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Karnal News: कनाडा के मेहमानों को भायी हरियाणवी संस्कृति, जानी पंचायती राज व्यवस्था
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणवी संस्कृति के साथ-साथ सब्जियों की खेती, मछली पालन तकनीक व पंचायती राज व्यवस्था के मॉडल ने विदेशियों को आकर्षित किया। बुधवार को कनाडा के विधानसभा अध्यक्ष रैंडी वीक्स की अगुवाई में पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल करनाल पहुंचा। इसमें शामिल प्रतिनिधियों ने बुटाना गांव में सुल्तान मछली फॉर्म पर जाकर मछलियों को पालने की तकनीक देखी। फिर सुल्तानपुर के पंचायत भवन में पहुंचे जहां एडीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने उन्हें पंचायती राज व्यवस्था की बारीकियों को समझाया। यहां उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र का भी दौरा किया। साथ ही उन्होंने हरियाणवी संस्कृति को जाना। प्रतिनिधियों ने कहा कि हरियाणा और कनाडा के बीच सांस्कृतिक व व्यावसायिक रिश्ते बेहतर होंगे।
प्रतिनिधिमंडल का एडीसी डॉ.वैशाली शर्मा व ग्रामीणों ने स्वागत किया। प्रतिनिधि मंडल में विधानसभा के अध्यक्ष रैंडी वीक्स, विधानसभा की क्लर्क आइरिस लैंग, विधानसभा के सदस्य वारेन केडिंग, विधानसभा के सदस्य नथानिएल टीड, व्यापार और निर्यात विकास मंत्रालय में अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के निदेशक स्कॉट हंटर शामिल थे। कनाडाई प्रतिनिधिमंडल सबसे पहले बुटाना गांव स्थित सुल्तान सिंह के मछली फॉर्म पर पहुंचा। यहां मत्स्य पालक सुल्तान सिंह ने अत्याधुनिक तकनीक से किए जा रहे मछली पालन के बारे में समझाया। उन्होंने तकनीक को समझने में काफी रुचि भी दिखाई।
सुल्तान सिंह ने मछली की प्रजनन प्रक्रिया को भी समझाया। उन्होंने संभावना जताई कि ये व्यवसाय का बेहतर साधन हो सकता है। इसके बाद कनाडाई प्रतिनिधिमंडल गांव सुल्तानपुर पहुंचा। यहां पंचायत भवन में सरपंच व अन्य प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बातचीत करके हरियाणवी संस्कृति व पंचायती राज व्यवस्था को समझा। एडीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने हरियाणा में पंचायती राज व्यवस्था के बीच किस तरह सरपंच गांव की व्यवस्थाओं को संचालित करता है। पंच, ग्राम सचिव, बीडीपीओ और डीडीपीओ क्या-क्या भूमिका होती है। प्रतिनिधियों ने पंचायतों की चुनाव प्रक्रिया को भी समझा।
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आंगनबाड़ी का किया दौरा
इसी गांव में आंगनबाड़ी केंद्र का दौरा कर वहां बच्चों से बातचीत की। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल घरौंडा इंडो-इजराइल सब्जी उत्कृष्टता केंद्र पहुंचा और यहां उपनिदेशक डाॅ. सुधीर कुमार यादव ने पीपीटी के माध्यम से वहां पर उगाई जा रही सब्जी की विभिन्न किस्मों की फसलों की नई-नई तकनीकियों, टमाटर आदि सब्जियों की नई किस्मों की जानकारी देने के साथ ही ये भी बताया कि इनसे 60 से 70 प्रतिशत तक पानी की बचत की जा रही है। मौके पर एडीसी डॉ. वैशाली शर्मा, डीडीपीओ राजबीर खुंडिया, गांव सुल्तानपुर के सरपंच, पंच व जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। विदेशी प्रतिनिधियों ने कहा कि इससे हरियाणा व कनाडा के बीच सांस्कृतिक व व्यावसायिक रिश्ते बेहतर बनेंगे। ये दौरा उन्हें हमेशा याद रहेगा। जनसंपर्क विभाग के सुमेरपाल ने कनाडा के प्रतिनिधिमंडल को हरियाणवी पगड़ी बांधी।
विदेशियों को भाया करनाल का चूरमा
कनाडा के प्रतिनिधिमंडल में शामिल विधानसभा अध्यक्ष रैंडी वीक्स सहित सभी प्रतिनिधियों को सुलतानपरु गांव में हरियाणवी खाना परोसा गया। चूरमा चखा तो मेहमान मुस्कुरा उठे। अपनी भाषा में एक दूसरे से चूरमा की तारीफ करने लगे। मेहमानों को खीर और बाजरे की रोटी ने भी खूब रिझाया। हुक्के के बारे में भी जाना, ग्रामीणों को हुक्का गुड़गुड़ाते देख खुश हुए।
