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बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मन मोहा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गणपति कॉन्वेंट स्कूल में शनिवार को वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने भारतीय त्योहारों, उत्सवों व भाईचारे पर आधारित लोकगीत के माध्यम से प्रस्तुतियां देकर समा बांधा। वार्षिक उत्सव उत्सव मुख्य थीम पर आधारित था। इस अवसर पर एसडीएम जसपाल सिंह गिल और चेयरमैन नरेन्द्र बिन्द्रा ने मुख अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान प्राइमरी विंग के बच्चों ने दीपावली व ओणम पर प्रस्तुति देकर समा बांधा, कक्षा नर्सरी से बारहवीं तक के बच्चों ने गणेश वंदना, बैसाखी पर्व, भगवान श्री कृष्ण की जीवन लीलाओं पर कोरियोग्राफी, ईद , गरबा, योग क्रियाएं, हरियाणवी लोक नृत्य नाटिका,भांगड़ा, रामायण पर कोरियोग्राफी पर प्रस्तुतियां देकर सबका मन मोह लिया। कक्षा दसवीं के छात्रों ने हरियाणवी लोक नृत्य प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर जसपाल सिंह गिल ने कहा कि छात्रों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के साथ-साथ जीवन में नैतिक मूल्यों के विकास पर बल देने चाहिए। भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे सर्वश्रेष्ठ संस्कृतियों में से एक है। जिसके बल पर भारत की विश्व में अलग पहचान है। युवा वर्ग को भारतीय धार्मिक महाकाव्यों का अध्ययन कर उनके आदर्शों को अपने जीवन में धारण करना चाहिए। उच्च शिक्षा ग्रहण करने के साथ साथ अपनी परंपराओं से जुड़ाव बनाए रखना अति आवश्यक है। आज के बच्चे देश के भविष्य के कर्णधार हैं। अच्छा नागरिक बनाने के लिए अध्यापकों के साथ ही अभिभावकों की बड़ी जिम्मेदारी है। चेयरमैन नरेंद्र बिंद्रा ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से बच्चों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है। बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है। संयमित तथा एकजुट होकर कार्य करने की प्रेरणा भी मिलती है। प्रधानाचार्या ममता वर्मा ने विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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बिलासपुर। गणपति कॉन्वेंट स्कूल में शनिवार को वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने भारतीय त्योहारों, उत्सवों व भाईचारे पर आधारित लोकगीत के माध्यम से प्रस्तुतियां देकर समा बांधा। वार्षिक उत्सव उत्सव मुख्य थीम पर आधारित था। इस अवसर पर एसडीएम जसपाल सिंह गिल और चेयरमैन नरेन्द्र बिन्द्रा ने मुख अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान प्राइमरी विंग के बच्चों ने दीपावली व ओणम पर प्रस्तुति देकर समा बांधा, कक्षा नर्सरी से बारहवीं तक के बच्चों ने गणेश वंदना, बैसाखी पर्व, भगवान श्री कृष्ण की जीवन लीलाओं पर कोरियोग्राफी, ईद , गरबा, योग क्रियाएं, हरियाणवी लोक नृत्य नाटिका,भांगड़ा, रामायण पर कोरियोग्राफी पर प्रस्तुतियां देकर सबका मन मोह लिया। कक्षा दसवीं के छात्रों ने हरियाणवी लोक नृत्य प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर जसपाल सिंह गिल ने कहा कि छात्रों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के साथ-साथ जीवन में नैतिक मूल्यों के विकास पर बल देने चाहिए। भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे सर्वश्रेष्ठ संस्कृतियों में से एक है। जिसके बल पर भारत की विश्व में अलग पहचान है। युवा वर्ग को भारतीय धार्मिक महाकाव्यों का अध्ययन कर उनके आदर्शों को अपने जीवन में धारण करना चाहिए। उच्च शिक्षा ग्रहण करने के साथ साथ अपनी परंपराओं से जुड़ाव बनाए रखना अति आवश्यक है। आज के बच्चे देश के भविष्य के कर्णधार हैं। अच्छा नागरिक बनाने के लिए अध्यापकों के साथ ही अभिभावकों की बड़ी जिम्मेदारी है। चेयरमैन नरेंद्र बिंद्रा ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से बच्चों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है। बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है। संयमित तथा एकजुट होकर कार्य करने की प्रेरणा भी मिलती है। प्रधानाचार्या ममता वर्मा ने विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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