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केयू के खेल प्रांगण में एनसीसी प्रशिक्षण शिविर का तीसरा दिन संपन्न
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। केयू के खेल प्रांगण में चल रहे एनसीसी प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन कैडेट्स ने डॉ. निरुपमा और मनोज कुमार के मार्गदर्शन में योगाभ्यास किया। इस दौरान एएनओ द्वारा पर्सनालिटी डेवलपमेंट व फायरिंग की क्लास चलाई गई और पीआई स्टाफ द्वारा कंपास, फायरिंग, वेपन ट्रेनिंग, ड्रिल आदि की कक्षाएं चलाई गईं। इस दौरान मारकंडा नेशनल कॉलेज शाहाबाद मारकंडा के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार व डीएवी कॉलेज साढौरा के प्राचार्य डॉ. रणपाल ने शिरकत की। इसके अलावा कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र सिंह रावत ने दैनिक गतिविधियों के बारे में अवगत कराया।
डॉ. अशोक कुमार ने सभी 650 कैडेट्स से बातचीत की और शिविर की सभी गतिविधियों से होने वाले लाभों के बारे में बताया। उन्होंने बताया की एनसीसी को सेकंड लाइन ऑफ डिफेंस भी कहा जाता है, क्योंकि यह देश में संकट आने पर हमारी तीनों सेनाओं के साथ मिलकर कार्य करने में सक्षम होती है। प्राचार्य डॉ. रण पाल ने कैडेट्स को बताया कि उन्होंने एनसीसी के माध्यम से वह सेना में बतौर अधिकारी व सिपाही जा सकते हैं, क्योंकि आज देश का सुरक्षा का जिम्मा उन्हीं के कंधों पर निर्भर है।
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कुरुक्षेत्र। केयू के खेल प्रांगण में चल रहे एनसीसी प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन कैडेट्स ने डॉ. निरुपमा और मनोज कुमार के मार्गदर्शन में योगाभ्यास किया। इस दौरान एएनओ द्वारा पर्सनालिटी डेवलपमेंट व फायरिंग की क्लास चलाई गई और पीआई स्टाफ द्वारा कंपास, फायरिंग, वेपन ट्रेनिंग, ड्रिल आदि की कक्षाएं चलाई गईं। इस दौरान मारकंडा नेशनल कॉलेज शाहाबाद मारकंडा के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार व डीएवी कॉलेज साढौरा के प्राचार्य डॉ. रणपाल ने शिरकत की। इसके अलावा कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र सिंह रावत ने दैनिक गतिविधियों के बारे में अवगत कराया।
डॉ. अशोक कुमार ने सभी 650 कैडेट्स से बातचीत की और शिविर की सभी गतिविधियों से होने वाले लाभों के बारे में बताया। उन्होंने बताया की एनसीसी को सेकंड लाइन ऑफ डिफेंस भी कहा जाता है, क्योंकि यह देश में संकट आने पर हमारी तीनों सेनाओं के साथ मिलकर कार्य करने में सक्षम होती है। प्राचार्य डॉ. रण पाल ने कैडेट्स को बताया कि उन्होंने एनसीसी के माध्यम से वह सेना में बतौर अधिकारी व सिपाही जा सकते हैं, क्योंकि आज देश का सुरक्षा का जिम्मा उन्हीं के कंधों पर निर्भर है।
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