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करनाल। हरियाणवी संस्कृति के साथ-साथ सब्जियों की खेती, मछली पालन तकनीक व पंचायती राज व्यवस्था के मॉडल ने विदेशियों को आकर्षित किया। बुधवार को कनाडा के विधानसभा अध्यक्ष रैंडी वीक्स की अगुवाई में पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल करनाल पहुंचा। इसमें शामिल प्रतिनिधियों ने बुटाना गांव में सुल्तान मछली फॉर्म पर जाकर मछलियों को पालने की तकनीक देखी। फिर सुल्तानपुर के पंचायत भवन में पहुंचे जहां एडीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने उन्हें पंचायती राज व्यवस्था की बारीकियों को समझाया। यहां उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र का भी दौरा किया। साथ ही उन्होंने हरियाणवी संस्कृति को जाना। प्रतिनिधियों ने कहा कि हरियाणा और कनाडा के बीच सांस्कृतिक व व्यावसायिक रिश्ते बेहतर होंगे।
प्रतिनिधिमंडल का एडीसी डॉ.वैशाली शर्मा व ग्रामीणों ने स्वागत किया। प्रतिनिधि मंडल में विधानसभा के अध्यक्ष रैंडी वीक्स, विधानसभा की क्लर्क आइरिस लैंग, विधानसभा के सदस्य वारेन केडिंग, विधानसभा के सदस्य नथानिएल टीड, व्यापार और निर्यात विकास मंत्रालय में अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के निदेशक स्कॉट हंटर शामिल थे। कनाडाई प्रतिनिधिमंडल सबसे पहले बुटाना गांव स्थित सुल्तान सिंह के मछली फॉर्म पर पहुंचा। यहां मत्स्य पालक सुल्तान सिंह ने अत्याधुनिक तकनीक से किए जा रहे मछली पालन के बारे में समझाया। उन्होंने तकनीक को समझने में काफी रुचि भी दिखाई।
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सुल्तान सिंह ने मछली की प्रजनन प्रक्रिया को भी समझाया। उन्होंने संभावना जताई कि ये व्यवसाय का बेहतर साधन हो सकता है। इसके बाद कनाडाई प्रतिनिधिमंडल गांव सुल्तानपुर पहुंचा। यहां पंचायत भवन में सरपंच व अन्य प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बातचीत करके हरियाणवी संस्कृति व पंचायती राज व्यवस्था को समझा। एडीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने हरियाणा में पंचायती राज व्यवस्था के बीच किस तरह सरपंच गांव की व्यवस्थाओं को संचालित करता है। पंच, ग्राम सचिव, बीडीपीओ और डीडीपीओ क्या-क्या भूमिका होती है। प्रतिनिधियों ने पंचायतों की चुनाव प्रक्रिया को भी समझा।
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आंगनबाड़ी का किया दौरा
इसी गांव में आंगनबाड़ी केंद्र का दौरा कर वहां बच्चों से बातचीत की। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल घरौंडा इंडो-इजराइल सब्जी उत्कृष्टता केंद्र पहुंचा और यहां उपनिदेशक डाॅ. सुधीर कुमार यादव ने पीपीटी के माध्यम से वहां पर उगाई जा रही सब्जी की विभिन्न किस्मों की फसलों की नई-नई तकनीकियों, टमाटर आदि सब्जियों की नई किस्मों की जानकारी देने के साथ ही ये भी बताया कि इनसे 60 से 70 प्रतिशत तक पानी की बचत की जा रही है। मौके पर एडीसी डॉ. वैशाली शर्मा, डीडीपीओ राजबीर खुंडिया, गांव सुल्तानपुर के सरपंच, पंच व जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। विदेशी प्रतिनिधियों ने कहा कि इससे हरियाणा व कनाडा के बीच सांस्कृतिक व व्यावसायिक रिश्ते बेहतर बनेंगे। ये दौरा उन्हें हमेशा याद रहेगा। जनसंपर्क विभाग के सुमेरपाल ने कनाडा के प्रतिनिधिमंडल को हरियाणवी पगड़ी बांधी।
विदेशियों को भाया करनाल का चूरमा
कनाडा के प्रतिनिधिमंडल में शामिल विधानसभा अध्यक्ष रैंडी वीक्स सहित सभी प्रतिनिधियों को सुलतानपरु गांव में हरियाणवी खाना परोसा गया। चूरमा चखा तो मेहमान मुस्कुरा उठे। अपनी भाषा में एक दूसरे से चूरमा की तारीफ करने लगे। मेहमानों को खीर और बाजरे की रोटी ने भी खूब रिझाया। हुक्के के बारे में भी जाना, ग्रामीणों को हुक्का गुड़गुड़ाते देख खुश हुए।