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Karnal News: वारंटी में खराब फ्रीजर बदलने के लिए मांगी डेप्रिसिएशन राशि, अब उल्टा कंपनी को देना पड़ेगा हर्जाना
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। वारंटी में खराब हुए डीप फ्रीजर को कंपनी ठीक नहीं कर सकी, ऊपर से उसे बदलने के लिए उपभोक्ता से मूल्यह्रास (डेप्रिसिएशन) राशि भी मांग ली। इस पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार मानते हुए गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड को उपभोक्ता के 34 हजार रुपये लौटाने और 10 हजार रुपये मुआवजा व कानूनी खर्च देने का आदेश दिया है।
मामले में 18 महीने सुनवाई के बाद आए फैसले में कंपनी को 45 दिन के भीतर भुगतान करना होगा। उपभोक्ता भी खराब डीप फ्रीजर कंपनी को वापस सौंपेगा। मॉडल टाउन निवासी चिराग गाबा ने 24 मई 2023 को भगवान ट्रेडर्स से 34 हजार रुपये में गोदरेज का डीप फ्रीजर खरीदा था। उन्होंने विस्तारित वारंटी भी ली थी। कुछ समय बाद फ्रीजर में कूलिंग की समस्या आने लगी। 12 नवंबर 2024 को उन्होंने खराबी दूर कराने के लिए संपर्क किया लेकिन कई प्रयासों के बाद भी समस्या ठीक नहीं हुई। बाद में उपभोक्ता ने फ्रीजर बदलने की मांग की।
कंपनी ने आयोग में दलील दी कि जांच में इवेपोरेटर लीक मिला था और उसकी मरम्मत संभव नहीं थी। कंपनी ने डेप्रिसिएशन राशि लेकर नया फ्रीजर देने की पेशकश की थी, जिसे उपभोक्ता ने स्वीकार नहीं किया। कंपनी का तर्क था कि उपभोक्ता डेढ़ साल से अधिक समय तक उत्पाद इस्तेमाल कर चुका था।
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आयोग ने कहा- वारंटी में खराबी तो डेप्रिसिएशन राशि क्यों दें
आयोग के अध्यक्ष जसवंत सिंह और सदस्य नीरू अग्रवाल व सरवजीत कौर की पीठ ने मामले में बिल, विस्तारित वारंटी, संदेशों, ई-मेल और कानूनी नोटिस का अवलोकन किया। पीठ ने पाया कि वारंटी अवधि में खराबी आने के बाद भी उसे दूर नहीं किया जा सका। ऐसे में फ्रीजर बदलने के लिए डेप्रिसिएशन राशि मांगना उचित नहीं था। आयोग ने कंपनी की सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार मानते हुए हर्जाना लगाया। विक्रेता भगवान ट्रेडर्स और सर्विस सेंटर जय अम्बे रेफ्रिजरेशन के पेश नहीं होने पर उनके खिलाफ एकतरफा कार्यवाही की गई।
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करनाल। वारंटी में खराब हुए डीप फ्रीजर को कंपनी ठीक नहीं कर सकी, ऊपर से उसे बदलने के लिए उपभोक्ता से मूल्यह्रास (डेप्रिसिएशन) राशि भी मांग ली। इस पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार मानते हुए गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड को उपभोक्ता के 34 हजार रुपये लौटाने और 10 हजार रुपये मुआवजा व कानूनी खर्च देने का आदेश दिया है।
मामले में 18 महीने सुनवाई के बाद आए फैसले में कंपनी को 45 दिन के भीतर भुगतान करना होगा। उपभोक्ता भी खराब डीप फ्रीजर कंपनी को वापस सौंपेगा। मॉडल टाउन निवासी चिराग गाबा ने 24 मई 2023 को भगवान ट्रेडर्स से 34 हजार रुपये में गोदरेज का डीप फ्रीजर खरीदा था। उन्होंने विस्तारित वारंटी भी ली थी। कुछ समय बाद फ्रीजर में कूलिंग की समस्या आने लगी। 12 नवंबर 2024 को उन्होंने खराबी दूर कराने के लिए संपर्क किया लेकिन कई प्रयासों के बाद भी समस्या ठीक नहीं हुई। बाद में उपभोक्ता ने फ्रीजर बदलने की मांग की।
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कंपनी ने आयोग में दलील दी कि जांच में इवेपोरेटर लीक मिला था और उसकी मरम्मत संभव नहीं थी। कंपनी ने डेप्रिसिएशन राशि लेकर नया फ्रीजर देने की पेशकश की थी, जिसे उपभोक्ता ने स्वीकार नहीं किया। कंपनी का तर्क था कि उपभोक्ता डेढ़ साल से अधिक समय तक उत्पाद इस्तेमाल कर चुका था।
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आयोग ने कहा- वारंटी में खराबी तो डेप्रिसिएशन राशि क्यों दें
आयोग के अध्यक्ष जसवंत सिंह और सदस्य नीरू अग्रवाल व सरवजीत कौर की पीठ ने मामले में बिल, विस्तारित वारंटी, संदेशों, ई-मेल और कानूनी नोटिस का अवलोकन किया। पीठ ने पाया कि वारंटी अवधि में खराबी आने के बाद भी उसे दूर नहीं किया जा सका। ऐसे में फ्रीजर बदलने के लिए डेप्रिसिएशन राशि मांगना उचित नहीं था। आयोग ने कंपनी की सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार मानते हुए हर्जाना लगाया। विक्रेता भगवान ट्रेडर्स और सर्विस सेंटर जय अम्बे रेफ्रिजरेशन के पेश नहीं होने पर उनके खिलाफ एकतरफा कार्यवाही की गई।