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बैंक मैनेजर, पुलिसकर्मी और लैब टेक्नीशियन के बच्चे बनेंगे डॉक्टर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 03 Nov 2021 02:09 AM IST
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Children of bank manager, policeman and lab technician will become doctors
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। आंखों में सपने और उसे पूरा करने की नियत हो तो सब क ुछ मुमकिन है। इसी बात को ध्यान में रखकर मेहनत के साथ जिले के कई विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पास की है। इनमें ज्यादातर विद्यार्थी मध्यम वर्गीय परिवारों से हैं। किसी के पिता लैब टेक्नीशियन हैं तो कोई पुलिसकर्मी का बेटा है। हालांकि डॉक्टर और बैंक प्रबंधक के बच्चों ने भी परीक्षा पास की है। अब ये विद्यार्थी देश भर के नामी मेडिकल संस्थानों में पढ़ाई करके डॉक्टर बनेंगे। किसी ने पहले तो किसी ने दूसरे या तीसरे प्रयास में बाजी मारी है। इससे अभिभावकों में भी खुशी है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले इन विद्यार्थियों की इच्छा डॉक्टर बनकर मानवता की सेवा करना है।
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असफलता के बाद भी नहीं मानी हार
बैंक प्रबंधक के बेटे हार्दिक ढल ने बताया कि नीट की परीक्षा के लिए उसने कड़ी मेहनत की है। कभी भी असफलता पर हार नहीं मानी, दूसरे विद्यार्थियों को भी यही संदेश दिया। समूह बनाकर अपने सहपाठियों के साथ पढ़ाई की। अब डॉक्टर बनकर देश सेवा करना चाहता हूं।
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13 घंटे की पढ़ाई, न्यूरो सर्जन बनना है सपना
सीआईएसएफ के जवान राज सिंह के बेटे दीप सिमरणजीत सिंह का न्यूरो सर्जन बनने का सपना है। उन्होंने नीट की परीक्षा के लिए 13 घंटे रोजाना पढ़ाई की। पहले ही प्रयास में सफलता मिल गई। अन्य विद्यार्थियों को भी उन्होंने लगन से मेहनत करने की अपील की है। दिल्ली के अच्छे संस्थान में दाखिला मिलने की उम्मीद है।
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लॉकडाउन बनी बाधा, दूसरी बार में मिली सफलता
छात्रा महक ने दूसरे प्रयास में नीट की परीक्षा पास की है। लैब टेक्नीशियन पिता मोहन से प्रेरित होकर उन्होंने डॉक्टर बनने की ठानी है। महक ने बताया कि पिछले साल लॉकडाउन के कारण वह पढ़ाई नहीं कर पाई थी, इसलिए कम रैंक आई थी। अब दोबारा मेहनत कर परीक्षा पास की है। उसने विद्यार्थियों को नियमित टेस्ट देने और शिक्षकों के दिखाए मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
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