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खेती में रसायनों के इस्तेमाल पर मुख्यमंत्री ने जताई चिंता

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jun 2022 02:06 AM IST
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Chief Minister expressed concern over the use of chemicals in agriculture
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। कृषि में रसायन के इस्तेमाल और उसके मानव स्वास्थ्य पर असर को लेकर मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि रसायनिक खादों के प्रयोग से अब खेत जहरीले हो रहे हैं और खाद्यान्नों का उत्पादन भी जहरीला हो चला है। ऐसे में हमें संकल्प लेना चाहिए कि न तो जहर बोएंगे और ना ही जहर खाएंगे। मुख्यमंत्री रविवार को डॉ. मंगलसैन सभागार में प्राकृतिक खेती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कृषि विभाग द्वारा बनाए गए पोर्टल पर अब तक प्रदेश के 1253 किसानों ने स्वेच्छा से प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए पंजीकरण करवाया है। एक समय था जब 1960 के दशक में देश में खाद्यान्नों की कमी हो गई थी। इसके लिए हरित क्रांति का आह्वान किया गया, जिसके चलते अंधाधुंध रसायनिक खादों का उपयोग हुआ और देश में अनाज के उत्पादन की कमी नहीं रही। ऐसे में प्राकृतिक खेती विकल्प के रूप में हमारे पास है, जिसे अपनाकर हम विभिन्न बीमारियों से बचाव कर सकते हैं। प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए केंद्र से जो बजट मिलेगा, उससे ज्यादा हरियाणा सरकार भी देगी। प्राकृतिक उत्पादन की टेस्टिंग की जानकारी लेने के लिए बाजार में भी तमाम उपकरण उपलब्ध हैं।
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मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की कृषि तकनीक प्रबंधन एजेंसी (आत्मा) से जुड़े तकनीकी सहायक प्रबंधक, खंड तकनीकी सहायक प्रबंधक और उपस्थित किसानों को कहा कि कृषि विभाग की आत्मा योजना सही मायने में रसायनिक खादों के अंधाधुंध उपयोगों से हमारे खेतों में पैदा हो रहे जहरीले खाद्यान्न को ठीक करने के लिए एक आवाज है। सिक्किम देश का पहला राज्य है जो पूरी तरह से प्राकृतिक खेती पर आ गया है। हिमाचल प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश में भी काफी कार्य हो रहा है। अब हरियाणा सरकार नई पहल करते हुए देसी गाय की खरीद पर सब्सिडी देने का कार्य करेगी।
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अब कहलाएंगे प्रकृतिशील किसान
करनाल। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगतिशील किसान अब प्रकृतिशील किसान कहलाएंगे क्योंकि प्राकृतिक खेती प्रकृति के नियमों के अनुसार की जानी है। इसके तहत हर खंड में एक प्रदर्शन प्लांट अवश्य बनाया जाए ताकि उस खंड के किसान उसका आसानी से लाभ उठा सकें। इस प्रकार प्रदेशभर में ज्यादा से ज्यादा प्रकृतिशील किसान तैयार किए जा सकेंगे। उन्होंने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत की सराहना की जिन्होंने प्राकृतिक खेती का प्रारूप देश के प्रधानमंत्री के समक्ष रखा है और गुरुकुल कुरुक्षेत्र में प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण संस्थान के लिए जमीन उपलब्ध करवाई है।

मानदेय तुरंत जारी करने के निर्देश
करनाल। एटीएम और बीटीएम से सीधा संवाद करते हुए मुख्यमंत्री के समक्ष यह जानकारी आई कि पिछले छह-सात माह से मासिक मानदेय नहीं मिला। इस पर उन्होंने तत्काल वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को दूरभाष पर निर्देश दिए कि तुरंत प्रभाव से इनका मानदेय जारी कर दिया जाए। वे नहीं चाहते कि किसी भी कर्मचारी का वेतन विलंब हो, यहां तक की गांव के चौकीदार और सफाई कर्मचारी का वेतन भी हर माह की सात तारीख तक जारी कर दिया जाता है।
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