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नहर को पाटने का काम हुआ पूरा

Amar Ujala Bureauअमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 19 May 2020 02:18 AM IST
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गांव रांवर में टूटी आवर्धन नहर की पटरी को पाटने का काम पूरा हो गया है। सोमवार को सुबह सात बजे नहर से गांव में होने वाले पानी के बहाव को रोक दिया गया। इसके बाद गांव में घुसे पानी को निकालने के लिए सात पंपिंग सेट लगे हैं। जिस जगह पर रविवार की शाम छह सात फुट तक पानी था, वहां सोमवार को सिर्फ ढलान वाले क्षेत्र में ही एक से डेढ़ फीट तक पानी जमा दिखाई दिया। ग्रामीणों का कहना है कि पानी निकासी के बाद भी जो जख्मी नहर ने दिया है उसको भरने में काफी वक्त लगेगा।
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रविवार की सुबह रांवर गांव के समीप आवर्धन नहर की पटरी टूटने के बाद गांव में कई फुट पानी भर गया। घरों में रखा सामान और फसल तबाह हो गयी। कई मकानों में दरार पड़ गयी, जिससे करोड़ों के नुकसान की संभावना जतायी जा रही है। गनीमत रही कि जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। जान बचाने के लिए ग्रामीण रातभर छतों पर रहे। मशक्कत के बाद सोमवार की सुबह नहरी की पटरी बांध दी गयी। इससे पहले रविवार रात को ही गांव में पानी अधिक बढ़ने के बाद इसे कई जगह से डायवर्ट भी किया गया। ऐसे में पानी गांव कुटेल में नवनिर्मित मेडिकल यूनिवर्सिटी, गांव ऊंचा समाना और गंजोगढ़ी के खेतों में पहुंच गया। इससे गांव के मकानों के अलावा यहां की भी सैकड़ों एकड़ सब्जी की फसल के खराब होने का अनुमान है। लगातार दूसरे दिन सोमवार को भी विधायक हरविंद्र कल्याण, डीसी निशांत यादव, एडीसी अनीश यादव भी अन्य अधिकारियों के साथ समाधान होने तक मौके पर डटे रहे।
जेसीबी से उठान और मिट्टी के डंफर दिन भर चलते रहे
आवर्धन नहर के कटाव के बाद नहर का पानी लेवल से नीचे किया गया। कटाव को रोकने के लिए जेसीबी मशीन व मिट्टी के डंपरों की व्यवस्था की गई। कटाव के भराव का कार्य काफी मुस्तैदी से किया गया है। कटाव पर काबू पा लिया गया है। काफी संख्या में मजदूर भी लगाए गए। तीन मशीनों की मदद से कटाव को पाटने का काम किया गया।
सुअर और मुर्गी फार्म में ज्यादा नुकसान
सरपंच जसबीर कौर के देवर व समाज सेवी दरबारा सिंह ने बताया कि नहर में कटाव के कारण जो नहर के तट के नीचे सूअर फार्म व मूर्गी फार्म बना है, वहीं भी नुकसान की आशंका है। जबकि गेहूं की फसल के बाद खेत खाली थे, परंतु कुछ खेतों में चारा था, उसका नुकसान हो सकता है।
राधा स्वामी सत्संग भवन और निर्मल कुटिया से तीनों समय आए 10 हजार खाने के पैकेट
गांव में हालात पर काबू पाने के लिए किसी भी ग्रामीण को जन-धन की हानि ना हो, इसके लिए पहले ही बंध बना दिए गए थे। ताकि पानी आगे ना बढ़े, वहीं जरूरत की चीजे पीने के पानी के टैंकर सुबह से ही भेज दिए गए थे। करीब 10 हजार खाने के पैकेट तीनों टाइम ग्रामीणों को दिए गए। खाने के लिए राधा स्वामी सत्संग, निर्मल कुटिया का भी विशेष सहयोग रहा। पानी के कारण पशु व आम आदमी में कोई बिमारी ना आए , इसके लिए डॉक्टरों की टीम को कश्यप धर्मशाला में बैठी।
कार्यकारी अभियंता बोले, कटाव पेड़ों की जड़ों और चूहों की सुरंगों से हो सकता है
सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता नवतेज सिंह ने बताया कि आवर्धन नहर के 60. 200 नंबर पर बाईं ओर अचानक पटरी में सुराख के कारण पानी का रिसाव हो गया था, जिसने कटाव का रूप ले लिया था। स्थिति को समझते हुए जिला प्रशासन व सिंचाई विभाग की टीम ने कटाव पर काबू पा लिया। इस कटाव को काबू करने में डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों का प्रयास भी बड़ा सराहनीय रहा। उन्होंने बताया कि जैसे ही कटाव का पता लगा तो यमुनानगर से नहर का पानी बंद कर दिया गया। समयानुसार पानी को डाउन किया गया, जिससे जेसीबी मशीन, मिट्टी के डम्पर व कट्टों के माध्यम से कटाव पर काबू पाया गया। यह ऑपरेशन काफी संवेदनशील था, परन्तु सभी के सहयोग ने इसे आसान बना दिया। सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों ने भी इस ऑपरेशन में विशेष सहयोग दिया। यह एक अचानक कटाव था, जो कि पेड़ की जड़ों व चूहे के सुरागों से भी हो सकता है।
नुकसान की रिपोर्ट सरकार को भेजेंगे, मिलेगी हर संभव मदद : विधायक
विधायक हरविंद्र कल्याण ने सोमवार को भी एडीसी अनीश यादव, एसडीएम नरेंद्र पाल, डीआरओ श्यामलाल, तहसीलदार व अन्य अधिकारियों के साथ पूरे गांव का दौरा किया। वे पूरा समय वहीं पर रहे और हर घर के हालात जाने। उन्होंने एडीसी को निर्देश दिए कि पूरे गांव के नुकसान की सही तरीके से रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि सरकार को भेजी जाए।
बिजली की व्यवस्था हुई, अब नुकसान का कर रहे आंकलन : डीसी
डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि पानी निकलने के बाद गांव में बिजली की व्यवस्था दुरूस्त की गई है। खाने पीने, दवा और मेडिकल के भी इंतजाम किए गए हैं। आज के बाद कटाव के कारण हुए नुकसान का आकलंन किया जाएगा।
एक बार तो बन गई थी भय की स्थिति, बाद में संभले : सरपंच प्रतिनिधि
गांव के सरपंच जसबीर कौर के देवर व समाज सेवी दरबारा सिंह ने बताया कि एक बार तो ग्रामिणों में भय की स्थिति बन गई थी, परंतु प्रशासन व सामाजिक संस्थाओं ने ग्रामीणों का इस मुसीबत की घड़ी में हर संभव सहयोग किया। खाने से लेकर पीने का पानी, दवाइयां जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को दिया जा रहा है।
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