{"_id":"2d921ceb0f1063ee21a6487ccf513d77","slug":"congress-mp-attacked-the-government-s-own","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेसी सांसद का खुद की सरकार पर हमला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेसी सांसद का खुद की सरकार पर हमला
अमर उजाला, कैथ्ाल
Updated Tue, 05 Nov 2013 11:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैथल में राज्यसभा सांसद ईश्वर सिंह ने कहा कि गोहाना रैली के लिए यदि उन्हें सम्मान से निमंत्रण मिलता है तो वे अवश्य जाएंगे।
कैथल के अंबाला रोड स्थित बैल्ज रेस्तरां में पत्रकारों से बातचीत में मुलाना ने कहा कि रैली करना बुरी बात नहीं है, लेकिन सरकार रैली की बजाय गरीबों के लिए शुरू की गई कल्याणकारी योजना 100-100 वर्ग गज प्लाट गरीबों को दे तो जनता को इन योजनाओं का सही लाभ मिल पाएगा और रैली करने का अधिक फायदा होगा।
उन्होंने 100 वर्ग गज के प्लाटों की योजना के बारे में कहा कि यह योजना आज तक सही तरीके से सिरे नहीं चढ़ पाई और जिन गांवों में प्लाट दिए गए है, वहां केवल खानापूर्ति की गई है।
उन्हाेंने बताया कि वह इस योजना के बारे में जल्द ही अन्य कांग्रेसी नेताओं के साथ कांग्रेस हाईकमान से मिलेंगे और उन्हें सारी सच्चाई से अवगत करवाएंगे। सरकार को अगर योजनाओं को जनता तक सही लाभ पहुंचाना है तो दलित वर्ग से संबंध रखने वाले सांसदों की हर दो माह में मीटिंग बुलाए, जिसमें मानीटरिंग की जाए और समीक्षा करने के साथ-साथ योजनाओं में आ रही कमियों को दूर किया जाए।
विज्ञापन
इससे जनता को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल पाएगा। सांसद ईश्वर सिंह ने बताया कि गुहला चीका के कई गांव सुविधाओं में पिछड़े हुए हैं और वहां के लोगों का कहना है कि अगर उन्हें सुविधाएं नहीं दी जाती तो उन्हें पंजाब के अंदर शामिल कर लिया जाए।
उन्होंने बताया कि गुहला चीका में साढ़े 11 करोड़ रुपये से कई परियोजनाएं शुरू की जानी है, जिनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, बस सुविधा आदि शामिल हैं, क्योंकि इस क्षेत्र के 28 गांवों के लोगों ने न तो बस सुविधा देखी है और न ही मेडिकल। गोहाना रैली के बारे में पूछे गए प्रश्न पर ईश्वर सिंह ने कहा कि उन्हें अभी तक उनके पास कोई निमंत्रण नहीं मिला है।
अगर उन्हें सम्मान से रैली में बुलाया जाएगा और बोलने का अवसर दिया जाएगा तो ही वह रैली में जाएंगे। फिर एक बार अपनी ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष फूल चंद मुलाना पर जमकर बरसे।
प्रदेश अध्यक्ष पर बरसते हुए ईश्वर सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के प्रधान फूलचंद मौलाना पार्टी के प्रधान कहलवाते तो हैं, परंतु वह प्रधान बनकर तो दिखाएं।
विज्ञापन
कैथल के अंबाला रोड स्थित बैल्ज रेस्तरां में पत्रकारों से बातचीत में मुलाना ने कहा कि रैली करना बुरी बात नहीं है, लेकिन सरकार रैली की बजाय गरीबों के लिए शुरू की गई कल्याणकारी योजना 100-100 वर्ग गज प्लाट गरीबों को दे तो जनता को इन योजनाओं का सही लाभ मिल पाएगा और रैली करने का अधिक फायदा होगा।
उन्होंने 100 वर्ग गज के प्लाटों की योजना के बारे में कहा कि यह योजना आज तक सही तरीके से सिरे नहीं चढ़ पाई और जिन गांवों में प्लाट दिए गए है, वहां केवल खानापूर्ति की गई है।
विज्ञापन
उन्हाेंने बताया कि वह इस योजना के बारे में जल्द ही अन्य कांग्रेसी नेताओं के साथ कांग्रेस हाईकमान से मिलेंगे और उन्हें सारी सच्चाई से अवगत करवाएंगे। सरकार को अगर योजनाओं को जनता तक सही लाभ पहुंचाना है तो दलित वर्ग से संबंध रखने वाले सांसदों की हर दो माह में मीटिंग बुलाए, जिसमें मानीटरिंग की जाए और समीक्षा करने के साथ-साथ योजनाओं में आ रही कमियों को दूर किया जाए।
विज्ञापन
इससे जनता को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल पाएगा। सांसद ईश्वर सिंह ने बताया कि गुहला चीका के कई गांव सुविधाओं में पिछड़े हुए हैं और वहां के लोगों का कहना है कि अगर उन्हें सुविधाएं नहीं दी जाती तो उन्हें पंजाब के अंदर शामिल कर लिया जाए।
उन्होंने बताया कि गुहला चीका में साढ़े 11 करोड़ रुपये से कई परियोजनाएं शुरू की जानी है, जिनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, बस सुविधा आदि शामिल हैं, क्योंकि इस क्षेत्र के 28 गांवों के लोगों ने न तो बस सुविधा देखी है और न ही मेडिकल। गोहाना रैली के बारे में पूछे गए प्रश्न पर ईश्वर सिंह ने कहा कि उन्हें अभी तक उनके पास कोई निमंत्रण नहीं मिला है।
अगर उन्हें सम्मान से रैली में बुलाया जाएगा और बोलने का अवसर दिया जाएगा तो ही वह रैली में जाएंगे। फिर एक बार अपनी ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष फूल चंद मुलाना पर जमकर बरसे।
प्रदेश अध्यक्ष पर बरसते हुए ईश्वर सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के प्रधान फूलचंद मौलाना पार्टी के प्रधान कहलवाते तो हैं, परंतु वह प्रधान बनकर तो दिखाएं।