{"_id":"623f6bdab6b2893d6560ff22","slug":"colonizers-are-encouraged-sewerage-started-connecting-in-the-main-line-karnal-news-knl10300090","type":"story","status":"publish","title_hn":"कॉलोनाइजरों के बढ़ने लगे हौसले, मैन लाइन में जोड़ने लगे सीवरेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कॉलोनाइजरों के बढ़ने लगे हौसले, मैन लाइन में जोड़ने लगे सीवरेज
विज्ञापन
गोगड़ीपुर फ्लाइओवर के समीप गिरड़े वाले पीर के समीप कटी अवैध कॉलोनी का सीवरंज को नगर निगम के सीवरे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करनाल। रिश्वत कांड मामले में डीटीपी विक्रम व तहसीलदार राजबख्श के जेल में जाने के बाद कॉलोनाइजरों के हौसले दोबारा बुलंद होने लगे हैं। उन्हें अब विजिलेंस की जांच का भी कोई डर नहीं है। कॉलोनाइजर अवैध कॉलोनी के सीवरेज को निगम के मुख्य सीवरेज लाइन से जोड़ने लगे हैं। ऐसा ही एक मामले गिरड़े वाले पीर के समीप सामने आया है। जहां कॉलोनाइजर ने अवैध कॉलोनी का सीवरेज निगम के सीवरेज से जोड़ दिया है। इतना ही नहीं सड़क पर गड्ढा भी सरेआम खुदा हुआ है।
इस ओर न तो नगर निगम अधिकारियों ने कोई ध्यान दिया और न ही जिला प्रशासन ने। इससे यह साफ है कि अवैध कॉलोनी का कार्य अभी तक रुका नहीं है। अभी भी अवैध कॉलोनी का खेल जारी है। यह कॉलोनी बंद राइस मिल की जगह पर काटी गई है। हालांकि डीटीपी रिश्वत कांड मामले में कई कॉलोनाइजरों, कर्मचारियों और डीड राइटरों के नाम सामने आ चुके हैं। जो डीटीपी विक्रम और तहसीलदार राजबख्श को रिश्वत के रुपये देते थे।
डीटीपी की इस कॉलोनी पर रही है खास मेहरबानी
कुछ महीने पहले डीटीटी विक्रम अवैध कॉलोनियों में कार्रवाई कर रहे थे। अवैध कॉलोनी में जाकर डीटीपी लोगों के घरों पर पीला पंजा लगा रहे थे और वहीं सीवरेज लाइन भी उखाड़ रहे थे लेकिन उस दौरान भी डीटीपी की इस कॉलोनी में खास महरबानी थी। इस कॉलोनी में डीटीपी ने दो बार कार्रवाई की लेकिन दोनों बार सिर्फ लोगों के घरों की नींव उखाड़ी और सीवरेज पाइप लाइन को छोड़ दिया।
विज्ञापन
कुछ महीनों में ही विकसित हो गई कॉलोनी
यह कॉलोनी कुछ महीनों में ही विकसित हो गई है। इस कॉलोनी में 70 प्रतिशत से अधिक प्लाट बिक चुके हैं तो वहीं मकान भी बन गए हैं जिनमें लोग रहे हैं इतना ही नहीं कॉलोनी में सड़क का भी निर्माण कार्य चल रहा है। पत्थर बिछाए जा रहे हैं।
वर्जन
अवैध कॉलोनी के सीवरेज को नगर निगम के सीवरेज में बिना अनुमति के जोड़ा है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। इसकी जांच के लिए आदेश दे दिए गए हैं।
-अनीश यादव, डीसी
विज्ञापन
इस ओर न तो नगर निगम अधिकारियों ने कोई ध्यान दिया और न ही जिला प्रशासन ने। इससे यह साफ है कि अवैध कॉलोनी का कार्य अभी तक रुका नहीं है। अभी भी अवैध कॉलोनी का खेल जारी है। यह कॉलोनी बंद राइस मिल की जगह पर काटी गई है। हालांकि डीटीपी रिश्वत कांड मामले में कई कॉलोनाइजरों, कर्मचारियों और डीड राइटरों के नाम सामने आ चुके हैं। जो डीटीपी विक्रम और तहसीलदार राजबख्श को रिश्वत के रुपये देते थे।
विज्ञापन
डीटीपी की इस कॉलोनी पर रही है खास मेहरबानी
कुछ महीने पहले डीटीटी विक्रम अवैध कॉलोनियों में कार्रवाई कर रहे थे। अवैध कॉलोनी में जाकर डीटीपी लोगों के घरों पर पीला पंजा लगा रहे थे और वहीं सीवरेज लाइन भी उखाड़ रहे थे लेकिन उस दौरान भी डीटीपी की इस कॉलोनी में खास महरबानी थी। इस कॉलोनी में डीटीपी ने दो बार कार्रवाई की लेकिन दोनों बार सिर्फ लोगों के घरों की नींव उखाड़ी और सीवरेज पाइप लाइन को छोड़ दिया।
विज्ञापन
कुछ महीनों में ही विकसित हो गई कॉलोनी
यह कॉलोनी कुछ महीनों में ही विकसित हो गई है। इस कॉलोनी में 70 प्रतिशत से अधिक प्लाट बिक चुके हैं तो वहीं मकान भी बन गए हैं जिनमें लोग रहे हैं इतना ही नहीं कॉलोनी में सड़क का भी निर्माण कार्य चल रहा है। पत्थर बिछाए जा रहे हैं।
वर्जन
अवैध कॉलोनी के सीवरेज को नगर निगम के सीवरेज में बिना अनुमति के जोड़ा है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। इसकी जांच के लिए आदेश दे दिए गए हैं।
-अनीश यादव, डीसी