई प्रॉपर्टी आईडी लागू नहीं हो सकीं। निगम को पुरानी आईडी पर ही कर जमा करने को कहना पड़ा है।
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कंपनी अधिकारियों को बुलाया
अब प्रॉपटी आईडी संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए 18 अक्तूबर को शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कमल गुप्ता सुबह 11 बजे करनाल पहुंचेंगे और यहीं पर प्रॉपर्टी संबंधी समस्याओं का समाधान करेंगे, इसमें यॉशी कंपनी के अधिकारियों को भी बुलाया गया है। साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों के निगमायुक्त भी यहां आएंगे। उनके जिले की समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा।
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