फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Congress faces the challenge of convincing its own people to cross the electoral hurdle.

Karnal News: चुनावी वैतरणी पार करने को कांग्रेस के सामने अपनों को मनाने की चुनौती

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 02 May 2024 05:56 AM IST
विज्ञापन
Congress faces the challenge of convincing its own people to cross the electoral hurdle.
भाजपाई कद्दावरों से मुकाबले के लिए कांग्रेस को खुद की एकता पर लगाना होगा एड़ी चोटी का जोर
विज्ञापन

देव शर्मा
करनाल। कांग्रेस हाईकमान की ओर से करनाल विधान सभा के उप चुनाव के लिए टिकट का पहले एलान नहीं हुआ था। अचानक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने तरलोचन सिंह का नामांकन बतौर कांग्रेस प्रत्याशी करा दिया है। हालांकि अभी चुनावी वैतरणी पार करने के लिए कांग्रेस को अपनों को मनाने की भी बड़ी चुनौती पार करनी होगी। क्योंकि आज लोकसभा व विधान सभा के प्रत्याशियों के नामांकन जैसे खास मौके पर भी कई बड़े चेहरे कार्यक्रम से नदारद रहे हैं। जिससे पार्टी में ऐन चुनाव के मौके पर भी गुटबाजी साफ झलक रही है।
लोकसभा से कांग्रेस ने दिव्यांशु बुद्धिराजा को उतारा है, जिनके सामने भाजपा के कद्दावर नेता व पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल जैसे सियासत के मंझे हुए खिलाड़ी हैं। वहीं, दूसरी ओर करनाल विधान सभा से साढ़े नौ साल तक विधायक रहे मनोहर लाल के त्याग पत्र देने के बाद रिक्त हुई सीट पर भाजपा के मौजूदा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भाजपा के प्रत्याशी हैं, ऐसे में कांग्रेस ने यहां पर तरलोचन सिंह को अपना प्रत्याशी उतारा है।
विज्ञापन

पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कांग्रेस में कद कितना बड़ा है, ये भी बुधवार को हुए घटनाक्रम से पता चलता है, क्योंकि कांग्रेस ने विधिवत रूप से विधान सभा में अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया था, लेकिन ऐन मौके पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा व प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने वरिष्ठ नेताओं से विचारविमर्श के बाद तरलोचन सिंह का नामांकन बतौर कांग्रेस प्रत्याशी दाखिल करा दिया। जब सेक्टर-12 के हुडा ग्राउंड में नामांकन से पहले जनसभा की गई तो उम्मीद थी कि कांग्रेस में टिकट को लेकर उपजी गुटबाजी अब खत्म हो जाएगी लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष रहीं कुमारी सैलजा के करीबी माने जाने वाले असंध के कांग्रेस विधायक शमशेर सिंह गोगी तो मंच पर दिखे, पानीपत के विधायक व पूर्व विधायक इंद्री भीम मेहता भी रहे लेकिन जिन नेताओं का नाम लोकसभा और विधानसभा सीट से कांग्रेस के तौर पर चल रहा था, उनमें से कई चेहरे आज भी नदारद दिखे। इसमें खास नामों में वीरेंद्र सिंह राठौर, पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा, उनके पुत्र चाणक्य पंडित, पूर्व विधायक सुमिता सिंह आदि नदारद रहे।

ये दीगर बात है कि कांग्रेस नेता पूरी कांग्रेस को एक बता रहे हैं लेकिन चुनाव की दृष्टि से इन चर्चित चेहरों की गैर मौजूदगी स्पष्ट रूप से इशारा करती है कि अभी कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed